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एनजीटी के आदेश हवा में, सड़कों पर फिर उड़ने लगे धूल के गुबार
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चौपुला रोड पर उड़ रही धूल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सड़कों की खोदाई और पुल का निर्माण कर रही एजेंसियों ने लोगों के लिए पैदा की मुसीबत
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अफसरों को भी परवाह नहीं, एक बार कार्रवाई कर आंखें मूंदीं
बरेली। सीवर ट्रंक लाइन डालने के लिए सड़कों की गहरी खोदाई और पुलों का निर्माण कर रही एजेंसियां एनजीटी के आदेशों को हवा में उड़ा दिया है। हालत यह है कि माहौल में अच्छी-खासी नमी के बावजूद शहर की सड़कों पर उड़ रहे धूल के गुबार से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। जिन विभागों पर प्रदूषण को काबू में रखने की जिम्मेदारी है, वे भी हालात की अनदेखी कर रहे हैं। नगर निगम में निगरानी के लिए बनाई गई समिति भी निष्क्रिय हो गई है।
जल निगम सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों की खोदाई करने में साफ तौर पर एनजीटी के नियमों की अनदेखी कर रहा है। सड़कों पर मिट्टी के खुले ढेर डाल दिए गए हैं और धूल उड़ने के बावजूद उसे रोकने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। करीब पांच महीने पहले नगर आयुक्त ने एक बार जल निगम और सेतु निगम पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था लेकिन उसके बाद दोबारा यह खानापूरी नहीं हुई। बेतहाशा धूल उड़ने से राहगीरों को दिक्कतें हो रही है लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। प्रभा टॉकीज रोड, दामोदर पार्क और चौपुला की ओर से निकलने वाले लोगों को इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने बताया कि निर्माण कार्यों में लगे विभागों से एनजीटी के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। जांच कराई जाएगी, लापरवाही पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
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निगरानी समिति ने तीन महीने से नहीं दी रिपोर्ट
नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने निर्माण कार्यों के दौरान एनजीटी के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया था लेकिन यह समिति भी निष्क्रिय हो गई है। तीन महीने से समिति ने नगर निगम को कोई रिपोर्ट ही नहीं दी है जबकि तय हुआ था कि प्रदूषण फैलाने के मामलों में समिति की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई होगी।
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खतरा: प्रभा टॉकीज रोड पर गहरी हो रही दरार फिर भी मरम्मत नहीं
बरेली। सीवर लाइन के लिए खोदाई की वजह से पिछले हफ्ते प्रभा टॉकीज रोड पर पड़ी गहरी दरार की अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। सड़क पर लगातार ट्रैफिक गुजरने से यह दरार बढ़ती जा रही है। जानकार लोगों का मानना है कि अगर कुछ दिनों में बारिश हो गई तो दरार और चौड़ी होने से सड़क पर गुजरना भी खतरनाक हो जाएगा।
प्रभा टॉकीज रोड पर सीवर लाइन के लिए गहरी खोदाई चल रही है। पिछले सप्ताह खोदाई के दौरान इस सड़क में बड़ी दरार आ गई थी। जल निगम ने मरम्मत कराने की बात कही थी लेकिन अब तक उसकी मरम्मत के लिए काम शुरू नहीं हुआ है। ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से यह दरार धीरे-धीरे और चौड़ी होती जा रही है। माना जा रहा है कि अगर अगले एक सप्ताह तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो यह सड़क और कमजोर हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग के एक इंजीनियर ने बताया कि गलत तरह से खोदाई की वजह से ही दरार पड़ी है। अगर नियमों के मुताबिक खोदाई की जाए तो सड़क के दूसरी तरफ के हिस्से को नुकसान नहीं पहुंच सकता।
पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने कहा कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई और इस बीच बारिश हो गई या किसी और माध्यम से दरार में पानी गया तो पूरी सड़क कमजोर हो जाएगी। अगले छह महीने में सड़क उखड़नी शुरू हो जाएगी और सड़क पर गड्ढे होने लगेंगे। जल निगम एक्सईएन संजय कुमार ने बताया कि जल्द ही ठेकेदार को निर्देशित कर सड़क की मरम्मत करा दी जाएगी।
