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Bareilly News: न आंखों के लिए लेंस, न बीपी जांच के उपकरण, भटक रहे मरीज
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जिला अस्पताल में नहीं हो पा रहे मोतियाबिंद के ऑपरेशन, तीन सौ बेड अस्पताल में सीबीसी, एक्सरे, बीपी जांच के उपकरण खराब
बरेली। मरीजों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के दावों की पोल अस्पतालों में खत्म हो चुके आंखों के लेंस व अन्य उपकरण खोल रहे हैं। इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज चक्कर काटने के लिए विवश हैं। वहीं, जिम्मेदार भी मौन है।
तीन सौ बेड अस्पताल में ओपीडी शुरू होने से जिला अस्पताल से मरीजों का भार तो कम हुआ, लेकिन मरीजों की परेशानी कम नहीं हुई। बीते वर्ष एक्सरे और पांच माह से खराब पड़ा सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) उपकरण अब तक दुरुस्त नहीं हो सका। जानकारी के मुताबिक ओपीडी शुरू होने पर एक्सरे मशीन लगी, लेकिन प्रिंटर नहीं मिला। शुरुआत में मोबाइल पर फोटो खींचकर मरीज की रिपोर्ट तैयार होती रही। पर बीते वर्ष एक्सरे मशीन भी तकनीकी खामी से ठप हो गई। तब से अब तक इसे दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस पहल जिम्मेदारों की ओर से नहीं हुई।
सीबीसी मशीन खराब होने से अस्पताल में हीमोग्लोबिन की असमान्यताएं, प्लेटलेट्स, असामान्य कोशिका, ल्यूकेमिया, बोन मैरो डिजीज, आयरन की कमी, खून की कमी आदि की जांच ठप पड़ी है। जांच लिखे जाने पर आर्थिक संपन्न निजी लैब, कमजोर वर्ग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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दो माह बीता नहीं मिला लेंस, ऑपरेशन की बढ़ रही तारीख
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पहले दवाओं की किल्लत थी। जो दूर हुई तो लेंस के अभाव में मोतियाबिंद का ऑपरेशन थम गया। सर्जन मरीजों के ऑपरेशन की तारीख बढ़ा रहे हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार दो माह में करीब ढाई सौ से ज्यादा मरीजों ने ऑपरेशन के लिए संपर्क किया। शुरुआत में तारीख दी, जो आगे बढ़ रही है। अब आंखों की जांच के बाद चिकित्सक ऑपरेशन का सुझाव देने तक सीमित हैं।
अस्पताल में खोजते रहे बीपी मशीन, मिली तो खराब
तीन सौ बेड अस्पताल में शुक्रवार को ब्लड प्रेशर की जांच के लिए कई मरीज पहुंचे। कटरा चांद खां निवासी 55 वर्षीय राजेश ने अमर उजाला से अपनी समस्या बताई। उनके मुताबिक शुक्रवार को बीपी की जांच कराने पहुंचे थे। पहले स्टाफ बीपी जांच के लिए मशीन खोजता रहा। फिर खराब बताकर जिला अस्पताल जाने के लिए कहा।
प्रभारी सीएमएस बोले : सीएमओ को भेजा जा रहा पत्र
लेंस न होने से टल रहे ऑपरेशन के मामले पर जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एलके सक्सेना का कहना है कि राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन निशुल्क होता है। करीब तीन माह से लेंस की आपूर्ति नहीं हो सकी। सीएमओ को पत्र भेजा गया है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक लेंस कमी की जानकारी है। आपूर्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। मरीजों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के दावों की पोल अस्पतालों में खत्म हो चुके आंखों के लेंस व अन्य उपकरण खोल रहे हैं। इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज चक्कर काटने के लिए विवश हैं। वहीं, जिम्मेदार भी मौन है।
तीन सौ बेड अस्पताल में ओपीडी शुरू होने से जिला अस्पताल से मरीजों का भार तो कम हुआ, लेकिन मरीजों की परेशानी कम नहीं हुई। बीते वर्ष एक्सरे और पांच माह से खराब पड़ा सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) उपकरण अब तक दुरुस्त नहीं हो सका। जानकारी के मुताबिक ओपीडी शुरू होने पर एक्सरे मशीन लगी, लेकिन प्रिंटर नहीं मिला। शुरुआत में मोबाइल पर फोटो खींचकर मरीज की रिपोर्ट तैयार होती रही। पर बीते वर्ष एक्सरे मशीन भी तकनीकी खामी से ठप हो गई। तब से अब तक इसे दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस पहल जिम्मेदारों की ओर से नहीं हुई।
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सीबीसी मशीन खराब होने से अस्पताल में हीमोग्लोबिन की असमान्यताएं, प्लेटलेट्स, असामान्य कोशिका, ल्यूकेमिया, बोन मैरो डिजीज, आयरन की कमी, खून की कमी आदि की जांच ठप पड़ी है। जांच लिखे जाने पर आर्थिक संपन्न निजी लैब, कमजोर वर्ग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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दो माह बीता नहीं मिला लेंस, ऑपरेशन की बढ़ रही तारीख
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पहले दवाओं की किल्लत थी। जो दूर हुई तो लेंस के अभाव में मोतियाबिंद का ऑपरेशन थम गया। सर्जन मरीजों के ऑपरेशन की तारीख बढ़ा रहे हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार दो माह में करीब ढाई सौ से ज्यादा मरीजों ने ऑपरेशन के लिए संपर्क किया। शुरुआत में तारीख दी, जो आगे बढ़ रही है। अब आंखों की जांच के बाद चिकित्सक ऑपरेशन का सुझाव देने तक सीमित हैं।
अस्पताल में खोजते रहे बीपी मशीन, मिली तो खराब
तीन सौ बेड अस्पताल में शुक्रवार को ब्लड प्रेशर की जांच के लिए कई मरीज पहुंचे। कटरा चांद खां निवासी 55 वर्षीय राजेश ने अमर उजाला से अपनी समस्या बताई। उनके मुताबिक शुक्रवार को बीपी की जांच कराने पहुंचे थे। पहले स्टाफ बीपी जांच के लिए मशीन खोजता रहा। फिर खराब बताकर जिला अस्पताल जाने के लिए कहा।
प्रभारी सीएमएस बोले : सीएमओ को भेजा जा रहा पत्र
लेंस न होने से टल रहे ऑपरेशन के मामले पर जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एलके सक्सेना का कहना है कि राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन निशुल्क होता है। करीब तीन माह से लेंस की आपूर्ति नहीं हो सकी। सीएमओ को पत्र भेजा गया है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक लेंस कमी की जानकारी है। आपूर्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमर उजाला ब्यूरो