{"_id":"616b24d06876e44b401fdc84","slug":"mudassir-mian-this-cleanness-will-not-suit-the-dargah-bareilly-news-bly4630938128","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुदस्सिर मियां ! यह साफगोई दरगाह को रास नहीं आएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुदस्सिर मियां ! यह साफगोई दरगाह को रास नहीं आएगी
सार
दरगाह प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन की बैठक में शहर में हुए बवाल का ठीकरा दरगाह के ही पदाधिकारी पर फोड़ा
विज्ञापन
कोतवाली के सामने से होकर गुजरते हुड़दंगी। (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दरगाह अब तक पुलिस-प्रशासन को ठहरा रही थी जिम्मेदार
विज्ञापन
उर्स-ए-रजवी के कुल के दिन जायरीन ने किया था बवाल
बरेली। मुदस्सिर मियां को अमन कमेटी में किसने नामित किया, यह तो पता नहीं चल पा रहा है लेकिन शनिवार पुलिस-प्रशासन के अफसरों के सामने उन्होंने जो बोला, उससे दरगाह आला हजरत के पदाधिकारियों की एकाएक सांसें भारी हो गईं। दरअसल दरगाह की ओर से अब तक उर्स-ए-रजवी के कुल के दिन हुए बवाल के लिए पुलिस-प्रशासन पर ठीकरा फोड़ा जा रहा था मगर मुदस्सिर मियां बड़ी साफगोई से इसके लिए दरगाह के ही एक पदाधिकारी को जिम्मेदार ठहरा दिया। इसके बाद दरगाह पर सकते का माहौल है।
यह वाकया शनिवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी की तैयारियों के लिए पुलिस लाइन में आयोजित बैठक में हुआ। इस बैठक में उर्स-ए-रजवी के कुल के दौरान शहर में हुए बवाल का मुद्दा उठा तो सैय्यद मुदस्सिर अली ने इसके लिए सीधे-सीधे दरगाह कमेटी के पदाधिकारी हाजी जावेद खान को जिम्मेदार ठहरा दिया। बैठक में इससे कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया।
विज्ञापन
मुदस्सिर ने कहा कि अगर हाजी जावेद खान ने उर्स से पहले इस्लामिया कॉलेज के ग्राउंड पर हुई पुलिस ब्रीफिंग के दौरान यह सुझाव न दिया होता कि जायरीन को रोकने के लिए सड़कों पर बैरियर लगा दिया जाए तो कोई बखेड़ा न होता। जायरीन आते और चले जाते। गलती यह हुई कि पुलिस ने जावेद खान की सलाह मान ली, बैरियर लगवाए और इसी वजह से जायरीन ने बवाल कर दिया। मुदस्सिर ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने तो सूझबूझ से मामले को संभाल लिया वर्ना शहर में आग लग गई होती।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में दरगाह की ओर से तमाम लोग मौजूद थे लेकिन मुदस्सिर के आरोपों पर खामोशी छाई रही। हाजी जावेद खान ने भी पहले कुछ कहना चाहा लेकिन फिर खामोश हो गए। अंतत: अधिकारियों ने ही मुदस्सिर को खामोश रहने की हिदायत देकर बैठा दिया। इस घटनाक्रम के बाद दरगाह में सकते का माहौल है। देर शाम हाजी जावेद खान ने अमर उजाला को बताया कि जो कुछ उनके लिए कहा गया, वैसा कुछ नहीं है। पुलिस प्रशासन अपने हिसाब से व्यवस्था देखेगा, उनके कहने से नहीं। सिर्फ यही गौर करने लायक बात है।
जुलूस-ए-मोहम्मदी डीजे पर रहेगी पाबंदी, 30 सदस्यों के साथ शामिल होंगी अंजुमने
बरेली। ईद मीलादुन्नबी पर शहर में दो जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले जाते है। शनिवार को पुलिस लाइन में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई अंजुमनों की बैठक में तय हुआ कि जुलूसों में डीजे पर पाबंदी रहेगी। 30 सदस्यों के साथ ही अंजुमनों को जुलूस में शामिल होने की इजाजत रहेगी।