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अफसरों को भी परवाह नहीं, एक बार कार्रवाई कर आंखें मूंदीं बरेली। सीवर ट्रंक लाइन डालने के लिए सड़कों की गहरी खोदाई और पुलों का निर्माण कर रही एजेंसियां एनजीटी के आदेशों को हवा में उड़ा दिया है। हालत यह है कि माहौल में अच्छी-खासी नमी के बावजूद शहर की सड़कों पर उड़ रहे धूल के गुबार से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। जिन विभागों पर प्रदूषण को काबू में रखने की जिम्मेदारी है, वे भी हालात की अनदेखी कर रहे हैं। नगर निगम में निगरानी के लिए बनाई गई समिति भी निष्क्रिय हो गई है।
जल निगम सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों की खोदाई करने में साफ तौर पर एनजीटी के नियमों की अनदेखी कर रहा है। सड़कों पर मिट्टी के खुले ढेर डाल दिए गए हैं और धूल उड़ने के बावजूद उसे रोकने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। करीब पांच महीने पहले नगर आयुक्त ने एक बार जल निगम और सेतु निगम पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था लेकिन उसके बाद दोबारा यह खानापूरी नहीं हुई। बेतहाशा धूल उड़ने से राहगीरों को दिक्कतें हो रही है लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। प्रभा टॉकीज रोड, दामोदर पार्क और चौपुला की ओर से निकलने वाले लोगों को इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने बताया कि निर्माण कार्यों में लगे विभागों से एनजीटी के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। जांच कराई जाएगी, लापरवाही पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
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निगरानी समिति ने तीन महीने से नहीं दी रिपोर्ट
नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने निर्माण कार्यों के दौरान एनजीटी के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया था लेकिन यह समिति भी निष्क्रिय हो गई है। तीन महीने से समिति ने नगर निगम को कोई रिपोर्ट ही नहीं दी है जबकि तय हुआ था कि प्रदूषण फैलाने के मामलों में समिति की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई होगी।
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खतरा: प्रभा टॉकीज रोड पर गहरी हो रही दरार फिर भी मरम्मत नहीं
बरेली। सीवर लाइन के लिए खोदाई की वजह से पिछले हफ्ते प्रभा टॉकीज रोड पर पड़ी गहरी दरार की अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। सड़क पर लगातार ट्रैफिक गुजरने से यह दरार बढ़ती जा रही है। जानकार लोगों का मानना है कि अगर कुछ दिनों में बारिश हो गई तो दरार और चौड़ी होने से सड़क पर गुजरना भी खतरनाक हो जाएगा।प्रभा टॉकीज रोड पर सीवर लाइन के लिए गहरी खोदाई चल रही है। पिछले सप्ताह खोदाई के दौरान इस सड़क में बड़ी दरार आ गई थी। जल निगम ने मरम्मत कराने की बात कही थी लेकिन अब तक उसकी मरम्मत के लिए काम शुरू नहीं हुआ है। ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से यह दरार धीरे-धीरे और चौड़ी होती जा रही है। माना जा रहा है कि अगर अगले एक सप्ताह तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो यह सड़क और कमजोर हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग के एक इंजीनियर ने बताया कि गलत तरह से खोदाई की वजह से ही दरार पड़ी है। अगर नियमों के मुताबिक खोदाई की जाए तो सड़क के दूसरी तरफ के हिस्से को नुकसान नहीं पहुंच सकता।
पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने कहा कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई और इस बीच बारिश हो गई या किसी और माध्यम से दरार में पानी गया तो पूरी सड़क कमजोर हो जाएगी। अगले छह महीने में सड़क उखड़नी शुरू हो जाएगी और सड़क पर गड्ढे होने लगेंगे। जल निगम एक्सईएन संजय कुमार ने बताया कि जल्द ही ठेकेदार को निर्देशित कर सड़क की मरम्मत करा दी जाएगी।