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Bareilly News: सड़कें पूरी... अधूरे द्वार, अगस्त तक तैयार होगा नाथ कॉरिडोर
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बरेली। शहर के सातों नाथ मंदिरों को जोड़ने वाली सड़कों का काम लगभग पूरा हो चुका है। जबकि, प्रवेश द्वार अभी तक अधूरे हैं। अधिकारियों ने कार्यदायी संस्थाओं को इसी महीने काम पूरा करने की चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि अगस्त तक नाथ कॉरिडोर अस्तित्व में आ जाएगा।
लोक निर्माण विभाग को नाथ कॉरिडोर के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। 125 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण होना था। ये सड़कें बन चुकी हैं पर कुछ सड़कों पर कैटआई आदि लगना बाकी है। इन सड़क का काम जुलाई तक पूरा होना है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी काम जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
केंद्र सरकार तक पहुंचा तपेश्वरनाथ मंदिर की सड़क का मामला
नाथ कॉरिडोर के तहत महज एक तपेश्वरनाथ मंदिर की सड़क का पेच फंसा है। नगर निगम ने काम शुरू होने से पहले सड़क अपनी बताई थी। लोक निर्माण विभाग ने जब काम शुरू किया तो पता चला कि सड़क रेलवे की है। अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने रेलवे से सड़क निर्माण की अनुमति मांगी है। बताया जा रहा है कि फाइल केंद्र सरकार के पास गई है। अब वहीं से अनुमति मिलेगी। विभाग भी मानकर चल रहा है कि इस सड़क पर काम फिलहाल नहीं हो पाएग।
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ये सड़कें हैं कॉरिडोर में शामिल
- वनखंडीनाथ मंदिर से पशुपति नाथ मंदिर तक।
- धोपेश्वरनाथ मंदिर से स्टेशन रोड पुलिस चौकी तक।
- मढ़ीनाथ मंदिर से सिटी श्मशान भूमि तक।
- चौरासी घंटा मंदिर से मढ़ीनाथ मंदिर तक।
- किला क्राॅसिंग से अलखनाथ मंदिर तक।
- कुदेशिया क्राॅसिंग से हार्टमन ओवरब्रिज तक।
- धर्मकांटा चौराहे से डेलापीर तक।
- सुभाषनगर पुलिया से तपेश्वरनाथ मंदिर तक।
- कुदेशिया क्राॅसिंग से त्रिवटीनाथ मंदिर होते हुए धर्मकांटा चौराहे तक।
- हार्टमन ओवरब्रिज से रामलीला मैदान तक।
नाथ कॉरिडोर के तहत सभी सड़कों काम लगभग पूरा हो चुका है। महज तपेश्वरनाथ मंदिर की सड़क फंसी है। उसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिलनी है। जब अनुमति मिलेगी, तभी काम शुरू हो पाएगा। - नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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डमरू चौराहे पर प्रवेश द्वार के लिए नहीं मिली जमीन
नाथ कॉरिडोर के तहत शहर के चारों दिशाओं में प्रवेश द्वार बनने हैं। यह काम बीडीए को दिया गया है। इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के पास, बीसलपुर रोड पर, रामपुर-दिल्ली रोड पर व बदायूं रोड पर प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। बीसलपुर रोड को छोड़कर बाकी तीनों प्रवेश द्वार बन चुके हैं। उनमें पत्थर लगने का काम बाकी है। इन प्रवेश द्वारों को अप्रैल 2024 तक पूरा हो जाना चाहिए था। माना जा रहा है कि इसमें अभी एक-दो महीने और लगेंगे। डमरू चौराहे के पास भी एक प्रवेश द्वार बनना हक्पर इसके लिए बीडीए को जमीन नहीं मिल पा रही है। अब इसके लिए इज्जतनगर बैरियर टू पुलिस चौकी के पास जगह देखी जा रही है। बीडीए के अधिशासी अभियंता एपीएन सिंह ने बताया कि डमरू चौराहे के पास प्रवेश द्वार के लिए जगह तलाशी जा रही है। बाकी जगह काम इसी माह पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी गई है। संवाद
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लोक निर्माण विभाग को नाथ कॉरिडोर के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। 125 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण होना था। ये सड़कें बन चुकी हैं पर कुछ सड़कों पर कैटआई आदि लगना बाकी है। इन सड़क का काम जुलाई तक पूरा होना है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी काम जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
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केंद्र सरकार तक पहुंचा तपेश्वरनाथ मंदिर की सड़क का मामला
नाथ कॉरिडोर के तहत महज एक तपेश्वरनाथ मंदिर की सड़क का पेच फंसा है। नगर निगम ने काम शुरू होने से पहले सड़क अपनी बताई थी। लोक निर्माण विभाग ने जब काम शुरू किया तो पता चला कि सड़क रेलवे की है। अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने रेलवे से सड़क निर्माण की अनुमति मांगी है। बताया जा रहा है कि फाइल केंद्र सरकार के पास गई है। अब वहीं से अनुमति मिलेगी। विभाग भी मानकर चल रहा है कि इस सड़क पर काम फिलहाल नहीं हो पाएग।
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ये सड़कें हैं कॉरिडोर में शामिल
- वनखंडीनाथ मंदिर से पशुपति नाथ मंदिर तक।
- धोपेश्वरनाथ मंदिर से स्टेशन रोड पुलिस चौकी तक।
- मढ़ीनाथ मंदिर से सिटी श्मशान भूमि तक।
- चौरासी घंटा मंदिर से मढ़ीनाथ मंदिर तक।
- किला क्राॅसिंग से अलखनाथ मंदिर तक।
- कुदेशिया क्राॅसिंग से हार्टमन ओवरब्रिज तक।
- धर्मकांटा चौराहे से डेलापीर तक।
- सुभाषनगर पुलिया से तपेश्वरनाथ मंदिर तक।
- कुदेशिया क्राॅसिंग से त्रिवटीनाथ मंदिर होते हुए धर्मकांटा चौराहे तक।
- हार्टमन ओवरब्रिज से रामलीला मैदान तक।
नाथ कॉरिडोर के तहत सभी सड़कों काम लगभग पूरा हो चुका है। महज तपेश्वरनाथ मंदिर की सड़क फंसी है। उसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिलनी है। जब अनुमति मिलेगी, तभी काम शुरू हो पाएगा। - नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
डमरू चौराहे पर प्रवेश द्वार के लिए नहीं मिली जमीन
नाथ कॉरिडोर के तहत शहर के चारों दिशाओं में प्रवेश द्वार बनने हैं। यह काम बीडीए को दिया गया है। इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के पास, बीसलपुर रोड पर, रामपुर-दिल्ली रोड पर व बदायूं रोड पर प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। बीसलपुर रोड को छोड़कर बाकी तीनों प्रवेश द्वार बन चुके हैं। उनमें पत्थर लगने का काम बाकी है। इन प्रवेश द्वारों को अप्रैल 2024 तक पूरा हो जाना चाहिए था। माना जा रहा है कि इसमें अभी एक-दो महीने और लगेंगे। डमरू चौराहे के पास भी एक प्रवेश द्वार बनना हक्पर इसके लिए बीडीए को जमीन नहीं मिल पा रही है। अब इसके लिए इज्जतनगर बैरियर टू पुलिस चौकी के पास जगह देखी जा रही है। बीडीए के अधिशासी अभियंता एपीएन सिंह ने बताया कि डमरू चौराहे के पास प्रवेश द्वार के लिए जगह तलाशी जा रही है। बाकी जगह काम इसी माह पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी गई है। संवाद