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Bareilly News: चालान का डर नहीं... धड़ल्ले से नियम तोड़ रहे ई-वाहनों के चालक
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बरेली। शहर के ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल पर ई-वाहन चालक धड़ल्ले से नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इन वाहनों पर नंबर प्लेट न होने के कारण इनका चालान नहीं कट पाता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
सामान्य वाहनों के लिए लाल बत्ती तोड़ने पर एक हजार रुपये का चालान होता है। नगर निगम और यातायात पुलिस ने वर्ष 2020 में ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगाए थे। इनका उद्देश्य जाम से मुक्ति दिलाना था। इनमें मालियों की पुलिया, डेलापीर चौराहा, फिनिक्स मॉल, बरेली चौराहा, पीलीभीत बाइपास, धर्मकांटा, परसाखेड़ा, मिनी बाइपास, 100 फीटा रोड, सेटेलाइट, पटेल चौक, सर्किट हाउस चौराहा, डोहरा रोड, बीसलपुर, सुरेश शर्मा नगर रोड समेत 19 ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल शामिल है।
इनमें से पटेल चौक, 100 फीटा, सेटेलाइट, सर्किट हाउस चौराहा की लाइटें बंद हैं। जिले में करीब पांच हजार ई-वाहन बाइक बेचे गए हैं। इनके द्वारा चौराहों पर नियमों का उल्लंघन किया जाता है और चालान भी नहीं कटता। वजह कि कम स्पीड वाले इलेक्टि्रक वाहन होने के चलते इनका चालान नहीं किया जा सकता है।
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सामान्य वाहनों के लिए लाल बत्ती तोड़ने पर एक हजार रुपये का चालान होता है। नगर निगम और यातायात पुलिस ने वर्ष 2020 में ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगाए थे। इनका उद्देश्य जाम से मुक्ति दिलाना था। इनमें मालियों की पुलिया, डेलापीर चौराहा, फिनिक्स मॉल, बरेली चौराहा, पीलीभीत बाइपास, धर्मकांटा, परसाखेड़ा, मिनी बाइपास, 100 फीटा रोड, सेटेलाइट, पटेल चौक, सर्किट हाउस चौराहा, डोहरा रोड, बीसलपुर, सुरेश शर्मा नगर रोड समेत 19 ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल शामिल है।
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इनमें से पटेल चौक, 100 फीटा, सेटेलाइट, सर्किट हाउस चौराहा की लाइटें बंद हैं। जिले में करीब पांच हजार ई-वाहन बाइक बेचे गए हैं। इनके द्वारा चौराहों पर नियमों का उल्लंघन किया जाता है और चालान भी नहीं कटता। वजह कि कम स्पीड वाले इलेक्टि्रक वाहन होने के चलते इनका चालान नहीं किया जा सकता है।
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