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नहले पर पड़ा दहला तो बैकफुट पर शहला
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बरेली। लखनऊ तक दौड़ लगाने की भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर की कवायद जो काम नहीं कर पाई, वह काम डीएम के एक पेच कसने भर से हो गया। नवाबगंज नगर पालिका की चेयरमैन शहला ताहिर की जिद से सफाई कर्मचारियों को जनवरी से तनख्वाह नहीं मिल पा रही थी। शासन तक शिकायतों का भी कोई असर नहीं हुआ। दो दिन पहले डीएम ने शहला के वित्तीय अधिकार छीनने की संस्तुति शासन को भेजी तो सोमवार को शहला ने वेतन बिल पर दस्तखत कर दिए। इसके बाद डीएम के निर्देश पर ईओ राजेश सक्सेना कुछ बाबुओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। शाम को 1.61 करोड़ के बकाया वेतन का चेक भी जारी हो गया। अब राजेश सक्सेना नगर पालिका में भी बैठेंगे।
नवाबगंज नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों सहित पूरे स्टाफ को जनवरी से वेतन ही नहीं मिल रहा है। दिसंबर में गुलशन कुमार सूरी के सेवानिवृत्त होने के बाद फरवरी में ईओ राजेश सक्सेना को आंवला के साथ यहां का भी चार्ज मिला, लेकिन चेयरमैन के साथ उनकी नहीं बनी। इसके बाद यहां दो और ईओ तैनात किए गए, लेकिन वो दोनों भी यहां चार्ज लेने नहीं आए। इस पर शासन ने जून में राजेश सक्सेना को फिर से यहां ईओ बना दिया। इस बीच, चेयरमैन शहला ताहिर ने सफाई कर्मचारियों के वेतन बिल पर सिग्नेचर ही नहीं किए। ईओ राजेश सक्सेना पर गंभीर आरोप हुए शहला ने इसकी शिकायत शासन में कर दी। इस बीच भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर ने वेतन के लिए परेशान कर्मचारियों से हमदर्दी दिखाते हुए शहला के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन तक पैरवी करने में कसर नहीं छोड़ी। लेकिन कर्मचारियों को वेतन फिर भी नहीं मिला। कुछ दिन पहले डीएम ने शहला को नोटिस दिया था। इस नोटिस पर भी जब चेयरमैन शहला ने वेतन जारी नहीं किया तो डीएम ने शहला के वित्तीय अधिकार सीज करने के लिए शासन में संस्तुति भेज दी। इसके बाद शहला ने सोमवार को चुपचाप वेतन बिल पर साइन कर दिए। मंगलवार को ईओ राजेश सक्सेना कुछ बाबुओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मियों के बकाया वेतन लेने की प्रक्रिया पूरी कर दी।
‘प्रशासन के आदेश पर कलेक्ट्रेट पहुंचा था। वहां से बकाया वेतन जारी कराने की औपचारिकता पूरी कर ली गई है। जल्द ही कर्मचारियों के खाते में वेतन पहुंच जाएगा।’
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- राजेश कुमार सक्सेना, ईओ, नवाबगंज नगर पालिका
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नवाबगंज नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों सहित पूरे स्टाफ को जनवरी से वेतन ही नहीं मिल रहा है। दिसंबर में गुलशन कुमार सूरी के सेवानिवृत्त होने के बाद फरवरी में ईओ राजेश सक्सेना को आंवला के साथ यहां का भी चार्ज मिला, लेकिन चेयरमैन के साथ उनकी नहीं बनी। इसके बाद यहां दो और ईओ तैनात किए गए, लेकिन वो दोनों भी यहां चार्ज लेने नहीं आए। इस पर शासन ने जून में राजेश सक्सेना को फिर से यहां ईओ बना दिया। इस बीच, चेयरमैन शहला ताहिर ने सफाई कर्मचारियों के वेतन बिल पर सिग्नेचर ही नहीं किए। ईओ राजेश सक्सेना पर गंभीर आरोप हुए शहला ने इसकी शिकायत शासन में कर दी। इस बीच भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर ने वेतन के लिए परेशान कर्मचारियों से हमदर्दी दिखाते हुए शहला के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन तक पैरवी करने में कसर नहीं छोड़ी। लेकिन कर्मचारियों को वेतन फिर भी नहीं मिला। कुछ दिन पहले डीएम ने शहला को नोटिस दिया था। इस नोटिस पर भी जब चेयरमैन शहला ने वेतन जारी नहीं किया तो डीएम ने शहला के वित्तीय अधिकार सीज करने के लिए शासन में संस्तुति भेज दी। इसके बाद शहला ने सोमवार को चुपचाप वेतन बिल पर साइन कर दिए। मंगलवार को ईओ राजेश सक्सेना कुछ बाबुओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मियों के बकाया वेतन लेने की प्रक्रिया पूरी कर दी।
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‘प्रशासन के आदेश पर कलेक्ट्रेट पहुंचा था। वहां से बकाया वेतन जारी कराने की औपचारिकता पूरी कर ली गई है। जल्द ही कर्मचारियों के खाते में वेतन पहुंच जाएगा।’
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- राजेश कुमार सक्सेना, ईओ, नवाबगंज नगर पालिका