डीएम नितीश कुमार ने कहा कि कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए जुलूस निकाला जाए। ज्यादा भीड़ इकट्ठी न हो। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। बैठक में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, एसपी सिटी रवींद्र कुमार, एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह के अलावा दरगाह की ओर से हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी, परवेज नूरी, शाहिद नूरी, ताहिर अल्वी औरंगजेब नूरी, मुदस्सर अली, अंजुमन की ओर से शान रजा, कासिम कश्मीरी, इमशाद हुसैन, अंजुम शमीम, उस्मान अहमद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उर्स-ए-रजवी के कुल के दिन जायरीन ने किया था बवाल बरेली। मुदस्सिर मियां को अमन कमेटी में किसने नामित किया, यह तो पता नहीं चल पा रहा है लेकिन शनिवार पुलिस-प्रशासन के अफसरों के सामने उन्होंने जो बोला, उससे दरगाह आला हजरत के पदाधिकारियों की एकाएक सांसें भारी हो गईं। दरअसल दरगाह की ओर से अब तक उर्स-ए-रजवी के कुल के दिन हुए बवाल के लिए पुलिस-प्रशासन पर ठीकरा फोड़ा जा रहा था मगर मुदस्सिर मियां बड़ी साफगोई से इसके लिए दरगाह के ही एक पदाधिकारी को जिम्मेदार ठहरा दिया। इसके बाद दरगाह पर सकते का माहौल है।
यह वाकया शनिवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी की तैयारियों के लिए पुलिस लाइन में आयोजित बैठक में हुआ। इस बैठक में उर्स-ए-रजवी के कुल के दौरान शहर में हुए बवाल का मुद्दा उठा तो सैय्यद मुदस्सिर अली ने इसके लिए सीधे-सीधे दरगाह कमेटी के पदाधिकारी हाजी जावेद खान को जिम्मेदार ठहरा दिया। बैठक में इससे कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया।
विज्ञापन
मुदस्सिर ने कहा कि अगर हाजी जावेद खान ने उर्स से पहले इस्लामिया कॉलेज के ग्राउंड पर हुई पुलिस ब्रीफिंग के दौरान यह सुझाव न दिया होता कि जायरीन को रोकने के लिए सड़कों पर बैरियर लगा दिया जाए तो कोई बखेड़ा न होता। जायरीन आते और चले जाते। गलती यह हुई कि पुलिस ने जावेद खान की सलाह मान ली, बैरियर लगवाए और इसी वजह से जायरीन ने बवाल कर दिया। मुदस्सिर ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने तो सूझबूझ से मामले को संभाल लिया वर्ना शहर में आग लग गई होती।
विज्ञापन
बैठक में दरगाह की ओर से तमाम लोग मौजूद थे लेकिन मुदस्सिर के आरोपों पर खामोशी छाई रही। हाजी जावेद खान ने भी पहले कुछ कहना चाहा लेकिन फिर खामोश हो गए। अंतत: अधिकारियों ने ही मुदस्सिर को खामोश रहने की हिदायत देकर बैठा दिया। इस घटनाक्रम के बाद दरगाह में सकते का माहौल है। देर शाम हाजी जावेद खान ने अमर उजाला को बताया कि जो कुछ उनके लिए कहा गया, वैसा कुछ नहीं है। पुलिस प्रशासन अपने हिसाब से व्यवस्था देखेगा, उनके कहने से नहीं। सिर्फ यही गौर करने लायक बात है।
जुलूस-ए-मोहम्मदी डीजे पर रहेगी पाबंदी, 30 सदस्यों के साथ शामिल होंगी अंजुमने
बरेली। ईद मीलादुन्नबी पर शहर में दो जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले जाते है। शनिवार को पुलिस लाइन में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई अंजुमनों की बैठक में तय हुआ कि जुलूसों में डीजे पर पाबंदी रहेगी। 30 सदस्यों के साथ ही अंजुमनों को जुलूस में शामिल होने की इजाजत रहेगी।डीएम नितीश कुमार ने कहा कि कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए जुलूस निकाला जाए। ज्यादा भीड़ इकट्ठी न हो। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। बैठक में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, एसपी सिटी रवींद्र कुमार, एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह के अलावा दरगाह की ओर से हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी, परवेज नूरी, शाहिद नूरी, ताहिर अल्वी औरंगजेब नूरी, मुदस्सर अली, अंजुमन की ओर से शान रजा, कासिम कश्मीरी, इमशाद हुसैन, अंजुम शमीम, उस्मान अहमद आदि मौजूद रहे।