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Bareilly News: न भू उपयोग बदलवाया, न ही नक्शा पास कराया, शुरू कर दिया निर्माण
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बरेली। अस्पताल का निर्माण शुरू कराने से पहले न तो भू उपयोग बदलवाया गया, न ही बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) से नक्शा पास कराया गया। बाद में दाखिल किए गए भू उपयोग परिवर्तन के मुकदमे को एसडीएम कोर्ट ने 19 जून को खारिज कर दिया।
मदरसा जमियातुज्जिया नरियावल के निवासी अहले हिकमत ट्रस्ट के सदस्य मोहम्मद नाजिम खान की तरफ से पांच मई को जमीन की श्रेणी परिवर्तित कराने के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया था। उन्होंने सदर तहसील के गांव भिंडौलिया में गाटा संख्या 463 की 0.0936 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। इसका बैनामा दो अगस्त 2021 को हुआ था।
खरीदी गई जमीन का दाखिल खारिज 11 जनवरी 2022 को हो गया था। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर यूनानी अस्पताल बनाने से पहले ट्रस्टी ने बीडीए से न तो नक्शा पास कराया, न ही एसडीएम कोर्ट से कृषि जमीन को अकृषि घोषित कराया। अस्पताल निर्माण के लिए भूतल पर भवन बनवा दिया और दूसरी मंजिल पर निर्माण भी शुरू करा दिया।
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एसडीएम कोर्ट में फाइल पेश हुई तो पीठासीन अधिकारी (एसडीएम सदर) ने तहसीलदार सदर से रिपोर्ट तलब क। तहसीलदार ने 15 मई 2025 को रिपोर्ट देकर बताया कि संबंधित जमीन बीडीए के क्षेत्र में है। इसके बाद बीडीए ने एसडीएम कोर्ट को तीन जून को रिपोर्ट देकर कहा है कि आवेदक मोहम्मद नाजिम ने बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही यूनानी अस्पताल का अवैध निर्माण आरंभ कर दिया है। ऐसा करना उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम का उल्लंघन है।
इस पर ट्रस्टी ने 10 जून को दोबारा अनापत्ति के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। एसडीएम कोर्ट ने फिर बीडीए से रिपोर्ट मांगी। अब एसडीएम कोर्ट ने मामले को निरस्त कर दिया है।
19 जून को पारित आदेश में ये भी कहा गया है कि प्राधिकरण से अनापत्ति उपलब्ध नहीं होने और वादी की तरफ से कोर्ट फीस न जमा किए जाने से संबंधित जमीन का श्रेणी परिवर्तन किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है।
मोहम्मद नाजिम ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो ने गलत रिपोर्ट लगा दी है। नक्शे के लिए हमने बीडीए में फीस जमा कर रखी है। आज हमने फिर एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया है। यदि एसडीएम कोर्ट से नहीं होगा तो हाईकोर्ट जाएंगे।
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मदरसा जमियातुज्जिया नरियावल के निवासी अहले हिकमत ट्रस्ट के सदस्य मोहम्मद नाजिम खान की तरफ से पांच मई को जमीन की श्रेणी परिवर्तित कराने के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया था। उन्होंने सदर तहसील के गांव भिंडौलिया में गाटा संख्या 463 की 0.0936 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। इसका बैनामा दो अगस्त 2021 को हुआ था।
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खरीदी गई जमीन का दाखिल खारिज 11 जनवरी 2022 को हो गया था। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर यूनानी अस्पताल बनाने से पहले ट्रस्टी ने बीडीए से न तो नक्शा पास कराया, न ही एसडीएम कोर्ट से कृषि जमीन को अकृषि घोषित कराया। अस्पताल निर्माण के लिए भूतल पर भवन बनवा दिया और दूसरी मंजिल पर निर्माण भी शुरू करा दिया।
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एसडीएम कोर्ट में फाइल पेश हुई तो पीठासीन अधिकारी (एसडीएम सदर) ने तहसीलदार सदर से रिपोर्ट तलब क। तहसीलदार ने 15 मई 2025 को रिपोर्ट देकर बताया कि संबंधित जमीन बीडीए के क्षेत्र में है। इसके बाद बीडीए ने एसडीएम कोर्ट को तीन जून को रिपोर्ट देकर कहा है कि आवेदक मोहम्मद नाजिम ने बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही यूनानी अस्पताल का अवैध निर्माण आरंभ कर दिया है। ऐसा करना उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम का उल्लंघन है।
इस पर ट्रस्टी ने 10 जून को दोबारा अनापत्ति के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। एसडीएम कोर्ट ने फिर बीडीए से रिपोर्ट मांगी। अब एसडीएम कोर्ट ने मामले को निरस्त कर दिया है।
19 जून को पारित आदेश में ये भी कहा गया है कि प्राधिकरण से अनापत्ति उपलब्ध नहीं होने और वादी की तरफ से कोर्ट फीस न जमा किए जाने से संबंधित जमीन का श्रेणी परिवर्तन किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है।
मोहम्मद नाजिम ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो ने गलत रिपोर्ट लगा दी है। नक्शे के लिए हमने बीडीए में फीस जमा कर रखी है। आज हमने फिर एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया है। यदि एसडीएम कोर्ट से नहीं होगा तो हाईकोर्ट जाएंगे।