फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Now birth and death details will be recorded in the civil registration system itself

अब सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम में ही दर्ज होगा जन्म एवं मृत्यु का ब्योरा

Fri, 28 Feb 2020 12:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2020 12:01 AM IST
विज्ञापन
Now birth and death details will be recorded in the civil registration system itself
computer - फोटो : pixa

पूरे देश में एक साथ लागू किया जाएगा सिस्टम, राज्य सरकारों के सहयोग से केंद्र सरकार के पास होगा सभी राज्यों के जन्म व मृत्यु का पूरा डेटा

विज्ञापन
बरेली। केंद्र सरकार देश के सभी नागरिकों से संबंधित आंकड़े अब सीधे अपनी दखल में रखने जा रही है। हाल ही में नेशनल पब्लिक रजिस्टर बनाने के लिए ऑफ लाइन सर्वे शुरू होने वाला है। पर भविष्य में इसकी जरूरत ही ना रहे, इसके लिए अब देशभर मेें जन्म एवं मृत्यु का पूरा विवरण सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम में दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पिछले दिनों लखनऊ में बैठक भी की गई। अब इस संबंध में नगर निगम बरेली समेत सभी निकायों को पत्र भेजकर सूचित किया जा चुका है।
दरअसल, अब तक जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र का पूरा कार्य मैन्युअल तरीके से किया जाता था। इसे स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय और राज्य प्रशासन द्वारा अलग अलग पोर्टलों के माध्यम से अपडेट किया जाता था। पर अब इस व्यवस्था को एकल पोर्टल के माध्यम से करने की तैयारी कर ली गई है। इसके तहत एक नया साफ्टवेयर www.crsorgi.gov.in विकसित किया गया है। यह साफ्टवेयर जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 के प्रावधानों के तहत ही बनाया गया है।
विज्ञापन

नगर निगम को मिले आदेश में कहा गया है कि नगर विकास के नगरीय पंजीयन इकाईयों, नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत सीआरएस पोर्टल पर अनबोर्ड होंगे। सीधे सीआरएस पोर्टल पर लॉगिन कर जन्म मृत्यु का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इससे यह ब्योरा राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो जाएगा और इसे राज्य सरकार समेत केंद्र सरकार के अधिकारी भी देख सकेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार के पास भी जन्म और मृत्यु का पूरा ब्योरा क्षेत्रों के अनुसार उपलब्ध होगा। इस आंकड़े के अनुरूप ही केेंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य संबंधी योजनाएं और अन्य योजनाओं को मूर्त रूप दे सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनपीआर के पहले सीएए की छाप आर्थिक गणना पर भी

उधर, केंद्र सरकार द्वारा कराई जा रही आर्थिक गणना में सर्वे कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वे कर्मी जब किसी के घर जाते हैं तो उनसे लोग ठीक से बात भी नहीं करते। वहीं, कुछ इलाकों में उनके साथ काफी बुरा बर्ताव किया जाता है। एक सर्वे कर्मी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि लोग इस सर्वे को सीएए के पूर्व एनपीआर से जोड़कर देख रहे हैं जबकि इसका उससे कुछ भी लेना देना नहीं है। यह तो लोगों की आर्थिक स्थिति और उनकी जरूरतों को लेकर किया जाने वाला सर्वे है जिसके आधार पर लोगों के लिए केंद्र सरकार कल्याणकारी योजनाएं बना सकेगी जिससे इंडस्ट्री आदि का विकास होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed