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एनएचएआई घोटाला : कार्रवाई के घेरे में पीडब्ल्यूडी के कई और अभियंता
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बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे के दूसरे चरण में पीलीभीत जिले में अधिग्रहीत की जाने वाली परिसंपत्तियों के सत्यापन में लोक निर्माण विभाग के कई और अभियंता कार्रवाई के घेरे में आ सकते हैं। सत्यापन में शामिल सभी अभियंताओं के नाम मुख्यालय से मांगे गए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि कुछ और अभियंताओं पर कार्रवाई हो सकती है।
डीएम और कमिश्नर की ओर से कराई गई जांच में 80 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। इसमें परिसंपत्तियों के अधिक मूल्यांकन का सत्यापन करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को जिम्मेदार माना गया है। बरेली स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के चार अभियंता निलंबित हो चुके हैं। पीलीभीत जिले के एक तत्कालीन अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के खिलाफ जांच रिपोर्ट शासन में विचाराधीन है। इन दोनों पर त्रुटिपूर्ण सत्यापन का आरोप है।
पीलीभीत जिले से किसी अवर अभियंता का नाम अब तक जांच रिपोर्ट में शामिल नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अवर अभियंता और सहायक अभियंताओं के नाम आए हैं, लेकिन स्थानीय अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी कहने से इन्कार कर रहे हैं। विभागीय अभियंताओं की निगाह शासन्से होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। अमर उजाला ब्यूरो
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डीएम और कमिश्नर की ओर से कराई गई जांच में 80 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। इसमें परिसंपत्तियों के अधिक मूल्यांकन का सत्यापन करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को जिम्मेदार माना गया है। बरेली स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के चार अभियंता निलंबित हो चुके हैं। पीलीभीत जिले के एक तत्कालीन अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के खिलाफ जांच रिपोर्ट शासन में विचाराधीन है। इन दोनों पर त्रुटिपूर्ण सत्यापन का आरोप है।
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पीलीभीत जिले से किसी अवर अभियंता का नाम अब तक जांच रिपोर्ट में शामिल नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अवर अभियंता और सहायक अभियंताओं के नाम आए हैं, लेकिन स्थानीय अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी कहने से इन्कार कर रहे हैं। विभागीय अभियंताओं की निगाह शासन्से होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। अमर उजाला ब्यूरो
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