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‘अपने बच्चों को अच्छी तालीम दिलाएं मुसलमान’
सार
हजरत शाह शराफत अली मियां के कुल के समय तेज बारिश भी शराफत मियां के दीवानों के कदम नहीं रोक सकी।इसमें दीनी और दुनियावी तालीम नई तकनीक के साथ दी जाएगी।शाहबाद स्थित दरगाह शरीफ पर चल रहा उर्स-ए-शराफती कुल की रस्म के साथ मुकम्मल हो गया।इसमें सबसे पहले हाफिज कारी अनवार सकलैनी ने कलाम पाक की तिलावत की।
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विस्तार
बरेली। हजरत शाह शराफत अली मियां के कुल के समय तेज बारिश भी शराफत मियां के दीवानों के कदम नहीं रोक सकी। आलम यह था कि कुल में शिरकत करने के लिए वे बारिश से तर-बतर रिक्शा, ऑटो, बाइक और पैदल ही सड़कों पर भरे पानी को पार करके अपने पीर के दर पर पहुंचते रहे। उर्स के दौरान हुए तकरीर में खानकाह के हाजी मुंतखब मियां ने मुसलमानों से अपने बच्चों को अच्छी तालीम दिलाने और तालीमी इदारे कायम करने की अपील की। कहा, जल्द ही खानकाह की ओर से आधुनिक तालीमी इदारा दारुस्सकलैन फाउंडेशन के नाम से कायम होने जा रहा है। इसमें दीनी और दुनियावी तालीम नई तकनीक के साथ दी जाएगी।
शाहबाद स्थित दरगाह शरीफ पर चल रहा उर्स-ए-शराफती कुल की रस्म के साथ मुकम्मल हो गया। शनिवार को उर्स का कार्यक्रम सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुआ। इसके बाद दरगाह के मेहमानखाने में सज्जादानशीन पीरो मुर्शिद शाह सकलैन मियां की सरपरस्ती में तकरीरी कार्यक्रम हुआ। इसमें सबसे पहले हाफिज कारी अनवार सकलैनी ने कलाम पाक की तिलावत की। हसीब रौनक सकलैनी, आमिल ककरालवी, आफाक सकसैनी, इमरान सकलैनी ने कलाम पेश किए। अल्लामा प्रोफेसर महमूद उल हसन, अल्लामा शाहिद शेख, अल्लामा आबिद सकलैनी (मुंबई) ने हजरत शाह शराफत अली मियां की रुहानी जिंदगी पर रोशनी डाली। इसके बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। पीरो मुर्शिद सकलैन मियां ने मुल्क के अमन हिफाजत के लिए दुआ की। कुल के दौरान दरगाह के आसपास की तमाम सड़कें और गलियां जायरीन से भर गईं थीं। मेहमानखाना ऊपर से नीचे तक फुल हो चुका था। कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। लोग सड़कों पर भरे पानी, दुकानों और मकानों के चबूतरों पर खड़े रहे।
शुक्रिया अदा किया
साहिबजादे गाजी मियां ने उर्स के सकुशल संपन्न होने पर पुलिस, प्रशासन और तमाम सहयोग करने वालों का शुक्रिया अदा किया। इस दौरान मोहम्मद सादकैन सकलैनी, हाफिज गुलाम गौस सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, मुंतखब सकलैनी, सलमान सकलैनी, मौलाना रुमान सकसैनी, मौलाना अनवर सकलैनी, हाफिज जाने आलम आदि मौजूद रहे।
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चादरपोशी का जुलूस आज
मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि रविवार को हमेशा की तरह ईद मीलादुन्नबी पर सज्जादानशीन सकलैन मियां अकीदतमंदों के साथ गुलाबनगर स्थित हजरत शाह बशीर मियां की दरगाह पर सुबह नौ बजे चादरपोशी करने जाएंगे। जहां रसूले पाक और बुजुर्गों के तबर्रुकात की जियारत कराई जाएगी।
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शाहबाद स्थित दरगाह शरीफ पर चल रहा उर्स-ए-शराफती कुल की रस्म के साथ मुकम्मल हो गया। शनिवार को उर्स का कार्यक्रम सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुआ। इसके बाद दरगाह के मेहमानखाने में सज्जादानशीन पीरो मुर्शिद शाह सकलैन मियां की सरपरस्ती में तकरीरी कार्यक्रम हुआ। इसमें सबसे पहले हाफिज कारी अनवार सकलैनी ने कलाम पाक की तिलावत की। हसीब रौनक सकलैनी, आमिल ककरालवी, आफाक सकसैनी, इमरान सकलैनी ने कलाम पेश किए। अल्लामा प्रोफेसर महमूद उल हसन, अल्लामा शाहिद शेख, अल्लामा आबिद सकलैनी (मुंबई) ने हजरत शाह शराफत अली मियां की रुहानी जिंदगी पर रोशनी डाली। इसके बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। पीरो मुर्शिद सकलैन मियां ने मुल्क के अमन हिफाजत के लिए दुआ की। कुल के दौरान दरगाह के आसपास की तमाम सड़कें और गलियां जायरीन से भर गईं थीं। मेहमानखाना ऊपर से नीचे तक फुल हो चुका था। कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। लोग सड़कों पर भरे पानी, दुकानों और मकानों के चबूतरों पर खड़े रहे।
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शुक्रिया अदा किया
साहिबजादे गाजी मियां ने उर्स के सकुशल संपन्न होने पर पुलिस, प्रशासन और तमाम सहयोग करने वालों का शुक्रिया अदा किया। इस दौरान मोहम्मद सादकैन सकलैनी, हाफिज गुलाम गौस सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, मुंतखब सकलैनी, सलमान सकलैनी, मौलाना रुमान सकसैनी, मौलाना अनवर सकलैनी, हाफिज जाने आलम आदि मौजूद रहे।
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चादरपोशी का जुलूस आज
मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि रविवार को हमेशा की तरह ईद मीलादुन्नबी पर सज्जादानशीन सकलैन मियां अकीदतमंदों के साथ गुलाबनगर स्थित हजरत शाह बशीर मियां की दरगाह पर सुबह नौ बजे चादरपोशी करने जाएंगे। जहां रसूले पाक और बुजुर्गों के तबर्रुकात की जियारत कराई जाएगी।