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आईटी पार्क : बजट मिला तो अब जमीन की रजिस्ट्री लटक गई
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बरेली। अपने शहर में ही नामचीन सॉफ्टवेयर कंपनियों में रोजगार की उम्मीद बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की जमीन की रजिस्ट्री न हो पाने से धूमिल हो रही है। करीब माह भर पहले ही शासन ने जिला प्रशासन के खाते में रजिस्ट्री के लिए स्वीकृत दस करोड़ का बजट भेज दिया है। शासन के प्रतिनिधि की मौजूदगी में रजिस्ट्री होनी है, लेकिन शासन ने अब तक न तो कोई प्रतिनिधि तय किया है और न ही उसके आने की तारीख। जिला प्रशासन को प्रतिनिधि के आने का इंतजार है।
वर्षों से बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की जमीन पर सॉफ्टेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित करने की योजना फिलहाल जमीन की रजिस्ट्री न हो पाने से लटक गई है। पिछले दिनों 10 करोड़ का बजट जारी करने के बाद अब शासन स्तर से जमीन की रजिस्ट्री होनी है। अधिकारियों के मुताबिक, शासन के प्रतिनिधि ही यहां आकर जमीन की रजिस्ट्री कराएंगे। हालांकि, इससे जुड़ी सभी तैयारियां जिला प्रशासन और शासन स्तर से पूरी हो चुकी हैं। उम्मीद थी कि अक्तूबर के आखिर तक शासन के प्रतिनिधि आएंगे और उनकी मौजूदगी में जमीन की रजिस्ट्री हो जाएगी। जिला प्रशासन को सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री कराने की जिम्मेदारी मिली है।
बता दें कि करीब दो माह पहले शासन से आई टीम एक एकड़ में पार्क बसाने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार कर चुकी है। फैक्टरी परिसर स्थित बंगला नंबर दस के पास की जमीन इसके लिए तय हुई है। जमीन पर भी मुहर लग चुकी है और अब कोई अड़चन नहीं है। पहले आईटी पार्क को आईटीआर फैक्टरी की करीब चार एकड़ जमीन पर बसाया जाना था पर बजट कम होने से एक एकड़ में पार्क बसाने पर सहमति बनी।
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पार्क के डिजाइन पर भी लगी मुहर
शासन की ओर से मार्च, 2021 में ही दस करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद आईटी पार्क के लिए जिला प्रशासन ने जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दी थीं। जून में कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने डिजाइन को संस्तुत करके जमीन की रजिस्ट्री होते ही तेजी से निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, कंपनी एक्ट के तहत बोर्ड का गठन कर शक्ति हस्तांतरित करने के लिए भी अधिकारियों से कहा था।
दो हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
आईटी पार्क बसाने की जिम्मेदारी यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स को मिली है। शासन स्तर से अधिकारी नामचीन सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस से संपर्क में हैं। बताया जाता है कि ये कंपनियां भी बरेली आने को राजी हैं और उनके प्रतिनिधि लगातार बरेली आकर कॉलेजों में जॉब फेयर के दौरान रिक्रूटमेंट कर रहे हैं। पार्क बनने के साथ ही, बरेली के दो हजार सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को नौकरी मिलेगी।
आईटीआई छात्र भी होंगे लाभान्वित
बरेली मंडल सेवायोजन के सहायक निदेशक त्रिभुवन सिंह के मुताबिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बरेली में प्लांट लगाए जाने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। आईटीआई, बीटेक, सॉफ्टवेयर टेकभनोलॉजी कोर्स करने वाले तमाम विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। बताया कि यह नामचीन कंपनियां रोजगार मेले में प्रतिभाग कर रही हैं। प्लांट लगने के बाद कंपनियां भी ज्यादा से ज्यादा भर्ती कर सकेंगी।
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वर्षों से बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की जमीन पर सॉफ्टेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित करने की योजना फिलहाल जमीन की रजिस्ट्री न हो पाने से लटक गई है। पिछले दिनों 10 करोड़ का बजट जारी करने के बाद अब शासन स्तर से जमीन की रजिस्ट्री होनी है। अधिकारियों के मुताबिक, शासन के प्रतिनिधि ही यहां आकर जमीन की रजिस्ट्री कराएंगे। हालांकि, इससे जुड़ी सभी तैयारियां जिला प्रशासन और शासन स्तर से पूरी हो चुकी हैं। उम्मीद थी कि अक्तूबर के आखिर तक शासन के प्रतिनिधि आएंगे और उनकी मौजूदगी में जमीन की रजिस्ट्री हो जाएगी। जिला प्रशासन को सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री कराने की जिम्मेदारी मिली है।
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बता दें कि करीब दो माह पहले शासन से आई टीम एक एकड़ में पार्क बसाने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार कर चुकी है। फैक्टरी परिसर स्थित बंगला नंबर दस के पास की जमीन इसके लिए तय हुई है। जमीन पर भी मुहर लग चुकी है और अब कोई अड़चन नहीं है। पहले आईटी पार्क को आईटीआर फैक्टरी की करीब चार एकड़ जमीन पर बसाया जाना था पर बजट कम होने से एक एकड़ में पार्क बसाने पर सहमति बनी।
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पार्क के डिजाइन पर भी लगी मुहर
शासन की ओर से मार्च, 2021 में ही दस करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद आईटी पार्क के लिए जिला प्रशासन ने जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दी थीं। जून में कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने डिजाइन को संस्तुत करके जमीन की रजिस्ट्री होते ही तेजी से निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, कंपनी एक्ट के तहत बोर्ड का गठन कर शक्ति हस्तांतरित करने के लिए भी अधिकारियों से कहा था।
दो हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
आईटी पार्क बसाने की जिम्मेदारी यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स को मिली है। शासन स्तर से अधिकारी नामचीन सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस से संपर्क में हैं। बताया जाता है कि ये कंपनियां भी बरेली आने को राजी हैं और उनके प्रतिनिधि लगातार बरेली आकर कॉलेजों में जॉब फेयर के दौरान रिक्रूटमेंट कर रहे हैं। पार्क बनने के साथ ही, बरेली के दो हजार सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को नौकरी मिलेगी।
आईटीआई छात्र भी होंगे लाभान्वित
बरेली मंडल सेवायोजन के सहायक निदेशक त्रिभुवन सिंह के मुताबिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बरेली में प्लांट लगाए जाने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। आईटीआई, बीटेक, सॉफ्टवेयर टेकभनोलॉजी कोर्स करने वाले तमाम विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। बताया कि यह नामचीन कंपनियां रोजगार मेले में प्रतिभाग कर रही हैं। प्लांट लगने के बाद कंपनियां भी ज्यादा से ज्यादा भर्ती कर सकेंगी।