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क्यों आए थे कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारे छानबीन में जुटी पुलिस ?
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शाहजहांपुर। लखनऊ के कमलेश तिवारी हत्याकांड के हत्यारों के तार बरेली से जुड़े हैं। मगर वो यहां क्यों आए थे, इसकी छानबीन पुलिस कर रही है। कातिलों का कोई मददगार यहां तो नहीं छिपा, इसे लेकर संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। कुछ मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। उधर, सुरक्षा के लिहाज से रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर पुलिस नजर बनाए हुए है।
हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले संदिग्ध दो युवक लखीमपुर जिले के पलिया से इनोवा गाड़ी बुक कराकर रविवार आधी रात करीब 12 बजे शाहजहांपुर पहुंचे थे। संदिग्धों के यहां होने का पता चलने के बाद उसी रात करीब दो बजे लखनऊ एसटीएफ भी शाहजहांपुर पहुंच गई थी। एसटीएफ ने उस इनोवा गाड़ी के ड्राइवर को हिरासत में ले रखा है, जिससे संदिग्ध कातिल शाहजहांपुर आए थे। पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने बताया कि संदिग्ध कातिलों ने इनोवा गाड़ी स्टेशन के सामने मेनगेट के पास छोड़ दी थी। इसके बाद पैदल रोडवेज की तरफ गए थे। यहां पहुंचने के बाद एसटीएफ ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित होटल पैराडाइज जाकर रोड की तरफ लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला था। सीसीटीवी फुटेज में 12:02 मिनट पर दोनों संदिग्ध पैदल जाते दिखाई दिए।
एसटीएफ के स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने पर कई थानों की पुलिस स्टेशन रोड पर बुला ली गई थी। सोमवार को दिन भर शहर के होटलों और मदरसों के मुसाफिर खाने में छापामार और तलाशी अभियान चला। सार्वजनिक स्थानों पर लगे खुफिया कैमरों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। छापेमारी और छानबीन के बाद एसटीफ लौट गई।
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छानबीन के दौरान कातिलों के मददगार बरेली में पाए गए हैं। हत्यारोपियों को राजस्थान में पकड़ भी लिया गया। मगर यहां की पुलिस अपने स्तर से छानबीन में जुटी है। संदिग्ध कातिलों का कोई मददगार या रिश्तेदार तो यहां नहीं रहता, उनका यहां आने का मकसद क्या था? इसे लेकर गोपनीय रूप से छानबीन की जा रही है। इस मामले में कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
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हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले संदिग्ध दो युवक लखीमपुर जिले के पलिया से इनोवा गाड़ी बुक कराकर रविवार आधी रात करीब 12 बजे शाहजहांपुर पहुंचे थे। संदिग्धों के यहां होने का पता चलने के बाद उसी रात करीब दो बजे लखनऊ एसटीएफ भी शाहजहांपुर पहुंच गई थी। एसटीएफ ने उस इनोवा गाड़ी के ड्राइवर को हिरासत में ले रखा है, जिससे संदिग्ध कातिल शाहजहांपुर आए थे। पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने बताया कि संदिग्ध कातिलों ने इनोवा गाड़ी स्टेशन के सामने मेनगेट के पास छोड़ दी थी। इसके बाद पैदल रोडवेज की तरफ गए थे। यहां पहुंचने के बाद एसटीएफ ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित होटल पैराडाइज जाकर रोड की तरफ लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला था। सीसीटीवी फुटेज में 12:02 मिनट पर दोनों संदिग्ध पैदल जाते दिखाई दिए।
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एसटीएफ के स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने पर कई थानों की पुलिस स्टेशन रोड पर बुला ली गई थी। सोमवार को दिन भर शहर के होटलों और मदरसों के मुसाफिर खाने में छापामार और तलाशी अभियान चला। सार्वजनिक स्थानों पर लगे खुफिया कैमरों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। छापेमारी और छानबीन के बाद एसटीफ लौट गई।
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छानबीन के दौरान कातिलों के मददगार बरेली में पाए गए हैं। हत्यारोपियों को राजस्थान में पकड़ भी लिया गया। मगर यहां की पुलिस अपने स्तर से छानबीन में जुटी है। संदिग्ध कातिलों का कोई मददगार या रिश्तेदार तो यहां नहीं रहता, उनका यहां आने का मकसद क्या था? इसे लेकर गोपनीय रूप से छानबीन की जा रही है। इस मामले में कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।