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बरेलीः सड़कों पर कीचड़ फिर भी राहत
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किला पुल की सर्विस लेन के पास भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बेमौसम अंधड़ों में घिरे शहर पर तीन दिन और घिरे रहेंगे बादल.. रहम की बूंदे भी बरसाएंगे
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बृहस्पतिवार की रात हुई बारिश से मिली काफी राहत, पारा भी पांच डिग्री गिरा
बरेली। पुलों और ट्रंक सीवर लाइन के लिए हो रही खुदाई की वजह से लू चलने से पहले ही शहर में हर तरफ धूल के अंधड़ों से परेशान शहरवासियों के लिए बृहस्पतिवार रात हुई बारिश ने कुछ हद तक संजीवनी का काम किया। सड़कों पर बेतहाशा कीचड़ और गंदगी के बावजूद शुक्रवार को शहर काफी हद तक दमघोंटू माहौल से राहत महसूस करता दिखाई दिया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बादलों के छाये रहने से राहत का यह मौसम तीन दिन और बना रहेगा। बूंदाबांदी होने का भी अनुमान जताया गया है।
हालांकि पर्वतोें से आए बादलों ने देर रात बारिश के बाद मौसम के अचानक बदले रुख ने शुक्रवार को लोगों को कुछ ठिठुरन का भी एहसास कराया। तेज हवाओं से तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक मौसम में अचानक यह परिवर्तन हावी हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुआ। आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह हवा की दिशा बदलते ही मौसम भी बदलना शुरू हो गया। शाम को बादल छाये पर उच्च वायु दाब से बारिश नहीं हुई। रात करीब आठ बजे तेज हवा से अनुकूल माहौल बना तो रात दो बजे के बाद गरज के साथ बादलों ने हल्की, मध्यम बारिश की। शुक्रवार को भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान 20.3 डिग्री और न्यूनतम 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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.. मगर घरों में मुसीबत
बिजली रात में ही गुल.. सुबह पानी भी गायब
बरेली। जरा सी बारिश में बिजली महकमा फिर बुरी तरह ठिठुर गया। इंसुलेटर बर्स्ट होने से आधी रात से ही तमाम इलाकों में बिजली गुल हो गई। तापमान गिरने से रात तो खैर कट गई लेकिन सुबह पानी भी नहीं आया तो लोग बेहाल हो गए। शुक्रवार देर शाम तक फाल्ट ठीक नहीं हो पाए। पुराना शहर, सीबीगंज, सुभाषनगर, सिविल लाइंस, रामपुर बाग, इज्जतनगर, राजेंद्रनगर, सनसिटी, ग्रीनपार्क, आशीष विहार, कैंट, नई बस्ती, बिहारीपुर, किला, राम वाटिका, सिंधुनगर, सैलानी, रबड़ी टोला, श्यामगंज समेत तमाम इलाकों में लोग दिन परेशानियों से जूझते रहे।
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नाले देर से साफ होंगे.. तब तक दलदली सड़कों पर संभलकर चलें
बरेली। 14वें वित्त की बैठक में 15 नालों और नालियों की सफाई के लिए आदेश तो दिया गया लेकिन यह आदेश एक बार फिर कागज में दर्ज होकर रह गया। रात में बारिश के बाद लोगों ने जमकर इसका खामियाजा भुगता। शहर भर में कहीं सड़कें पानी में डूबी नजर आईं तो कहीं दलदल जैसे हालात पैदा हो गए।
श्यामगंज चौराहा
रात में हुई बरसात के बाद चौराहे के साथ सड़कों पर दूसरे दिन शाम तक पानी भरा रहा। दूर तक कीचड़ फैलने से सड़क पर भारी फिसलन भी हो गए। सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले इस बाजार में लोगों को पूरे दिन काफी संभल-संभलकर चलना पड़ा।
किलापुल की सर्विस लेन डूबी: किला पुल की सर्विस लेन दूसरे दिन भी पानी में डूबी रही। गाड़ियां धीमे चलने से जाम लग गया। सड़क पहले से बदतर होने और हर तरफ गड्ढों में भरे पानी के बीच हादसे की आशंका लोगों को परेशान करती रही।
यहां भी हालात खतरनाक: करगना पुलिस चौकी के पीछे की सड़क, सैदपुर हाकिंस की अतिक्रमण से घिरी सड़कें, एकता विहार में एक महीने से सीवर जाम था, अब और बिगड़ गए हालात, सुभाषनगर नाले में उफान से आबादी वाले इलाकों में भरा पानी, संजयनगर चौराहे से पीलीभीत बाईपास जाने वाली सड़क भी डूबी।
