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Bareilly News: म्यूल खाता खुलवाया, फर्जी फर्में बनाकर 30.65 करोड़ का लेन-देन
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पुलिस ने किया भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, हवाला कारोबार का शक
बरेली। दो बैंकों में म्यूल अकाउंट खुलवाकर और अलग-अलग नामों से फर्जी फर्में बनाकर 30.65 करोड़ रुपये के लेन-देन का भंड़ाफोड़ कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने रकम की हेराफेरी की बात स्वीकारी है। पुलिस कुल लेन-देन का आकलन कर रही है। म्यूल अकाउंट और सेल कंपनियों के जरिये हवाला कारोबार का शक है। इस दिशा में जांच की जा रही है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने सोमवार को बताया कि भुता थाना क्षेत्र के गांव केसरपुर निवासी शब्बू ने थाने में शिकायत की थी कि उसके गांव के शाहिद और बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला कांकर टोला सुनारों वाली गली निवासी अमित गुप्ता ने उसके नाम पर बैंक खाते खुलवाए हैं। जांच में पता चला कि एचडीएफसी व पंजाब एंड सिंध बैंक में सेल कंपनियों के नाम से म्यूल अकाउंट खुलवाए गए हैं। सत्य साहब ट्रेडर्स नामक फर्म के खाते से एक साल में 30.65 करोड़ का लेन-देन किया गया। महावीर ट्रेडिंग कंपनी, महाकाल ट्रेडर्स, सुमित ट्रेडर्स नाम से फर्म बनाकर इनके खातों से भी करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।
उन्होंने बताया कि अब तक एक कंपनी के नाम से हुए लेन-देन का लेखा-जोखा जुटाया जा चुका है। अन्य कंपनियों और फर्मों के नाम पर हुए लेन-देन की जांच की जा रही है। लेन-देन हवाला कारोबार से जुड़ा होने का शक है। पुलिस इस संबंध में भी जांच कर रही है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उनको जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान आरोपियों की रिमांड मांगी जाएगी। संवाद
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इस तरह किया खेल
अमित गुप्ता ने पुलिस को बताया कि शाहिद ने अपने गांव के शब्बू से उसकी मुलाकात कराई थी। उसने शब्बू से उसका आधार कार्ड व पैन कार्ड ले लिया। इसके बाद कूटरचित अन्य दस्तावेज तैयार कर दो बैंकों में म्यूल खाते खुलवाए। खातों का पूरा विवरण, पासबुक, चेक बुक, यूपीआई, डेबिट कार्ड आदि अपने पास रख लिया। इसके बाद इन खातों से लेन-देन किया गया। चेक बुक पर शब्बू के हस्ताक्षर पहले ही करा लिए थे।
जानिए, क्या है म्यूल अकाउंट और सेल कंपनी
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसके बारे में उस व्यक्ति को नहीं पता होता कि उसके नाम से बैंक में खाता चल रहा है और उससे लेन-देन हो रहा है। इस तरह के खाते साइबर ठगी, हवाला कारोबार और अवैध लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इसी तरह से सेल कंपनी या फर्म होती है। यह कंपनी कोई कारोबार नहीं करती। कंपनी सिर्फ कागजों पर होती है और उसके नाम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर ली जाती है।
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बरेली। दो बैंकों में म्यूल अकाउंट खुलवाकर और अलग-अलग नामों से फर्जी फर्में बनाकर 30.65 करोड़ रुपये के लेन-देन का भंड़ाफोड़ कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने रकम की हेराफेरी की बात स्वीकारी है। पुलिस कुल लेन-देन का आकलन कर रही है। म्यूल अकाउंट और सेल कंपनियों के जरिये हवाला कारोबार का शक है। इस दिशा में जांच की जा रही है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने सोमवार को बताया कि भुता थाना क्षेत्र के गांव केसरपुर निवासी शब्बू ने थाने में शिकायत की थी कि उसके गांव के शाहिद और बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला कांकर टोला सुनारों वाली गली निवासी अमित गुप्ता ने उसके नाम पर बैंक खाते खुलवाए हैं। जांच में पता चला कि एचडीएफसी व पंजाब एंड सिंध बैंक में सेल कंपनियों के नाम से म्यूल अकाउंट खुलवाए गए हैं। सत्य साहब ट्रेडर्स नामक फर्म के खाते से एक साल में 30.65 करोड़ का लेन-देन किया गया। महावीर ट्रेडिंग कंपनी, महाकाल ट्रेडर्स, सुमित ट्रेडर्स नाम से फर्म बनाकर इनके खातों से भी करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।
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उन्होंने बताया कि अब तक एक कंपनी के नाम से हुए लेन-देन का लेखा-जोखा जुटाया जा चुका है। अन्य कंपनियों और फर्मों के नाम पर हुए लेन-देन की जांच की जा रही है। लेन-देन हवाला कारोबार से जुड़ा होने का शक है। पुलिस इस संबंध में भी जांच कर रही है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उनको जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान आरोपियों की रिमांड मांगी जाएगी। संवाद
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इस तरह किया खेल
अमित गुप्ता ने पुलिस को बताया कि शाहिद ने अपने गांव के शब्बू से उसकी मुलाकात कराई थी। उसने शब्बू से उसका आधार कार्ड व पैन कार्ड ले लिया। इसके बाद कूटरचित अन्य दस्तावेज तैयार कर दो बैंकों में म्यूल खाते खुलवाए। खातों का पूरा विवरण, पासबुक, चेक बुक, यूपीआई, डेबिट कार्ड आदि अपने पास रख लिया। इसके बाद इन खातों से लेन-देन किया गया। चेक बुक पर शब्बू के हस्ताक्षर पहले ही करा लिए थे।
जानिए, क्या है म्यूल अकाउंट और सेल कंपनी
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसके बारे में उस व्यक्ति को नहीं पता होता कि उसके नाम से बैंक में खाता चल रहा है और उससे लेन-देन हो रहा है। इस तरह के खाते साइबर ठगी, हवाला कारोबार और अवैध लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इसी तरह से सेल कंपनी या फर्म होती है। यह कंपनी कोई कारोबार नहीं करती। कंपनी सिर्फ कागजों पर होती है और उसके नाम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर ली जाती है।