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अब प्रवासी मजदूरों को नहीं किया जाएगा क्वारंटीन
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सेटेलाइट पर सोते प्रवासी मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
थर्मल स्क्रीनिंग कर वाहनों से सीधे भेजा जाएगा घर
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शासन के आदेश पर शुरू हुई नई प्रक्रिया, अब श्रमिकों को चोरी-छिपे आने की जरूरत नहीं
बरेली। लॉकडाउन मेें दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को अब पुलिस-प्रशासन जिले की सीमा पर रोककर शेल्टर होम में क्वारंटीन नहीं कराएगा। शासन की ओर से जारी नए आदेश के तहत अब उन्हें नाम-पता नोट कर और थर्मल स्क्रीनिंग करके वाहनों से सीधे घर भिजवा दिया जाएगा। माना जा रहा है कि शासन ने यह आदेश महाराष्ट्र में रेलवे लाइन से होकर जा रहे 17 मजदूरों के मालगाड़ी की चपेट में आने की घटना को देखते हुए दिया है।
दूसरे राज्यों में काम करने वाले तमाम मजदूर अब तक मीलों पैदल या साइकिलों से सफर कर अपने घर लौट रहे हैं। लॉकडाउन में जिले की सीमा सील होने की वजह से इन्हें बॉर्डर पर ही इन्हें रोका जा रहा था और शेल्टरहोम में क्वांरटीन किया जा रहा था। इससे बचने के लिए बड़ी तादाद में मजदूर मुख्य मार्गों को छोड़कर चोरी-छिपे रेलवे लाइन के किनारे होकर या फिर संपर्क मार्गों से सीमा पार कर जिले में घुस रहे थे। प्रशासन को इनकी भनक न लग पाने की वजह से इनके जरिये संक्रमण फैलने का लगातार खतरा महसूस किया जा रहा था।
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अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने आदेश जारी किया है कि प्रवासी मजदूरों को अब जिले की सीमा पर न रोककर शेल्टरहोम में क्वारंटीन न किया जाए। सिर्फ उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराके वाहनों से उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाए। प्रशासन ने हरियाणा समेत कई राज्यों के मजदूरों को इस तरह भेजना भी शुरू कर दिया है। आदेश के मुताबिक, ऐसे मजदूरों के बारे में उनके जिले के प्रशासन को ही सूचना देकर उन्हें होम क्वारंटीन कराने को कहा जाएगा।
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इस व्यवस्था के बाद यह जानना आसान होगा कि कितने मजदूर बाहर से आ रहे हैं। इससे श्रमिकों को भी दिक्कत नहीं होगी। इसका अनुपालन कराया जा रहा है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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शासन के आदेश पर शुरू हुई नई प्रक्रिया, अब श्रमिकों को चोरी-छिपे आने की जरूरत नहीं बरेली। लॉकडाउन मेें दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को अब पुलिस-प्रशासन जिले की सीमा पर रोककर शेल्टर होम में क्वारंटीन नहीं कराएगा। शासन की ओर से जारी नए आदेश के तहत अब उन्हें नाम-पता नोट कर और थर्मल स्क्रीनिंग करके वाहनों से सीधे घर भिजवा दिया जाएगा। माना जा रहा है कि शासन ने यह आदेश महाराष्ट्र में रेलवे लाइन से होकर जा रहे 17 मजदूरों के मालगाड़ी की चपेट में आने की घटना को देखते हुए दिया है।
दूसरे राज्यों में काम करने वाले तमाम मजदूर अब तक मीलों पैदल या साइकिलों से सफर कर अपने घर लौट रहे हैं। लॉकडाउन में जिले की सीमा सील होने की वजह से इन्हें बॉर्डर पर ही इन्हें रोका जा रहा था और शेल्टरहोम में क्वांरटीन किया जा रहा था। इससे बचने के लिए बड़ी तादाद में मजदूर मुख्य मार्गों को छोड़कर चोरी-छिपे रेलवे लाइन के किनारे होकर या फिर संपर्क मार्गों से सीमा पार कर जिले में घुस रहे थे। प्रशासन को इनकी भनक न लग पाने की वजह से इनके जरिये संक्रमण फैलने का लगातार खतरा महसूस किया जा रहा था।
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अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने आदेश जारी किया है कि प्रवासी मजदूरों को अब जिले की सीमा पर न रोककर शेल्टरहोम में क्वारंटीन न किया जाए। सिर्फ उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराके वाहनों से उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाए। प्रशासन ने हरियाणा समेत कई राज्यों के मजदूरों को इस तरह भेजना भी शुरू कर दिया है। आदेश के मुताबिक, ऐसे मजदूरों के बारे में उनके जिले के प्रशासन को ही सूचना देकर उन्हें होम क्वारंटीन कराने को कहा जाएगा।
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इस व्यवस्था के बाद यह जानना आसान होगा कि कितने मजदूर बाहर से आ रहे हैं। इससे श्रमिकों को भी दिक्कत नहीं होगी। इसका अनुपालन कराया जा रहा है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर