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मेरे हुजूर! खजाना है भरपूर.. शहर की समस्याएं कीजिए दूर

बरेली Updated Fri, 08 Dec 2017 02:22 AM IST
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शहर के नए मेयर उमेश गौतम को नगर निगम में भरपूर खजाना मिला है। शपथग्रहण करते ही उन्हें शहरियों से किए वादे पूरे करने के लिए एक अरब रुपये से ज्यादा रकम उनके लिए उपलब्ध रहेगी। अलग-अलग मदों में यह रकम नगर निगम के खजाने में मौजूद है। खास यह कि नगर निगम पर ऐसी कोई बड़ी बकायेदारी भी नहीं है, जिसकी भरपाई इस रकम से करने की मजबूरी हो। मतलब साफ है कि नए मेयर को विकास कार्यों की धुआंधार ढंग से शुरुआत करने के लिए किसी का मुंह ताकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यही नहीं, कई और योजनाओं में नगर निगम को जल्द ही सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिलनी अभी बाकी है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए नगर निगम ने विकास कार्यों के लिए 2.98 अरब रुपये का मूल बजट प्रस्तावित किया था। इसके अलावा 60 करोड़ रुपये पिछला अवशेष था। इस बजट में वित्त आयोग, अवस्थापना एवं विभिन्न टैक्स से होने वाली आय को भी जोड़ा गया था। इसके बाद विभिन्न मदों में धन मिलता रहा और विकास कार्य चलते रहे। इस वित्तीय वर्ष के अब करीब चार महीने ही शेष बचे हैं। नगर निगम की नई सरकार के खजाने में एक अरब से अधिक रुपये मौजूद है, जिनसे उसे शहर में विकास कार्य कराने हैं।

इन मदों में मौजूद है एक अरब की रकम
मद :                       प्राप्ति             व्यय            शेष राशि (लाख में)
राज्य वित्त आयोग         7166.25      6783.41      382.84
13, 14 वित्त आयोग     6654.98       342.84         6312.14
अवस्थापना निधि            1977.48       61.02           1916.48
निगम निधि                    3029.31        2249.79       779.52
स्वच्छ भारत मिशन         444.58          212.57       232.01
स्मार्ट सिटी                188.34        शून्य            188.34 
अमृत योजना                 143.47        12.96         130.51
कान्हा योजना                 100            शून्य                  100 
यूआईडीएसएसएमटी      673.35        शून्य                  673.35

वसूल लिए तो टैक्स के भी मिलेंगे 20 करोड़
नगर निगम ने इस बजट में गृह, जल और सीवर समेत अन्य करों से 44 करोड़ रुपये की आय प्रस्तावित की थी। मगर अब तक नगर निगम इसमें से करीब 24 करोड़ रुपये ही वसूल सका है। अगर इस वित्तीय वर्ष के दौरान ही यह बकाया धनराशि वसूल कर ली गई तो करीब बीस करोड़ रुपये की यह रकम भी नए मेयर को खर्च करने के लिए मिलेगी।

अन्य मदों से भी सौ करोड़ से ज्यादा
इस बजट में ही नगर निगम को अवस्थापना निधि से ही अभी 19 करोड़ रुपये मिलने हैं। इसी तरह 14वें वित्त आयोग के भी 25 करोड़ रुपये आने बकाया हैं। कई अन्य मदों मेें भी नगर निगम को प्रदेश सरकार से धन आवंटित होना है। इस तरह नगर निगम को करीब सौ करोड़ रुपये और मिलेंगे।


चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक नगर निगम का खर्च
सड़क : 944.07
जल निकासी : 194.53
मार्ग प्रकाश : 108.65
जल आपूर्ति : 121.18
सीवर : 70.15
वाहन : 317.55
सफाई : 86.46
वेतन-पेंशन : 67.84
अन्य : 407.20
(रुपये करोड़ में) 

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