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बरेली: नवाबगंज पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर का जाति प्रमाण पत्र निरस्त, बर्खास्तगी की लटकी तलवार
Fri, 20 Aug 2021 11:33 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:33 PM IST
सार
नवाबगंज नगर पालिका के अध्यक्ष का पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित था और स्वयं को पिछड़ी जाति मोमिन अंसार का बताकर ही शहला ताहिर ने चुनाव जीता था।
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जाति प्रमाण पत्र।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीन साल तक चली जांच पड़ताल के बाद बरेली के नवाबगंज नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर का जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने निरस्तीकरण का नोटिस उनके आवास पर चस्पा कर दिया। शहला की ओर से 30 दिन में अपना पक्ष नहीं रखे जाने पर पालिकाध्यक्ष पद से बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाने की चेतावनी दी है।
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नवाबगंज नगर पालिका के अध्यक्ष का पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित था और स्वयं को पिछड़ी जाति मोमिन अंसार का बताकर ही शहला ताहिर ने चुनाव जीता था। प्रतिद्वंद्वी रहे भाजपा नेता नीरेंद्र सिंह राठौर ने उच्चाधिकारियों समेत शासन स्तर और पिछड़ा वर्ग आयोग से जाति प्रमाणपत्र को लेकर शिकायत की थी।
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उनका कहना था कि शहला ताहिर सामान्य वर्ग की हैं, जबकि उनके पति डॉ. मोहम्मद ताहिर पिछड़ी जाति के हैं।
आयोग के आदेश पर बरेली के साथ ही उनके मूल निवास आगरा के जिलाधिकारी के स्तर से इसकी जांच की जा रही थी। तीन साल तक चली इस जांच में शहला ताहिर की ओर से पक्ष में कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही वह सुनवाई में पहुंचीं।
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जिसकी रिपोर्ट आयोग को बरेली के जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भेज दी थी। जिस पर अब शहला ताहिर की जाति की पुष्टि के सापेक्ष प्रमाण ना मिलने पर गठित समिति ने प्रमाण पत्र निरस्त करने का निर्णय लिया है। जिसका नोटिस जिला प्रशासन के निर्देश पर तहसीलदार ने शहला ताहिर के आवास पर चस्पा कर दिया है।
बार-बार नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया गया पर अपना पक्ष रखने के लिए वह उपस्थित नहीं हुईं। जाति की पुष्टि के संबंध में कोई प्रमाण पत्र न मिलने से निरस्त कर दिया गया है। इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी है। नियमानुसार 30 दिन के भीतर वह अपना पक्ष प्रस्त़ुत कर सकती हैं। - नितीश कुमार, जिलाधिकारी