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यूपी बोर्ड परीक्षा के छह सौ से ज्यादा फॉर्म संदिग्ध मिले, सत्यापन के लिए भेजी गईं मार्कशीट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 28 Nov 2018 09:28 PM IST
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बोर्ड परीक्षा में पिछले साल हुई सख्ती का असर इस बार फर्जीवाड़ा करने वालों पर भी पड़ा है। पिछले साल बरेली परिक्षेत्र यानी बरेली और मुरादाबाद मंडल के कॉलेजों में प्राइवेट के 12 सौ से ज्यादा फॉर्म फर्जी पाए जाने पर निरस्त किए गए थे। इस बार संदिग्ध फार्मों की संख्या सात सौ के करीब ही है। क्षेत्रीय कार्यालय की तरफ से हाईस्कूल के 193 संदिग्ध फॉर्म मार्कशीट के सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड को भेजे गए हैं। इंटरमीडिएट में करीब 500 फॉर्म संदिग्ध मिले हैं। सत्यापन के लिए अब इनकी सूची बोर्ड के संबंधित ऑफिस को भेजी जाएगी।
बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पर इन दिनों प्राइवेट परीक्षा फॉर्म की चेकिंग चल रही है। पिछले साल बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट लगाकर छात्रों ने फॉर्म भर दिए थे। सत्यापन के बाद उन्हें निरस्त किया गया था। हाईस्कूल में इस बार सिर्फ 195 फॉर्म संदिग्ध मिले हैं। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड की मार्कशीट लगी हैं। बरेली में ही हाईस्कूल के 30 से ज्यादा फॉर्म संदिग्ध मिले हैं। इंटरमीडिएट के भी 500 से ज्यादा फॉर्म मिले हैं। इसमें मदरसा बोर्ड की मार्कशीट वाले ज्यादा फॉर्म हैं। अगर सत्यापन में ये मार्कशीट फर्जी मिलीं तो इनके फॉर्म निरस्त किए जाएंगे।
फर्जी मार्कशीट का भी बड़ा खेल
प्राइवेट फॉर्म भरने में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा होता है, इसलिए बोर्ड इनका सत्यापन खुद ही करता है। नकल माफिया फर्जी मार्कशीट बनवाकर फॉर्म भरवा देते हैं। कई बार छात्र आठवीं भी पास नहीं होता और उसकी फर्जी मार्कशीट बनवाकर फॉर्म भरवा दिया जाता है। ऑनलाइन होने से काफी हद तक इस पर लगाम लगी है, लेकिन फिर भी नकल माफिया फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। बरेली में ही कई नकल माफिया फर्जी मार्कशीट बनवाने का कार्य करते हैं।
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बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पर इन दिनों प्राइवेट परीक्षा फॉर्म की चेकिंग चल रही है। पिछले साल बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट लगाकर छात्रों ने फॉर्म भर दिए थे। सत्यापन के बाद उन्हें निरस्त किया गया था। हाईस्कूल में इस बार सिर्फ 195 फॉर्म संदिग्ध मिले हैं। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड की मार्कशीट लगी हैं। बरेली में ही हाईस्कूल के 30 से ज्यादा फॉर्म संदिग्ध मिले हैं। इंटरमीडिएट के भी 500 से ज्यादा फॉर्म मिले हैं। इसमें मदरसा बोर्ड की मार्कशीट वाले ज्यादा फॉर्म हैं। अगर सत्यापन में ये मार्कशीट फर्जी मिलीं तो इनके फॉर्म निरस्त किए जाएंगे।
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फर्जी मार्कशीट का भी बड़ा खेल
प्राइवेट फॉर्म भरने में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा होता है, इसलिए बोर्ड इनका सत्यापन खुद ही करता है। नकल माफिया फर्जी मार्कशीट बनवाकर फॉर्म भरवा देते हैं। कई बार छात्र आठवीं भी पास नहीं होता और उसकी फर्जी मार्कशीट बनवाकर फॉर्म भरवा दिया जाता है। ऑनलाइन होने से काफी हद तक इस पर लगाम लगी है, लेकिन फिर भी नकल माफिया फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। बरेली में ही कई नकल माफिया फर्जी मार्कशीट बनवाने का कार्य करते हैं।
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प्राइवेट फॉर्मों की संख्या हो गई कम
नकल पर लगाम लगने से इस बार रेग्युलर में करीब 13 हजार फॉर्म कम भरे गए। प्राइवेट परीक्षा फॉर्म का भी यही हाल है। पिछले साल 22 हजार से ज्यादा प्राइवेट फॉर्म भरे गए थे, इस बार ये संख्या 18 हजार से भी कम है। बरेली और मुरादाबाद मंडल में इस बार हाईस्कूल के 5174 और इंटरमीडिएट के 12445 फॉर्म भरे गए हैं। पिछले साल हाईस्कूल के सात हजार और इंटरमीडिएट में 15 हजार से ज्यादा फॉर्म भरे गए थे।
''इस बार प्राइवेट फॉर्म ज्यादा संदिग्ध नहीं मिले हैं, जो मिले हैं उनको मार्कशीट के सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड को भेजा जा रहा है। अगर सत्यापन में मार्कशीट फर्जी निकली तो फॉर्म निरस्त कर दिए जाएंगे।''
- विनोद कृष्ण, क्षेत्रीय सचिव बोर्ड बरेली परिक्षेत्र
''इस बार प्राइवेट फॉर्म ज्यादा संदिग्ध नहीं मिले हैं, जो मिले हैं उनको मार्कशीट के सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड को भेजा जा रहा है। अगर सत्यापन में मार्कशीट फर्जी निकली तो फॉर्म निरस्त कर दिए जाएंगे।''
- विनोद कृष्ण, क्षेत्रीय सचिव बोर्ड बरेली परिक्षेत्र