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अब शाही में 1157 फर्जी कार्डों के जरिए हड़पा राशन
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बरेली। बड़ी संख्या में फर्जी राशनकार्ड बनाकर गरीबों का राशन हड़पने के मामले रोज सामने आ रहे हैं। अब शाही नगर पंचायत में 1157 लोगों के नाम फर्जी राशनकार्ड बना दिए हैं। शिकायतकर्ता ने उन लोगों के नाम की लिस्ट भी भेजी गई है, जिनके राशनकार्ड बनाने में खेल हुआ है। शासन ने इसका संज्ञान लिया है। खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त अनिल कुमार दुबे ने जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी है।
खाद्य एवं रसद विभाग को तीन फरवरी को शाही में राशनकार्डों को बनाने में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत भेजी गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि नगर पंचायत के कुछ अधिकारी और कोटेदारों ने मिलकर 1157 से ज्यादा पात्र गृहस्थी और अंत्योदय योजना के राशनकार्ड बनाने में बड़ा खेल किया है। शिकायत में एक कोटेदार का नाम और उसकी दुकान संख्या देते हुए यह बताया गया कि वहां 1038 पात्र गृहस्थी और 55 अंत्योदय कार्ड बनाए गए हैं। जबकि एक अन्य कोटेदार द्वारा इन दोनों ही योजनाओं में 32-32 फर्जी कार्ड बनाने की सूचना दी गई है। शिकायतकर्ता ने इन भी कार्डधारकों की लिस्ट भी प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करके भेजी थी। शासन को बताया गया है कि शाही में 80 फीसदी लोगों के पक्के मकान बने हुए हैं। राशनकार्ड बनाने में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर इसमें शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की दरख्वास्त की गई है। अपर आयुक्त के निर्देश के बाद डीएम नितीश कुमार ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है। इससे पहले भोजीपुरा के पिपरिया में अपात्रों के कार्ड बनाने के लिए सौ से ज्यादा राशनकार्ड प्रधान व सेक्रेटरी के फर्जी दस्तखत कर निरस्त करने का मामला सामने आया था। हालांकि अधिकारियों ने इस मामले की जांच ही दबा दी है।
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खाद्य एवं रसद विभाग को तीन फरवरी को शाही में राशनकार्डों को बनाने में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत भेजी गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि नगर पंचायत के कुछ अधिकारी और कोटेदारों ने मिलकर 1157 से ज्यादा पात्र गृहस्थी और अंत्योदय योजना के राशनकार्ड बनाने में बड़ा खेल किया है। शिकायत में एक कोटेदार का नाम और उसकी दुकान संख्या देते हुए यह बताया गया कि वहां 1038 पात्र गृहस्थी और 55 अंत्योदय कार्ड बनाए गए हैं। जबकि एक अन्य कोटेदार द्वारा इन दोनों ही योजनाओं में 32-32 फर्जी कार्ड बनाने की सूचना दी गई है। शिकायतकर्ता ने इन भी कार्डधारकों की लिस्ट भी प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करके भेजी थी। शासन को बताया गया है कि शाही में 80 फीसदी लोगों के पक्के मकान बने हुए हैं। राशनकार्ड बनाने में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर इसमें शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की दरख्वास्त की गई है। अपर आयुक्त के निर्देश के बाद डीएम नितीश कुमार ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है। इससे पहले भोजीपुरा के पिपरिया में अपात्रों के कार्ड बनाने के लिए सौ से ज्यादा राशनकार्ड प्रधान व सेक्रेटरी के फर्जी दस्तखत कर निरस्त करने का मामला सामने आया था। हालांकि अधिकारियों ने इस मामले की जांच ही दबा दी है।
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