फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Nawaz Sharif, India Skip concern : Owaisi

नवाज शरीफ हिंदुस्तान की फिक्र छोड़ें: ओवैसी

Mon, 25 Jul 2016 01:35 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Mon, 25 Jul 2016 01:35 AM IST
विज्ञापन
Nawaz Sharif, India Skip concern : Owaisi
ओवेसी
आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन के अध्यक्ष सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को नसीहत दी है कि उन्हें हिंदुस्तान की फिक्र करने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान के खुद के हालात ठीक नहीं है, उनके अपने घर में आग लगी है। नवाज शरीफ को अपने मसलों का हल तलाशना चाहिए। उनके बयान हिंदु-मुस्लिमों के भड़कने के सवाल पर ओवैसी बोले कि हर चीज का जिम्मेदार दाढ़ी वाला नहीं है।
विज्ञापन

सौदागरान स्थित आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां के निवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने संसद में पिछले आठ महीने में दो बार कश्मीर मुद्दे पर बोला है। केंद्र में पूर्ण बहुमत में भाजपा की सरकार है। जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के समझौते वाली सरकार में अफस्पा को हटाने का मुद्दा भी शामिल था, मगर डेढ़ साल में कुछ नहीं हो पाया। कश्मीर में कोई आतंकी मारे जाने पर उसके जनाजे की नमाज में हजारों की तादाद में लोग शामिल हो रहे हैं। इसका वहां की सरकार को संज्ञान लेना चाहिए था। कश्मीर में तमाम लोग मारे गए, 1900 लोग जख्मी हो गए हैं। पेलेट गन का इस्तेमाल करने से 150 लोगों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। सरकार क्या करने वाली यह हमको नहीं मालूम है। उन्हीं की वहां भी सरकार है। कर्फ्यू में तो राहत देनी चाहिए, 16-17 दिन हो गए हैं। वहां के लोग किस हाल में हैं। सरकार को इस पर तो सोचना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर मुद्दे का हल निकालने के लिए पहल की थी। उस पर काम होना चाहिए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के कश्मीर मुद्दे पर बयान देने का विरोध करते हुए ओवैसी ने कहा कि- जिंदगी मांग कर लाए थे चार दिन, दो आरजू में कट गए दो इंतजार में। नवाज शरीफ का यही हाल है। उन्हें चाहिए कि वह हिंदुस्तान की फिक्र छोड़ दें, कब तक हिंदुस्तान की फिक्र करेंगे। उनके घर में तो खुद आग लगी है। उन्हें अपने मसलों का हल सोचना चाहिए। उनके (ओवैसी के) बयानों से हिंदू-मुस्लिम भड़कते हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि कहां भड़कते हैं मेरी वजह से, अगर भड़कते तो यूपी में कम से कम एक मुस्लिम एमपी बन जाता। आजादी के बाद से यह पहली बार हुआ है कि कोई मुस्लिम सांसद नहीं बना। अगर आप मानते हैं कि हर किसी चीज का जिम्मेदार दाढ़ी वाला है तो मानते रहो। भाजपा 280 सीटें जीत गई, इसके लिए मैं तो जिम्मेदार नहीं हूं। 
विज्ञापन

ओवैसी से मिलने के बाद आईएमसी प्रमुख ने दिया संकेत
सपा-बसपा से अलग महागठबंधन की तैयारी 
आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लेमीन के अध्यक्ष मौलाना असदउद्दीन ओवैसी से गुफ्तगू करने के बाद आईएमसी प्रमुख तौकीर रजा ने बिहार मॉडल पर उत्तर प्रदेश में भी भाजपा, सपा और बसपा से अलग महागठबंधन बनाने के संकेत दिए हैं। ओवैसी ने तो अपनी यात्रा को गैर सियासी कहकर बचने की कोशिश की लेकिन बाद में आईएमसी प्रमुख ने कहा कि यूपी में महागठबंधन की जरूरत महसूस की जा रही है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री की दावेदार शीला दीक्षित और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने भी संपर्क किया है। जनता दल(यूनाइटेड) ने बिहार में महा गठबंधन बनाकर भाजपा को सरकार में आने से रोक दिया। इसी तर्ज पर यूपी में फार्मूला तैयार किया गया है। इसीलिए दरगाह में हाजिरी देने के बहाने बरेली आए मौलाना असदउद्दीन ओवैसी और आईएमसी के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा की मुलाकात को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। दोनों ही मुस्लिम नेताओं की बंद कमरे में करीब आधा घंटे तक यूपी के चुनावी माहौल पर बात हुई। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौलाना ओवैसी ने महा गठबंधन पर तो बात नहीं की लेकिन उनके जाने के बाद मौलाना तौकीर रजा खां ने यह साफ कर दिया कि यूपी में फिरकापस्त ताकतों को सरकार से रोकने के लिए महा गठबंधन बनना चाहिए। इस पर वह खुद कई महीने से काम कर रहे हैं। फिरकापरस्त ताकतें फिर यूपी में बवाल कराकर लोगों को धर्म के नाम पर बांटकर सियासी फायदा उठाना चाहती हैं। उन्हें दूसरे मुजफ्फरनगर की तलाश है। समाजवादी पार्टी और बसपा ने यूपी को खोखला कर दिया है। महा गठबंधन से ही यूपी का भला हो सकता है। महा गठबंधन में कांग्रेस, जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय लोकदल, कौमी एकता दल, आईएमसी समेत कई दलों को शामिल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जाहिर है कि ओवैसी का बरेली आना यूं ही नहीं था। आने वाले दिनों में आईएमसी से ओवैसी की पार्टी हाथ मिला सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

ओवैसी के रवैये से दरगाह नाराज, पल्ला झाड़ा
बरेली। आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लेमीन के अध्यक्ष सांसद असदउ्ददीन ओवैसी के रवैये से आला हजरत दरगाह नाराज है। दरगाह के प्रवक्ता सलीम नूरी का कहना है कि आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लेमीन के अध्यक्ष ओवैसी का दरगाह में आना सियासी है। दरगाह को सियासत के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। क्योंकि यह अकीदत का मरकज है, यहां से जितने लोग जुड़े हैं, उनकी मजहबी रहनुमाई की जाती है। इस वक्त यूपी में चुनावी माहौल है, यदि कोई राजनेता दरगाह पर हाजिरी देने आता है तो उसे सियासी नजर से देखना चाहिए। दरगाह और मरकज का हिमायती नहीं समझना चाहिए। दरगाह के प्रवक्ता का यह भी कहना है कि ओवैसी को सिर्फ दरगाह आना होता तो वह पहले दरगाह आते और दरगाह के सरपरस्त सुब्हानी मियां तथा अजहरी मिया से मुलाकात की बात करते। लेकिन वह पहले आईएमसी प्रमुख तौकीर रजा के यहां गए और वहां पर सियासी मामलों पर गुफ्तगू की। उसी के बाद एमआईसी के कार्यकर्ताओं के साथ दरगाह पहुंचकर फातिहा पढ़ी। वहां पर करीब पांच छह मिनट के बाद वापस चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed