{"_id":"5fdbb6878ebc3e40a307a351","slug":"nainital-highway-jam-after-farmers-conference-bareilly-news-bly4304913132","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदायूं रोड पर प्रभावी नहीं रहा डायवर्जन, लाल फाटक पर लगा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदायूं रोड पर प्रभावी नहीं रहा डायवर्जन, लाल फाटक पर लगा जाम
विज्ञापन
सीएम की रैली में शामिल होने जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुखारा होकर बसें आतीं तो 40 किलोमीटर का फेर झेलते यात्री
विज्ञापन
बरेली। मुख्यमंत्री के भोजीपुरा में कार्यक्रम की वजह से कुछ प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन किया गया था। बदायूं रोड के वाहन भी बुखारा होकर फरीदपुर के रास्ते शहर में आने थे, लेकिन यह डायवर्जन प्रभावी नहीं रहा। बदायूं रोड से होकर आने वाले वाहन सामान्य दिनों की तरह लाल फाटक होकर आए। इससे लाल फाटक पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। हालांकि यात्री बरेली शहर में प्रवेश करने के लिए 40 किलोमीटर का फेर खाने से बच गए।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर यातायात पुलिस ने काफी तैयारी की थी। नैनीताल हाईवे पर भारी वाहनों का दबाव कम करने के साथ ही दूसरे प्रमुख मार्गों पर भी डायवर्जन किया गया था। इनमें बदायूं रोड भी शामिल था। वहां से रोडवेज बसों समेत सभी भारी वाहनों को बुखारा मोड़ से फरीदपुर होकर शहर में लाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं हो सका। किसी भी रोडवेज बस को बुखारा मोड़ से फरीदपुर की ओर डायवर्ट नहीं किया गया। सभी निजी और रोडवेज बसों के साथ ही अन्य वाहन भी लाल फाटक से होकर ही शहर में आए। इससे लाल फाटक पर थोड़ी देर के लिए जाम लग गया, लेकिन यात्रियों की बड़ी परेशानी बच गई। अगर यात्री बुखारा रोड से फरीदपुर होते हुए शहर में आते तो उन्हें ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती। वे 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करके शहर पहुंचते। इसमें उन्हें एक घंटे से ज्यादा वक्त लगता और लगभग 40 रुपये अधिक किराया देना पड़ता।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर यातायात पुलिस ने काफी तैयारी की थी। नैनीताल हाईवे पर भारी वाहनों का दबाव कम करने के साथ ही दूसरे प्रमुख मार्गों पर भी डायवर्जन किया गया था। इनमें बदायूं रोड भी शामिल था। वहां से रोडवेज बसों समेत सभी भारी वाहनों को बुखारा मोड़ से फरीदपुर होकर शहर में लाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं हो सका। किसी भी रोडवेज बस को बुखारा मोड़ से फरीदपुर की ओर डायवर्ट नहीं किया गया। सभी निजी और रोडवेज बसों के साथ ही अन्य वाहन भी लाल फाटक से होकर ही शहर में आए। इससे लाल फाटक पर थोड़ी देर के लिए जाम लग गया, लेकिन यात्रियों की बड़ी परेशानी बच गई। अगर यात्री बुखारा रोड से फरीदपुर होते हुए शहर में आते तो उन्हें ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती। वे 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करके शहर पहुंचते। इसमें उन्हें एक घंटे से ज्यादा वक्त लगता और लगभग 40 रुपये अधिक किराया देना पड़ता।
विज्ञापन
20 मिनट में ही व्यवस्थित हो गया यातायात: एसपी यातायात
यातायात पुलिस ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर चाकचौबंद व्यवस्था की थी। इसके लिए पहले ही जाम लगने वाले स्थानों को चिह्नित करके भारी वाहनों को निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ते देख लिए गए थे, इसका लाभ भी मिला। मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने के बाद सिर्फ 20 मिनट में ही नैनीताल हाईवे पर यातायात व्यवस्थित हो गया। पार्किंग स्थल का चयन भी इस तरह किया गया कि किसी को कोई समस्या न हो। - संजीव कुमार बाजपेई, एसपी यातायात
विज्ञापन