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अब ऑक्सीजन की कमी से नहीं उखड़ेंगी संक्रमितों की सांसें

Tue, 28 Dec 2021 01:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 01:10 AM IST
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Now the breath of the infected will not be uprooted due to lack of oxygen
बहेड़ी सीएचसी पर लगा आक्सीजन प्लांट।
कोविड चिकित्सालय में बदला गया सेंसर, सीएचसी पर लगे प्लांट भी सक्रिय
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जिला अस्पताल में भी जल्द स्थापित होगा ऑक्सीजन प्लांट, स्थान चिह्नित
बरेली। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों और उनके परिजन को सबसे ज्यादा मारामारी ऑक्सीजन के लिए करनी पड़ी। जिन्हें वक्त पर ऑक्सीजन नहीं मिल पाई, उनकी सांसें उखड़ गईं। इससे सबक लेकर स्वास्थ्य विभाग ने संभावित तीसरी लहर के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कर ली है। बड़े कोविड केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट समेत सभी सीएचसी पर ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ ही, कन्संट्रेटर का इंतजाम किया गया है। सोमवार को अमर उजाला टीम ने ऑक्सीजन के इंतजाम की पड़ताल की।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब संक्रमितों की तादाद प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा पहुंच गई थी तो मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बेहद बढ़ गई। अचानक बढ़ी मांग के चलते मरीजों को अस्पताल में भी ऑक्सीजन मुहैया कराना मुश्किल हो गया। कई अस्पतालों ने ऑक्सीजन समाप्त होने का नोटिस भी चस्पा कर दिया था। पिछले दिनों ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का आंकड़ा केंद्र और प्रदेश सरकार ने मांगा था। मगर विभाग के आंकड़ों में कोई मौत ऑक्सीजन की कमी से दर्ज नहीं की गई। जो मौतें र्हुइं उनमें कोरोना संक्रमण अथवा संक्रमित के अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित होना वजह बताई गई।
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हालांकि निजी चिकित्सकों की मानें तो कई लोगों की मौत की वजह हैप्पी हाइपोक्सिया यानी शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरना थी। इसके बावजूद ऑक्सीजन की कमी से किसने लोगों की मौत हुई, यह बता पाना मुश्किल है। दूसरी लहर में परिस्थितियों से सबक लेते हुए अब जिले में ऑक्सीजन के कई प्लांट चालू हो गए हैं। जिला अस्पताल में भी 330 लीटर क्षमता का प्लांट लगना प्रस्तावित है।
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आंवला इफको यूनिट में चार टन क्षमता का प्लांट
आंवला इफको यूनिट में मंडल का सबसे बड़ा मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगा है। पांच करोड़ की लागत से बने इस प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन भी शुरू हो गया है। इफको यूनिट हेड राकेश पुरी के मुताबिक प्लांट चौबीसों घंटे सक्रिय है। इससे आंवला, भमोरा सीएचसी को मांग के अनुसार ऑक्सीजन निशुल्क दी जा रही है। संभावित तीसरी लहर में कोविड अस्पतालों को भी निशुल्क ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाएगी।
चार सीएचसी पर बने तीस बेड के कोविड वार्ड
आंवला, दुनका, मीरगंज, बहेड़ी सीएचसी पर 330 लीटर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इन सभी सरकारी अस्पतालों में 30-30 बेड के कोविड वार्ड भी बनाए गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही, सभी बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा बिथरी के अतिरिक्त अन्य सीएचसी पर दस-दस बेड के कोविड वार्ड बने हैं। यहां सिलिंडर और कन्संट्रेटर मौजूद हैं।
लगाया नया सेंसर, प्लांट का संचालन फिर शुरू
पिछले दिनों डीएम मानवेंद्र सिंह के निरीक्षण में तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय के ऑक्सीजन प्लांट का सेंसर खराब मिला था। इसे उन्होंने तत्काल बदलने के निर्देश दिए थे। फ्लू कॉर्नर इंचार्ज डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि नया सेंसर मंगाकर इंस्टाल करा दिया गया है। अस्पताल के 276 बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। इसके अलावा ऑक्सीजन मैनीफोल्ड और कन्संट्रेटर भी मौजूद हैं।

संभावित तीसरी लहर की रोकथाम हमारी प्राथमिकता है। अगर लहर हावी हुई तो शासनादेश के तहत जिला प्रशासन के सहयोग से उससे निपटा जाएगा। स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट समेत कन्संट्रेटर और सिलिंडर उपलब्ध हैं। पीकू वार्ड में भी पूरी व्यवस्थाएं हैं। - डॉ. बलबीर सिंह, सीएमओ
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