फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   No mercy on laborers who have walked hundreds of kilometers on foot .. ate some ration

सैकड़ों किमी पैदल चलकर आए मजदूरों पर भी नहीं रहम.. किसी का राशन खाया किसी की रकम

Thu, 25 Jun 2020 01:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2020 01:53 AM IST
विज्ञापन
No mercy on laborers who have walked hundreds of kilometers on foot .. ate some ration
राशन की दुकान पर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला

जिले की तहसीलों में पकड़ा गया राशन किट और सहायता की रकम बांटने में घपला
विज्ञापन

प्राथमिक जांच के बाद एडीएम ने किया सभी एसडीएम-तहसीलदार का जवाबतलब

बरेली। भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और सरकारी सिस्टम कितना संवेदनशून्य हो चुका है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन में बड़े शहरों से नौकरी के साथ ठिकाना भी गंवाकर लौटे प्रवासी मजदूरों के पेट और जेब दोनों पर डाका डालने से भी सिस्टम नहीं चूका। राशन किट और सहायता की रकम बांटने में तमाम घपले सामने आए हैं। जांच में पता चला कि राहत पोर्टल पर कुछ और फीड है जबकि असल संख्या कुछ और है। राशन किट तक नहीं बांटी गईं। सभी तहसीलों में यह घपला सामने आने के बाद एडीएम वित्त की ओर से वहां के एसडीएम और तहसीलदारों को प्रतिकूल प्रविष्ट का नोटिस दिया गया है।
प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि बहेड़ी तहसील में एक हजार की रकम देने के लिए पोर्टल पर 394 प्रवासी मजदूरों के नाम हैं लेकिन राशन किट 244 लोगों को ही दी गई है। यानी 150 राशन किट मजदूरों के बजाय तहसील में ही खप गईं। नवाबगंज तहसील में 1427 प्रवासी मजदूरों को राशन किट देने की रिपोर्ट है जबकि पोर्टल के मुताबिक आर्थिक मदद 1299 को ही दी गई। मतलब या तो राशन किट की लिस्ट में 128 लोगों के नाम फर्जी हैं या फिर इतने ही लोगों को पैसा नहीं दिया गया। आंवला में भी यही घपला हुआ है। आपदा राहत पोर्टल पर 3064 प्रवासी मजदूरों को एक-एक हजार रुपये देने का आंकड़ा है और 483 लोगों को राशन किट बांटने का रिकार्ड गायब है।
विज्ञापन

फरीदपुर तहसील में भी सात प्रवासी मजदूरों को एक-एक हजार की मदद देने का ब्योरा नहीं दिया गया है। सदर तहसील की जांच में खुलासा हुआ है कि पोर्टल पर 1067 लोगों को आर्थिक सहायता देने का आंकड़ा अपलोड हुुआ है जबकि राशन किटें केवल 675 लोगों को बांटने का रिकार्ड है। 392 राशन किट कहां गईं, इसका कोई अता-पता नहीं है। इसी तरह मीरगंज तहसील में भी राशन किट और आर्थिक सहायता देने में 78 लोगों का फर्क मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तहसीलों में राशन की किटें और एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता बांटने में गड़बड़ी सामने आईं हैं। सभी तहसीलों को एसडीएम और तहसीलदारों को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए उन्हें जवाब-तलब किया गया है। -मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed