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दो हजार करोड़ से सज रहे स्मार्ट सिटी में गिरने को तैयार किला पुल के लिए 93 लाख भी नहीं

Thu, 22 Jul 2021 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 12:31 AM IST
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Not even 93 lakhs for the fort bridge, ready to fall in the smart city decorated with two thousand crores
किला पुल की दिखती सरिया। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

बुरी तरह जर्जर हो चुका है करीब 40 साल पुराना पुल, विशेषज्ञ भी अपनी रिपोर्ट में बता चुके हैं खतरनाक
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मरम्मत के लिए साल भर पहले मांगा गया था 93 लाख का बजट, अब तक नहीं मिला

बरेली। दो हजार करोड़ से भी ज्यादा धनराशि से शहर को स्मार्ट तो बनाने की तैयारी है लेकिन बुरी तरह जर्जर होने के बावजूद किला पुल की मरम्मत के लिए 93 लाख का बजट भी नहीं मिल पा रहा है। साल भर पहले विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में इस पुल को खतरनाक बताते हुए तत्काल इसकी मरम्मत किए जाने की जरूरत बताई थी जिसके बाद शासन से इस बजट की मांग की गई थी।
इस एक साल में किला पुल और ज्यादा जर्जर हो गया है। पुल के ऊपर कई बड़े गड्ढे हो गए हैं। पुल पर बनी सड़क के वजन से नीचे जिन सरियों के जाल पर कंक्रीट का स्लैब टिका हुआ है, वह नीचे लचक गया है। इस सरियों के ऊपर मसाले की परत भी छूटकर गिर चुकी है। नीचे से सरियों का लचकता जाल साफ नजर आने लगा है। पिछले साल शासन के निर्देश पर विशेषज्ञों की एक टीम ने किला पुल की जांच की थी। अपनी रिपोर्ट में इस टीम ने पुल को खतरनाक बताते हुए तत्काल उसकी मरम्मत की जरूरत बताई थी। इसके बाद पुल की मरम्मत के लिए शासन से 93 लाख का बजट मांगा गया था लेकिन साल भर बाद भी शासन से यह बजट नहीं मिला। यह रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई थी। फिर भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया न अफसरों ने ही बजट के लिए शासन में कोई पैरवी की।
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पीडब्ल्यूडी अफसरों के भ्रष्टाचार ने क्षमता से कई गुना बढ़ा दिया वजन

करीब 40 साल पुराना किला पुल पीडब्ल्यूडी के अफसरों के भ्रष्टाचार की वजह से समय से पहले ही जर्जर हो गया। दरअसल पीडब्ल्यूडी ने जब भी किला पुल की सड़क का नवीनीकरण किया, डामर की पुरानी परत को हटाए बगैर ही उस पर नई परत चढ़ा दी। इसी वजह से पुल का वजन उसकी क्षमता से हजारों टन ज्यादा बढ़ गया। जर्जर पुल पर इस अतिरिक्त बोझ के साथ हर समय भारी यातायात गुजरता रहता है। इसी कारण लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर भी मानते हैं कि पुल काफी खतरनाक हो चुका है। करीब दो साल पहले पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन मुख्य अभियंता राकेश राजवंशी ने पुल की पुरानी परतें हटाने के लिए रुड़की आईआईटी से तकनीकी सहायता मांगी थी लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली।
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किला पुल की स्थिति के बारे में विभागीय अधिकारियों से बात की गई है। शासन से मरम्मत के लिए दोबारा बजट की मांग की जाएगी। - चंद्रमोहन गर्ग, सीडीओ
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