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Bareilly News: न तस्कर मिले न अफीम, सस्ते में छूट सकता है रामसेवक
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बरेली। फरार इंस्पेक्टर रामसेवक को हाईकोर्ट से पहली राहत गिरफ्तारी पर रोक के रूप में मिली। अब विवेचना में सुस्ती की वजह से उसके आसानी से छूटने के आसार बन रहे हैं। दरअसल, निलंबित पुलिसकर्मियों की केस में भूमिका स्पष्ट नहीं हो सकी है। अफीम तस्करों या अफीम का भी पता नहीं चला है। साक्ष्यों के अभाव में केस कमजोर होगा और वह आसानी से छूट जाएगा।
सात लाख रुपये लेकर अफीम तस्करों को छोड़ने का जिक्र थाने के रजिस्टरों में दर्ज है। विवेचक ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी एकत्र की है। पुलिस आज तक छोड़े गए तस्करों के नाम तक मुकदमे में नहीं बढ़ा सकी है। तस्कर बेखौफ होकर अपने ढाबे संचालित कर रहे हैं। पुलिसकर्मी उन पर हाथ डालने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से किसी तस्कर को पकड़ने पर खुद पुलिसवालों पर आंच आने का डर सता रहा है।
यही वजह है जो तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को भी पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है। तस्करों के खिलाफ चल रही पिट एनडीपीएस, गुंडा एक्ट, मिनी गुंडा एक्ट व गैंगस्टर की कार्रवाई भी ठप सी है। स्मैक तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की फाइलें धूल फांक रही हैं।
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रामसेवक के बयान से स्पष्ट होगी तस्वीर : विवेचक
विवेचक सीओ हाईवे नितिन कुमार ने बताया कि रामसेवक की गिरफ्तारी के लिए काफी प्रयास किए गए। स्थानीय कोर्ट से भी उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया गया था, पर उच्च अदालत में चल रही कार्रवाई की वजह से एनबीडब्ल्यू जारी नहीं हो सका था। साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अन्य आरोपियों व पुलिस कर्मियों के नाम मुकदमे में बढ़ाने की तैयारी है। रामसेवक के आने पर उसका भी बयान दर्ज किया जाएगा। तभी अन्य आरोपियों को लेकर स्थिति साफ होगी।
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सात लाख रुपये लेकर अफीम तस्करों को छोड़ने का जिक्र थाने के रजिस्टरों में दर्ज है। विवेचक ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी एकत्र की है। पुलिस आज तक छोड़े गए तस्करों के नाम तक मुकदमे में नहीं बढ़ा सकी है। तस्कर बेखौफ होकर अपने ढाबे संचालित कर रहे हैं। पुलिसकर्मी उन पर हाथ डालने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से किसी तस्कर को पकड़ने पर खुद पुलिसवालों पर आंच आने का डर सता रहा है।
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यही वजह है जो तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को भी पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है। तस्करों के खिलाफ चल रही पिट एनडीपीएस, गुंडा एक्ट, मिनी गुंडा एक्ट व गैंगस्टर की कार्रवाई भी ठप सी है। स्मैक तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की फाइलें धूल फांक रही हैं।
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रामसेवक के बयान से स्पष्ट होगी तस्वीर : विवेचक
विवेचक सीओ हाईवे नितिन कुमार ने बताया कि रामसेवक की गिरफ्तारी के लिए काफी प्रयास किए गए। स्थानीय कोर्ट से भी उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया गया था, पर उच्च अदालत में चल रही कार्रवाई की वजह से एनबीडब्ल्यू जारी नहीं हो सका था। साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अन्य आरोपियों व पुलिस कर्मियों के नाम मुकदमे में बढ़ाने की तैयारी है। रामसेवक के आने पर उसका भी बयान दर्ज किया जाएगा। तभी अन्य आरोपियों को लेकर स्थिति साफ होगी।