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जो जैसा चल रहा है, सब ठीक है
बरेली
Updated Thu, 28 Jan 2016 02:26 AM IST
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बरेली। फिल्म एवं नाट्य कलाकार वीरेंद्र सक्सेना असहिष्णुता के सवाल पर बोले भय्या इससे तो माफ करो। जो जैसा चल रहा है सब ठीक है। कौन सही है कौन गलत, हमें इस पचड़े में नहीं पड़ना, हम क्यों किसी से दुश्मनी लें। हम तो कलाकार लोग है बस अभिनय करना हमारा काम है। यह सब बड़े विवादित मुद्दे हैं।
वीरेंद्र यहां प्रेस से बात कर रहे थे। वह अपनी टीम के साथ विंडरमेयर में चल रहे थियेटर फेस्ट में भाग लेने आए हुए हैं। थियेटर और फिल्म पर बात करते हुए कहा कि थियेटर लाइव है। सीधे दर्शकों से जुड़ता है। इसमें काम करने में संतुष्टि मिलती है। पैसा जिंदगी के लिए जरूरी है इसलिए फिल्म में काम करते हैं। वैसे भी दोनों अलग-अलग विधाएं हैं। कई फिल्मों में शानदार किरदार निभाने वाले वीरेंद्र जल्दी आने वाली फिल्म अजहर में दिखाई देंगे।
सच बोलने का नाम एक्टिंग करना है
बरेली। अभिनेता वीरेंद्र सक्सेना के साथ आए टीम के एक और सदस्य फिल्म एवं थियेटर कलाकार रवि महाशाब्दे ने कहा कि एक्टिंग करना सच बोलने का नाम है। नाटकों मेें पात्र के माध्यम से किसी नेता या बड़ी शख्सियत को दर्शाने के सवाल पर कहा कि एक्टर तो माउथ पीस की तरह है। हम अगर किसी कैरेक्टर को निभाते हैं तो वह निर्देशक के कहने पर करते हैं। कहानी के अनुसार बात होती है। रवि अब तक कई धारावाहिकों में काम चुके हैं। इसमें क्राइम पेट्रोल, बालिका वधु, सिधांत जैसे नाम हैं।
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महिलाओं के लिए चुनौतियां तो हैं
बरेली। महिलाओं के लिए फिल्मों में स्थान बनाना आसान नहीं होता। कई बड़ी चुनौतियों से जूझ कर सफर तय करना होता है। अगर कुछ गलत होता है तो उसके लिए खुद अक्सर जिम्मेदार होते हैं। यह कहना है टीवी एवं फिल्म कलाकार समता सागर का। उन्होंने कहा कि पावर गेम चलता है, मगर यह सब जगह है। दफ्तरों में चलता है, मगर यहां दिख जाता है। वह थियेटर में अभिनय करने के साथ नाटक लिखती भी हैं। वह अब तक अजनबी छोटी बहू, संगनी, रंग रसिया, जिंदगी आदि धारावाहिकों में काम कर चुकी फिल हाल सतरंगी ससुराल धारावाहिक चल रहा है। इसके अलावा परदेस, आई लव मई इंडिया, साहब बीवी और गैंगस्टर पार्ट-2 में काम कर चुकी हैं।
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वीरेंद्र यहां प्रेस से बात कर रहे थे। वह अपनी टीम के साथ विंडरमेयर में चल रहे थियेटर फेस्ट में भाग लेने आए हुए हैं। थियेटर और फिल्म पर बात करते हुए कहा कि थियेटर लाइव है। सीधे दर्शकों से जुड़ता है। इसमें काम करने में संतुष्टि मिलती है। पैसा जिंदगी के लिए जरूरी है इसलिए फिल्म में काम करते हैं। वैसे भी दोनों अलग-अलग विधाएं हैं। कई फिल्मों में शानदार किरदार निभाने वाले वीरेंद्र जल्दी आने वाली फिल्म अजहर में दिखाई देंगे।
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सच बोलने का नाम एक्टिंग करना है
बरेली। अभिनेता वीरेंद्र सक्सेना के साथ आए टीम के एक और सदस्य फिल्म एवं थियेटर कलाकार रवि महाशाब्दे ने कहा कि एक्टिंग करना सच बोलने का नाम है। नाटकों मेें पात्र के माध्यम से किसी नेता या बड़ी शख्सियत को दर्शाने के सवाल पर कहा कि एक्टर तो माउथ पीस की तरह है। हम अगर किसी कैरेक्टर को निभाते हैं तो वह निर्देशक के कहने पर करते हैं। कहानी के अनुसार बात होती है। रवि अब तक कई धारावाहिकों में काम चुके हैं। इसमें क्राइम पेट्रोल, बालिका वधु, सिधांत जैसे नाम हैं।
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महिलाओं के लिए चुनौतियां तो हैं
बरेली। महिलाओं के लिए फिल्मों में स्थान बनाना आसान नहीं होता। कई बड़ी चुनौतियों से जूझ कर सफर तय करना होता है। अगर कुछ गलत होता है तो उसके लिए खुद अक्सर जिम्मेदार होते हैं। यह कहना है टीवी एवं फिल्म कलाकार समता सागर का। उन्होंने कहा कि पावर गेम चलता है, मगर यह सब जगह है। दफ्तरों में चलता है, मगर यहां दिख जाता है। वह थियेटर में अभिनय करने के साथ नाटक लिखती भी हैं। वह अब तक अजनबी छोटी बहू, संगनी, रंग रसिया, जिंदगी आदि धारावाहिकों में काम कर चुकी फिल हाल सतरंगी ससुराल धारावाहिक चल रहा है। इसके अलावा परदेस, आई लव मई इंडिया, साहब बीवी और गैंगस्टर पार्ट-2 में काम कर चुकी हैं।