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बरेलीः अब मझगवां के परिवार ने छोड़ा गांव

Thu, 27 Feb 2020 12:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2020 12:18 AM IST
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Now Majhgawan's family left the village
अपनी पीड़ा बताने एसएसपी से मिलने पहुंचा परिवार। - फोटो : अमर उजाला, बरेली

पीआरवी स्टाफ पर अमानवीय व्यवहार का आरोप, एसएसपी ने सीओ को गांव भेजा

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बरेली। बिशारतगंज थाना क्षेत्र मझगवां के अनुसूचित वर्ग के एक परिवार के कई सदस्य बुधवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचे और बताया कि उन्होंने गांव छोड़ दिया है। दबंगों पर झोपड़ी में आग लगाने और शिकायत पर यूपी 112 पुलिस पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। इस पर एसएसपी ने सीओ आंवला को जांच केलिए गांव भेजा।
परिवार के साथ आए मझगवां निवासी जयप्रकाश जाटव ने बताया कि वह घर में ही सब्जी की दुकान चलाते हैं। पड़ोसी सोहनलाल कश्यप से 14 नवंबर को उसका विवाद हो गया था। 22 फरवरी को सोहनलाल पक्ष के लोग उनके घरों में घुस गए और लाठी डंडों से हमला कर दिया। दुकान का सामान भी लूट ले गए और झोपड़ी में आग लगा गए। सूचना पर यूपी 112 पुलिस सोहललाल को थाने ले गई पर उसी पर फैसले का दबाव बनाने लगी। उसने इंकार किया तो पुलिसकर्मियों ने उसे जमकर पीटा और अमानवीय व्यवहार किया। जिससे वो लहूलुहान हो गया। इनकी शिकायत करने थाने गया तो वहां भी पुलिस ने भगा दिया।
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आरोप है कि पुलिस रात में सोहनलाल व उसके पक्ष के विद्याराम को थाने ले आई। दोनों का 23 फरवरी को शांतिभंग में चालान कर दिया गया। दोनों ने जमानत पर आने के बाद फिर गालीगलौज की। 24 फरवरी को जयप्रकाश अपना सामान लेकर ससुराल में चौबारी चले आए। उन्होंने बताया कि उनका भाई नरेंद्र भी सहमा हुआ है। वह भी अपने घर में ताला लगाकर परिवार के साथ कहीं रिश्तेदारी में चला गया है। एसएसपी ने सीओ आंवला को गांव भेजा। परिवार से भी गांव में जाने और रहने को कहा गया।
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एसएसपी बोले- हत्या की झूठी सूचना दी थी
एसएसपी शैलेश पांडेय ने दबंगों और पुलिस के उत्पीड़न की वजह से अनुसूचित परिवार के गांव छोड़ने के आरोप को निराधार बताया। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले 112 नंबर पर जय प्रकाश के बेटे सत्यवीर ने पिता की हत्या की सूचना दी। जांच में आरोप झूठे मिला। जयप्रकाश को मामूली चोट थीं और उसके घर में सब सामान भी सुरक्षित था। छप्पर का कुछ हिस्सा जला हुआ था। पुलिस जयप्रकाश को अस्पताल ले गई। हालांकि पुलिस ने जयप्रकाश के बेटे को हत्या की फर्जी सूचना देने के लिए फटकार लगा दी थी। इसके बाद जयप्रकाश के बेटे वहां से भाग गए। शायद इसी वजह से चार दिन बाद इस तरह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पहले दसीपुर के दो परिवारों ने छोड़ा था गांव
कुछ दिन पहले बिशारतगंज के ही दसीपुर गांव निवासी विक्रम यादव और त्रिमल यादव ने गांव छोड़ दिया था। पुलिस के लाख समझाने पर वह नहीं लौटे। विक्रम के 15 वर्षीय पुत्र दीपक की पिछले साल होली के दिन हत्या कर दी गई थी। विक्रम ने होमगार्ड नन्हे यादव के बेटे कुलदीप और विजनेश पर शक जताकर तहरीर दी थी। तीन महीने बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर प्रेमप्रसंग वजह बताई। कुलदीप और विजनेश के अलावा होमगार्ड के कुनबे के नंदन और सत्यवीर जेल भेजे गए। नवंबर में आरोपी जमानत पर आ गए। विक्रम का आरोप था कि आरोपी फैसले का दबाव बना रहे हैं। इससे मजबूर होकर उन्हें परिवार और पशुओं के साथ गांव छोड़ना पड़ा है।
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