नालों की सफाई के लिए 14वें वित्त की बैठक में बड़ी योजना बनाई गई है। 15 सबसे बदतर नालों की जल्द सफाई के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। एक-दो दिन में सफाई शुरू हो जाएगी। - श्यामलता आनंद, अपर नगर आयुक्त
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बृहस्पतिवार की रात हुई बारिश से मिली काफी राहत, पारा भी पांच डिग्री गिरा
बरेली। पुलों और ट्रंक सीवर लाइन के लिए हो रही खुदाई की वजह से लू चलने से पहले ही शहर में हर तरफ धूल के अंधड़ों से परेशान शहरवासियों के लिए बृहस्पतिवार रात हुई बारिश ने कुछ हद तक संजीवनी का काम किया। सड़कों पर बेतहाशा कीचड़ और गंदगी के बावजूद शुक्रवार को शहर काफी हद तक दमघोंटू माहौल से राहत महसूस करता दिखाई दिया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बादलों के छाये रहने से राहत का यह मौसम तीन दिन और बना रहेगा। बूंदाबांदी होने का भी अनुमान जताया गया है।
हालांकि पर्वतोें से आए बादलों ने देर रात बारिश के बाद मौसम के अचानक बदले रुख ने शुक्रवार को लोगों को कुछ ठिठुरन का भी एहसास कराया। तेज हवाओं से तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक मौसम में अचानक यह परिवर्तन हावी हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुआ। आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह हवा की दिशा बदलते ही मौसम भी बदलना शुरू हो गया। शाम को बादल छाये पर उच्च वायु दाब से बारिश नहीं हुई। रात करीब आठ बजे तेज हवा से अनुकूल माहौल बना तो रात दो बजे के बाद गरज के साथ बादलों ने हल्की, मध्यम बारिश की। शुक्रवार को भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान 20.3 डिग्री और न्यूनतम 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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.. मगर घरों में मुसीबत
बिजली रात में ही गुल.. सुबह पानी भी गायबबरेली। जरा सी बारिश में बिजली महकमा फिर बुरी तरह ठिठुर गया। इंसुलेटर बर्स्ट होने से आधी रात से ही तमाम इलाकों में बिजली गुल हो गई। तापमान गिरने से रात तो खैर कट गई लेकिन सुबह पानी भी नहीं आया तो लोग बेहाल हो गए। शुक्रवार देर शाम तक फाल्ट ठीक नहीं हो पाए। पुराना शहर, सीबीगंज, सुभाषनगर, सिविल लाइंस, रामपुर बाग, इज्जतनगर, राजेंद्रनगर, सनसिटी, ग्रीनपार्क, आशीष विहार, कैंट, नई बस्ती, बिहारीपुर, किला, राम वाटिका, सिंधुनगर, सैलानी, रबड़ी टोला, श्यामगंज समेत तमाम इलाकों में लोग दिन परेशानियों से जूझते रहे।
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नाले देर से साफ होंगे.. तब तक दलदली सड़कों पर संभलकर चलें
बरेली। 14वें वित्त की बैठक में 15 नालों और नालियों की सफाई के लिए आदेश तो दिया गया लेकिन यह आदेश एक बार फिर कागज में दर्ज होकर रह गया। रात में बारिश के बाद लोगों ने जमकर इसका खामियाजा भुगता। शहर भर में कहीं सड़कें पानी में डूबी नजर आईं तो कहीं दलदल जैसे हालात पैदा हो गए।श्यामगंज चौराहा
रात में हुई बरसात के बाद चौराहे के साथ सड़कों पर दूसरे दिन शाम तक पानी भरा रहा। दूर तक कीचड़ फैलने से सड़क पर भारी फिसलन भी हो गए। सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले इस बाजार में लोगों को पूरे दिन काफी संभल-संभलकर चलना पड़ा।किलापुल की सर्विस लेन डूबी: किला पुल की सर्विस लेन दूसरे दिन भी पानी में डूबी रही। गाड़ियां धीमे चलने से जाम लग गया। सड़क पहले से बदतर होने और हर तरफ गड्ढों में भरे पानी के बीच हादसे की आशंका लोगों को परेशान करती रही।
यहां भी हालात खतरनाक: करगना पुलिस चौकी के पीछे की सड़क, सैदपुर हाकिंस की अतिक्रमण से घिरी सड़कें, एकता विहार में एक महीने से सीवर जाम था, अब और बिगड़ गए हालात, सुभाषनगर नाले में उफान से आबादी वाले इलाकों में भरा पानी, संजयनगर चौराहे से पीलीभीत बाईपास जाने वाली सड़क भी डूबी।
नालों की सफाई के लिए 14वें वित्त की बैठक में बड़ी योजना बनाई गई है। 15 सबसे बदतर नालों की जल्द सफाई के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। एक-दो दिन में सफाई शुरू हो जाएगी। - श्यामलता आनंद, अपर नगर आयुक्त