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नगर निगम में नहीं डीजल का कोई रिकार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sun, 27 Nov 2016 01:23 AM IST
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No record in municipal diesel
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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नगर निगम में खर्च हो रहे डीजल का कोई हिसाब नहीं है। किन गाड़ियों में कितना डीजल डाला जाता है इसकी जानकारी तो है, लेकिन इस डीजल की खपत कैसे हो रही है इसका कोई रिकार्ड नहीं। नगर निगम में डीजल का खेल इतना बड़ा है कि अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी कोई कदम नहीं उठा रहे। यही नहीं, सुधार के लिए जो रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से नगर आयुक्त को सौंपी गई थी, उसे भी लागू नहीं किया गया है।
नगर निगम में तीन गैराज और एक स्टोर है। यहां सौ से अधिक गाड़ियां खड़ी होती हैं। प्रतिमाह एक लाख रुपये से अधिक का डीजल इनमें डाला जाता है। डीजल का चार्ज, मुख्य सफाई निरीक्षक और हर स्टोर के लिपिक के पास है। गाड़ियों में डीजल कब डाला गया और गाड़ी कहां-कहां गई, इसके लिए कोई लॉग बुक नहीं है। बताया जाता है कि यह आज तक बनाई ही नहीं गई है। नगर आयुक्त की ओर से गाड़ियों की लॉग बुक में एंट्री का आदेश भी लागू किया गया है, लेकिन यह आज तक नहीं हो सका। निगम की गाड़ियों को कौन चला रहा है इसका भी कोई रिकार्ड नहीं। कुछ गाड़ियों में तो नंबर प्लेट तक नहीं है।
होली से पहले का आर्डर दबा दिया
गाड़ी, मुख्य सफाई निरीक्षक और लिपिक के अंडर में नहीं बल्कि सभी इंस्पेक्टर के अंडर में होगी। वे रिपोर्ट बनाकर देंगे तब ही तेल डाला जाएगा। इस आदेश को मेयर और नगर आयुक्त ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन आदेश लागू नहीं होने दिया गया। इसे छह माह तक दबाए रखा गया। गुरुवार को आनन फानन में लागू किया।
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नगर आयुक्त का आदेश भी हवा में
चार नवंबर को नगर आयुक्त ने सभी सफाई निरीक्षक को आदेश जारी किया कि डोर टू डोर एजेंसियाें द्वारा नियमित कूड़े का उठान डलावघर से नहीं हो पा रहा है। सभी वाहन चालक अपने साथ लॉग बुक रखें। कार्य के बाद पार्षद, सफाई नायक और निरीक्षक से इसे भरवाएं। बिना सत्यापन लॉग बुक वाले वाहनाें को डीजल न देने की बात कही गई थी लेकिन यह भी लागू नहीं हो पाया।
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नगर निगम में तीन गैराज और एक स्टोर है। यहां सौ से अधिक गाड़ियां खड़ी होती हैं। प्रतिमाह एक लाख रुपये से अधिक का डीजल इनमें डाला जाता है। डीजल का चार्ज, मुख्य सफाई निरीक्षक और हर स्टोर के लिपिक के पास है। गाड़ियों में डीजल कब डाला गया और गाड़ी कहां-कहां गई, इसके लिए कोई लॉग बुक नहीं है। बताया जाता है कि यह आज तक बनाई ही नहीं गई है। नगर आयुक्त की ओर से गाड़ियों की लॉग बुक में एंट्री का आदेश भी लागू किया गया है, लेकिन यह आज तक नहीं हो सका। निगम की गाड़ियों को कौन चला रहा है इसका भी कोई रिकार्ड नहीं। कुछ गाड़ियों में तो नंबर प्लेट तक नहीं है।
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होली से पहले का आर्डर दबा दिया
गाड़ी, मुख्य सफाई निरीक्षक और लिपिक के अंडर में नहीं बल्कि सभी इंस्पेक्टर के अंडर में होगी। वे रिपोर्ट बनाकर देंगे तब ही तेल डाला जाएगा। इस आदेश को मेयर और नगर आयुक्त ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन आदेश लागू नहीं होने दिया गया। इसे छह माह तक दबाए रखा गया। गुरुवार को आनन फानन में लागू किया।
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नगर आयुक्त का आदेश भी हवा में
चार नवंबर को नगर आयुक्त ने सभी सफाई निरीक्षक को आदेश जारी किया कि डोर टू डोर एजेंसियाें द्वारा नियमित कूड़े का उठान डलावघर से नहीं हो पा रहा है। सभी वाहन चालक अपने साथ लॉग बुक रखें। कार्य के बाद पार्षद, सफाई नायक और निरीक्षक से इसे भरवाएं। बिना सत्यापन लॉग बुक वाले वाहनाें को डीजल न देने की बात कही गई थी लेकिन यह भी लागू नहीं हो पाया।