यूपी: अब गाय देंगी सिर्फ बछिया, भैंस जनेंगी पड़िया, दुधारू पशुओं का होगा निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान
आईवीआरआई बरेली दुधारू पशुओं (गाय-भैंस) का सेक्सॉटिक सीमेन से निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कराएगा। इससे सिर्फ बछिया-पड़िया का ही जन्म होगा।
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साहीवाल व थारपारकर गाय एवं मुर्रा भैंस जैसी उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं की तादाद बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाई जाएगी। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली दुधारू पशुओं (गाय-भैंस) का सेक्सॉटिक सीमेन से निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कराएगा। इससे सिर्फ बछिया-पड़िया का ही जन्म होगा। इस प्रोजेक्ट से तीन साल में शहर की सीमा से सटे चार ब्लॉकों के नौ हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके लिए एक करोड़ का बजट मंजूर हुआ है।
आईवीआरआई के पशु पुनरुत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष एमएच खान के मुताबिक सीएसआर फंड के तहत यह प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है। इसमें पुणे की कंपनी एबीएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सहयोग कर रही है।
कंपनी आधुनिक उपकरणों से लैस मोबाइल वैन भी देगी ताकि किसानों के घर पहुंचकर गाय और भैंस का कृत्रिम गर्भाधान कराया जा सके। उन्होंने बताया कि सेक्सॉटिक सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान कराने पर 90 फीसदी बछिया-पड़िया का ही जन्म होता है। चयनित पशुपालक ही प्रोजेक्ट से लाभान्वित होंगे।
आईवीआरआई क्लीनिक में भी मिलेगा लाभ
वैज्ञानिक डॉ. बृजेश के मुताबिक आईवीआरआई पॉलीक्लिनिक पर भी पशुओं के निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिलेगी। पशुपालकों को अपनी गाय व भैंस को लेकर वहां पहुंचना होगा। सेक्स सीमन से जन्म लेने वाली बछिया-पड़िया के दूध देने की क्षमता भी अधिक होगी।बछड़ा और पड्डा से निजात चाहते हैं पशुपालक
वैज्ञानिकों के मुताबिक बछड़े-पड्डे के जन्म से पशुपालकों को अनावश्यक खर्च उठाना पड़ता है। अब उनको बैल और सांड़ की जरूरत भी नहीं है। इससे वे निजात चाहते हैं। यह प्रोजेक्ट किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होगा।
फार्म में सफल रहा ट्रायल, अब फील्ड की तैयारी
आईवीआरआई के डेयरी फार्म में बीते दो साल से उन्नत नस्ल की बछिया-पड़िया के जन्म के लिए सेक्सॉटिक सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान कराया गया। 300 गाय व भैंस पर हुए प्रयोग में सफलता मिली। अब एबीएस जेनेटिक के सहयोग से फील्ड ट्रायल की तैयारी है। प्रोजेक्ट का मार्गदर्शन संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त व संयुक्त निदेशक डॉ. रूपसी तिवारी करेंगी।