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नाइजीरियन सरगना और हवाला के दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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फरीदपुर (बरेली)। हवाला लेनदेन के मामले में पकड़े गए नाइजीरियन रॉबर्ट ओटूजेमे और उसके गैंग के भूरे खां की गौंटिया में रहने वाले मेहंदी हसन और उसके बेटे अरबाज खान के खिलाफ थाना फरीदपुर में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि नाइजीरियन बिना पासपोर्ट और वीजा के दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में 10 वर्षों से रह रहा था और अवैध तरीके से रुपयों का लेनदेन कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक रॉबर्ट ओटूजेमे, ऐरोमी ओजो गवर्नमेंट एरिया लागोस नाइजीरिया का निवासी है। उसने बताया कि फरीदपुर में भूरे खां की गौंटिया निवासी हरपाल और अरबाज खान के खाते में उसके दोस्त कीजोटो ने राजस्थान, दिल्ली और नोएडा में खुलवाए खातों में करीब 80 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। रुपये आने के बाद आरोपियों ने फोन बंद कर लिए। वह उनकी तलाश में यहां आया था, लेकिन पकड़ा गया। शुक्रवार को उसे जेल भेजा जाएगा।
एसपी क्राइम सुशील कुमार ने बताया कि हरपाल का असली नाम मेहंदी हसन है। उसने फर्जी नाम से राजस्थान और नोएडा में एक-एक बैंक खाता खुलवा रखा है। अरबाज उसका बेटा है। उसने भी दिल्ली में दो खाते खुलवा रखे हैं। इन्हीं चारों खातों में चार बार में करीब 80 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। मेहंदी हसन और अरबाज को पुलिस तलाश रही है, दोनों परिवार समेत घरों में ताला डालकर फरार हैं।
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जांच को दिल्ली भेजी गई टीम
पुलिस ने बैंक को ई-मेल करके मेहंदी और अरबाज के चारों बैंक खातों की डिटेल भी मांगी है। राजस्थान की स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में मेहंदी के हरपाल नाम से खुलवाए गए खाते में करीब 21 लाख रुपये का लेनदेन सामने आया है। इस खाते में अभी करीब साढ़े पांच लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा नाइजीरियन के दिल्ली में द्वारका स्थित ठिकाने की तलाशी के लिए भी एक टीम वहां भेजी गई है।
24 घंटे पूछताछ के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
नाइजीरियन ने पुलिस को जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं किया। पहले तो वह मेहंदी और अरबाज के खिलाफ शिकायत करता रहा। मगर जब वह खुद फंसा तो हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं से अनजान बन गया। इसके चलते पुलिस को उससे पूछताछ में काफी परेशानी हुई। बुधवार दोपहर बाद उसे हिरासत में लेकर बृहस्पतिवार शाम को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा सकी।
इन धाराओं में कार्रवाई
नाइजीरियन रॉबर्ट, मेहंदी हसन और उसके बेटे के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा 420, फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपयोग करने की धारा 467, 468, 471, हुलिया बदलने की धारा 419, आईटी एक्ट 66 डी, पासपोर्ट एक्ट की धारा 67 और विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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दस साल से हुलिया बदलकर दिल्ली में छिपा था नाइजीरियन
- दो साल से मेहंदी और अरबाज के साथ कर रहा था हवाला का धंधा
- आर्मी इंटेलिजेंस और आईबी समेत कई टीमों ने की लंबी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। नाइजीरियन रॉबर्ट वर्ष 2011 में भारत आया था और फिर दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रहने लगा। लोग उस पर शक न करें इसलिए उसने अपना हुलिया भी बदल लिया। फ्रेंच कट दाढ़ी और बाल छोटे कराकर वह यहां अपना धंधा फैलाने लगा।
नाइजीरियन ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2011 में भारत आया था। यहां उसका पासपोर्ट खो गया और वीजा एक्सपायर हो गया, जिसके कारण वह दिल्ली में रहकर इस धंधे में जुट गया। पुलिस ने सवाल किए तो उसने बड़ी सफाई से खुद को फाइनेंस सेक्टर से जुड़ा बता दिया। उसने बताया कि मेहंदी और अरबाज से उसकी फेसबुक पर मुलाकात हुई थी। मेहंदी, उसे हरपाल बनकर मिला था। फिर मेहंदी और अरबाज ने उसे चार बैंक खाते उपलब्ध कराए। इन खातों में ही उसके दोस्त कीजोटो ने करीब 80 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह बैंक खाते वर्ष 2019 में खुलवाने की बात सामने आई है, इस आधार पर कहा जा रहा है कि दोनों करीब दो साल से नाइजीरियन के संपर्क में आकर हवाला का धंधा कर रहे थे।
मोहल्ले वालों को भी फंसाया
पुलिस जांच में सामने आया है कि मेहंदी हसन ने मोहल्ले के लोगों को भी चूना लगाया। भूरे खां की गौंटिया में रहने वाले गुलाम साबिर ने पुलिस को बताया कि मेहंदी और उसका बेटा अरबाज बड़े ठग हैं। कुछ समय पहले बाप-बेटे ने उसके नाम से भी एक बैंक खाता खुलवाकर लाखों रुपये का लेनदेन कर लिया। जब यह मामला खुला तो उसको जेल जाना पड़ा।
खंगाली जा रही कॉल डिटेल
यह मामला हवाला से जुड़ा होने के चलते सभी खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। फरीदपुर थाने पहुंचकर आर्मी इंटेलिजेंस, आईबी और एलआईयू समेत अन्य टीमों ने उससे पूछताछ की। एसओजी भी उससे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।
