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Bareilly News: बारिश के बाद आरोग्य मेले में खुजली, बुखार के मरीज बढ़े
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बरेली। बारिश, उमस और तेज धूप से तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। नतीजा, जरा सी अनदेखी से बुखार समेत बैक्टीरियल और वायरल बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। रविवार को आरोग्य मेले में वायरल समेत त्वचा रोग की चपेट में आए मरीजों की तादाद अधिक रही।
आरोग्य मेले की रिपोर्ट के अनुसार इलाज के लिए पहुंचे करीब 36 सौ मरीजों में 887 मरीज त्वचा रोगों के रहे। एसीएमओ डॉ. पवन कपाही के मुताबिक, त्वचा रोग का इलाज लंबा चलता है। ज्यादातर मरीज दवा और परामर्श के लिए पहुंचे थे।
बारिश के मौसम में ज्यादा देर तक भीगे रहने और गीले कपड़े पहनने से त्वचा पर रैशेज और फिर वहां खुजली होने लगती है। अनदेखी पर दाद, खाज की शिकायत हो सकती है। केंद्रों पर सभी दवाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। जो मरीज आए उन्हें दवा के साथ बचाव का परामर्श भी दिया गया।
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अन्य मरीजों का भी इलाज किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक, मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव रहता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी सामान्य दिनों से प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं को भी सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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आरोग्य मेले की रिपोर्ट के अनुसार इलाज के लिए पहुंचे करीब 36 सौ मरीजों में 887 मरीज त्वचा रोगों के रहे। एसीएमओ डॉ. पवन कपाही के मुताबिक, त्वचा रोग का इलाज लंबा चलता है। ज्यादातर मरीज दवा और परामर्श के लिए पहुंचे थे।
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बारिश के मौसम में ज्यादा देर तक भीगे रहने और गीले कपड़े पहनने से त्वचा पर रैशेज और फिर वहां खुजली होने लगती है। अनदेखी पर दाद, खाज की शिकायत हो सकती है। केंद्रों पर सभी दवाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। जो मरीज आए उन्हें दवा के साथ बचाव का परामर्श भी दिया गया।
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अन्य मरीजों का भी इलाज किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक, मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव रहता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी सामान्य दिनों से प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं को भी सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।