UP News: बरेली में अवैध कब्जेदारों को नगर निगम ने सात दिन का मौका और दिया, कब्जा हटाएं वरना चलेगा बुलडोजर
बरेली के डेलापीर और महेशपुर ठाकुरान में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए गए हैं। नगर निगम ने अवैध कब्जदारों को 10 अक्तूबर को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर मकान खाली करने के आदेश दिए थे। लेकिन किसी ने भी कब्जे नहीं हटाए। सिर्फ सुनील नाम के एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अपना मकान खाली किया है। बाकी 39 लोग कब्जा नहीं छोड़ा है। इन लोगों को सात दिन का समय और दिया गया है।
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बरेली में अवैध कब्जेदारों को नगर निगम ने शनिवार को सात दिन का मौका और दे दिया है। इस अवधि में अगर लोग कब्जा नहीं हटाते हैं तो उन्हें बलपूर्वक बेदखल किया जाएगा। अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा। तालाब और स्कूल की जमीन पर 40 मकान बने हैं और इन्हें गिराकर जमीन खाली किए जाने के लिए नगर निगम ने 10 अक्तूबर को नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया था। यह समय अवधि बीत गई पर अभी तक कब्जे नहीं हटे हैं। सभी कब्जेदारों को नोटिस देकर सात दिन का समय और दिया जा रहा है।
डेलापीर तालाब की जमीन पर नौ और महेशपुर ठाकुरान में तालाब की जमीन चार और शाहाबाद में सरकारी स्कूल पर जमीन पर 27 मकान अवैध कब्जा करके बनाए गए हैं। नगर निगम ने कब्जदारों को 10 अक्तूबर के नोटिस में 15 दिन के अंदर मकान खाली करने के आदेश दिए थे लेकिन अधिकतर कब्जे बरकरार है। सिर्फ सुनील नाम के एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अपना मकान खाली किया है। बाकी 39 लोगों ने कब्जा नहीं छोड़ा है।
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नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करते हुए अवैध कब्जेदारों को बेदखल किया जाएगा। नोटिस में दी गई 15 दिन की अवधि समाप्त हो गई है। किसी भी व्यक्ति ने प्रतिवेदन नहीं दिया और न ही कोई जवाब दाखिल किया है। अगर सात दिन में कब्जा नहीं हटाते हैं तो जिला प्रशासन से नगर निगम मजिस्ट्रेट नामित कराएगा। मजिस्ट्रेट के सामने पुलिस बल को साथ लेकर कब्जदारों को बेदखल कराया जाएगा।
बेदखली बचाने के लिए लखनऊ तक गए कब्जेदार, लगाई गुहार
कुछ अवैध कब्जेदारों ने लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक की दौड़ लगाई है। यह लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपना दर्द कहना चाहते थे। इन लोगों का कहना यह है कि वे बरसों से काबिज हैं और बेहद गरीब हैं इसलिए उन्हें बेदखल न किया जाए। इन लोगों का कहना है कि उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई है, लेकिन प्रार्थना पत्र शासन तक देकर के आए हैं। उम्मीद है कुछ न कुछ राहत मिलेगी।