वर्जन
नाइजीरियन को गिरफ्तार कर पासपोर्ट अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मुकदमे में नामजद दो अन्य अभियुक्तों की तलाश में एसओजी समेत कई टीमों को लगाया गया है। जल्दी ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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पुलिस के मुताबिक रॉबर्ट ओटूजेमे, ऐरोमी ओजो गवर्नमेंट एरिया लागोस नाइजीरिया का निवासी है। उसने बताया कि फरीदपुर में भूरे खां की गौंटिया निवासी हरपाल और अरबाज खान के खाते में उसके दोस्त कीजोटो ने राजस्थान, दिल्ली और नोएडा में खुलवाए खातों में करीब 80 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। रुपये आने के बाद आरोपियों ने फोन बंद कर लिए। वह उनकी तलाश में यहां आया था, लेकिन पकड़ा गया। शुक्रवार को उसे जेल भेजा जाएगा।
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एसपी क्राइम सुशील कुमार ने बताया कि हरपाल का असली नाम मेहंदी हसन है। उसने फर्जी नाम से राजस्थान और नोएडा में एक-एक बैंक खाता खुलवा रखा है। अरबाज उसका बेटा है। उसने भी दिल्ली में दो खाते खुलवा रखे हैं। इन्हीं चारों खातों में चार बार में करीब 80 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। मेहंदी हसन और अरबाज को पुलिस तलाश रही है, दोनों परिवार समेत घरों में ताला डालकर फरार हैं।
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जांच को दिल्ली भेजी गई टीम
पुलिस ने बैंक को ई-मेल करके मेहंदी और अरबाज के चारों बैंक खातों की डिटेल भी मांगी है। राजस्थान की स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में मेहंदी के हरपाल नाम से खुलवाए गए खाते में करीब 21 लाख रुपये का लेनदेन सामने आया है। इस खाते में अभी करीब साढ़े पांच लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा नाइजीरियन के दिल्ली में द्वारका स्थित ठिकाने की तलाशी के लिए भी एक टीम वहां भेजी गई है।
24 घंटे पूछताछ के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
नाइजीरियन ने पुलिस को जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं किया। पहले तो वह मेहंदी और अरबाज के खिलाफ शिकायत करता रहा। मगर जब वह खुद फंसा तो हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं से अनजान बन गया। इसके चलते पुलिस को उससे पूछताछ में काफी परेशानी हुई। बुधवार दोपहर बाद उसे हिरासत में लेकर बृहस्पतिवार शाम को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा सकी।
इन धाराओं में कार्रवाई
नाइजीरियन रॉबर्ट, मेहंदी हसन और उसके बेटे के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा 420, फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपयोग करने की धारा 467, 468, 471, हुलिया बदलने की धारा 419, आईटी एक्ट 66 डी, पासपोर्ट एक्ट की धारा 67 और विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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दस साल से हुलिया बदलकर दिल्ली में छिपा था नाइजीरियन
- दो साल से मेहंदी और अरबाज के साथ कर रहा था हवाला का धंधा
- आर्मी इंटेलिजेंस और आईबी समेत कई टीमों ने की लंबी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। नाइजीरियन रॉबर्ट वर्ष 2011 में भारत आया था और फिर दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रहने लगा। लोग उस पर शक न करें इसलिए उसने अपना हुलिया भी बदल लिया। फ्रेंच कट दाढ़ी और बाल छोटे कराकर वह यहां अपना धंधा फैलाने लगा।
नाइजीरियन ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2011 में भारत आया था। यहां उसका पासपोर्ट खो गया और वीजा एक्सपायर हो गया, जिसके कारण वह दिल्ली में रहकर इस धंधे में जुट गया। पुलिस ने सवाल किए तो उसने बड़ी सफाई से खुद को फाइनेंस सेक्टर से जुड़ा बता दिया। उसने बताया कि मेहंदी और अरबाज से उसकी फेसबुक पर मुलाकात हुई थी। मेहंदी, उसे हरपाल बनकर मिला था। फिर मेहंदी और अरबाज ने उसे चार बैंक खाते उपलब्ध कराए। इन खातों में ही उसके दोस्त कीजोटो ने करीब 80 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह बैंक खाते वर्ष 2019 में खुलवाने की बात सामने आई है, इस आधार पर कहा जा रहा है कि दोनों करीब दो साल से नाइजीरियन के संपर्क में आकर हवाला का धंधा कर रहे थे।
मोहल्ले वालों को भी फंसाया
पुलिस जांच में सामने आया है कि मेहंदी हसन ने मोहल्ले के लोगों को भी चूना लगाया। भूरे खां की गौंटिया में रहने वाले गुलाम साबिर ने पुलिस को बताया कि मेहंदी और उसका बेटा अरबाज बड़े ठग हैं। कुछ समय पहले बाप-बेटे ने उसके नाम से भी एक बैंक खाता खुलवाकर लाखों रुपये का लेनदेन कर लिया। जब यह मामला खुला तो उसको जेल जाना पड़ा।
खंगाली जा रही कॉल डिटेल
यह मामला हवाला से जुड़ा होने के चलते सभी खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। फरीदपुर थाने पहुंचकर आर्मी इंटेलिजेंस, आईबी और एलआईयू समेत अन्य टीमों ने उससे पूछताछ की। एसओजी भी उससे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।
वर्जन
नाइजीरियन को गिरफ्तार कर पासपोर्ट अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मुकदमे में नामजद दो अन्य अभियुक्तों की तलाश में एसओजी समेत कई टीमों को लगाया गया है। जल्दी ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी