{"_id":"5a3195224f1c1bc5668b4c73","slug":"modern-sai-stadium-could-not-produce-any-star-in-hockey","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘माडर्न’ साई स्टेडियम पैदा नहीं कर सका हॉकी में कोई सितारा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘माडर्न’ साई स्टेडियम पैदा नहीं कर सका हॉकी में कोई सितारा
बरेली।
Updated Thu, 14 Dec 2017 02:31 AM IST
विज्ञापन
हाकी मैदान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ध्यानचंद साई स्टेडियम को वर्ष 2016 के सर्वे में सबसे आधुनिक स्टेडियम घोषित किया है। हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ की आधुनिक सुविधा वाले इस मैदान से हॉकी का कोई नामी खिलाड़ी नहीं निकला। कोच एमए खान कहते हैं कि नेशनल लेवल पर इस खेल में कंपटीशन बहुत है, साथ ही खेल के आयोजन के लिए प्रयोजक न मिल पाने से खिलाड़ियों को अवसर कम मिलने की बात भी कोच कहते हैं। इस समय यहां के खिलाड़ी ऑल इंडिया इंटर साई हॉकी चैंपियनशिप में लखनऊ रीजन की ओर से खेलने गए हैं। यहां प्रतियोगिताओं के नाम पर दो साल पहले जिला हॉकी एसोसिएशन ने एक टूर्नामेंट कराया था। इस साल 30 अगस्त को खेल दिवस के अवसर पर एक टूर्नामेंट साई सेंटर की ओर से कराया गया था।
उपलब्धि
0 जूनियर हॉकी इंडिया में बरेली सेंटर में प्रशिक्षण पाने वाले अतुल खेले। अब वह सरकारी सेवा में हैं।
0 दिल्ली के पवन और जेनुअल इस समय नेशनल कैंप कर रहे हैं।
0 ऑल इंडिया इंटर साई की लखनऊ रीजन टीम की सब जूनियर और जूनियर टीम वर्ष 2016 में विजेता रही थी। जबकि सीनियर वर्ग में टीम उपविजेता रही। इन टीमों में बरेली साई सेंटर के कुल 16 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। सब जूनियर वर्ग के राहुल सिंह यादव का साई नेशनल टीम के लिए भी चयन हुआ। इस समय टीम इस वर्ष के इंडिया इंटर साई के लिए खेलने गई है।
0 नेहरु हॉकी स्कूल स्टेट हॉकी गर्ल्स चैंपियनशिप 2016 में आरएन टैगोर की टीम उपविजेता रही, यह टीम साई स्टेडियम में प्रैक्टिस करती है।
गर्ल्स हॉस्टल हो गया बंद, ब्यॉयज हॉस्टल में 35 खिलाड़ी
साई बरेली सेंटर में पहले गर्ल्स हॉस्टल था जो खिलाड़ियों की कम संख्या के कारण बंद कर दिया गया। यहां की खिलाड़ियों को लखनऊ हॉस्टल में ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद साई ने यहां ब्यॉयज हॉस्टल खोला। पर यह कैंट बोर्ड के दिए तीन क्वार्टरों में संचालित है। साई अब चार करोड़ से अधिक की लागत से सौ बेड का हॉस्टल स्टेडियम परिसर में ही बनवा रहा है। इसका 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अभी हॉस्टल में कुल 35 खिलाड़ी हैं इनमें हॉकी के 16, एथलेटिक्स के पांच और सेपकटाकरा के 14 खिलाड़ी हैं।
विज्ञापन
इंचार्ज बोलीं, हमसे मिलने नहीं आए क्रीड़ा सचिव जेटली
इंचार्ज मिथिलेश राना का कहना है कि विश्वविद्यालय में हो रहे नार्थ जोन महिला हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन के लिए वहां के क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर एके जेटली उनसे मिलने नहीं आए। उनका कहना है कि हमें गर्व होता अगर आयोजन के लिए हमारे यहां की सुविधाओं का उपयोग किया जाता, इसके लिए कोई फीस भी नहीं ली जाती।
साई बरेली सेंटर में प्रवेश के लिए जनवरी में होंगे ट्रायल
0 यहां हॉकी के अलावा सेपकटाकरा और एथलेटिक्स में प्रशिक्षण दिया जाता है। सत्र एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है। 27 से 29 जनवरी तक नए सत्र के लिए स्टेडियम में ट्रायल होंगे। इंचार्ज मिथलेश राना ने बताया कि खिलाड़ी इन तारीखों में मुफ्त पंजीकरण कराकर ट्रायल दे सकते हैं।
0 फिजिकल, खेल और स्किल के आधार चयन होगा। चयन में ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है जो राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिताओं में एक से चार स्थान तक लाए हों।
0 साईं के खिलाड़ी को हर साल नेशनल खेलना अनिवार्य है। वरना स्टेट लेवल में पहला या दूसरा स्थान होना चाहिए। इस आधार पर ही खिलाड़ी को अगले वर्ष के प्रवेश मिलता है।
0 13 से 17 वर्ष तक के लड़के ट्रायल दे सकते हैं। साई में 21 वर्ष की उम्र तक खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के आधार पर रहकर प्रशिक्षण पा सकता है।
उपलब्धि
0 जूनियर हॉकी इंडिया में बरेली सेंटर में प्रशिक्षण पाने वाले अतुल खेले। अब वह सरकारी सेवा में हैं।
0 दिल्ली के पवन और जेनुअल इस समय नेशनल कैंप कर रहे हैं।
0 ऑल इंडिया इंटर साई की लखनऊ रीजन टीम की सब जूनियर और जूनियर टीम वर्ष 2016 में विजेता रही थी। जबकि सीनियर वर्ग में टीम उपविजेता रही। इन टीमों में बरेली साई सेंटर के कुल 16 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। सब जूनियर वर्ग के राहुल सिंह यादव का साई नेशनल टीम के लिए भी चयन हुआ। इस समय टीम इस वर्ष के इंडिया इंटर साई के लिए खेलने गई है।
विज्ञापन
0 नेहरु हॉकी स्कूल स्टेट हॉकी गर्ल्स चैंपियनशिप 2016 में आरएन टैगोर की टीम उपविजेता रही, यह टीम साई स्टेडियम में प्रैक्टिस करती है।
गर्ल्स हॉस्टल हो गया बंद, ब्यॉयज हॉस्टल में 35 खिलाड़ी
साई बरेली सेंटर में पहले गर्ल्स हॉस्टल था जो खिलाड़ियों की कम संख्या के कारण बंद कर दिया गया। यहां की खिलाड़ियों को लखनऊ हॉस्टल में ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद साई ने यहां ब्यॉयज हॉस्टल खोला। पर यह कैंट बोर्ड के दिए तीन क्वार्टरों में संचालित है। साई अब चार करोड़ से अधिक की लागत से सौ बेड का हॉस्टल स्टेडियम परिसर में ही बनवा रहा है। इसका 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अभी हॉस्टल में कुल 35 खिलाड़ी हैं इनमें हॉकी के 16, एथलेटिक्स के पांच और सेपकटाकरा के 14 खिलाड़ी हैं।
विज्ञापन
इंचार्ज बोलीं, हमसे मिलने नहीं आए क्रीड़ा सचिव जेटली
इंचार्ज मिथिलेश राना का कहना है कि विश्वविद्यालय में हो रहे नार्थ जोन महिला हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन के लिए वहां के क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर एके जेटली उनसे मिलने नहीं आए। उनका कहना है कि हमें गर्व होता अगर आयोजन के लिए हमारे यहां की सुविधाओं का उपयोग किया जाता, इसके लिए कोई फीस भी नहीं ली जाती।
साई बरेली सेंटर में प्रवेश के लिए जनवरी में होंगे ट्रायल
0 यहां हॉकी के अलावा सेपकटाकरा और एथलेटिक्स में प्रशिक्षण दिया जाता है। सत्र एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है। 27 से 29 जनवरी तक नए सत्र के लिए स्टेडियम में ट्रायल होंगे। इंचार्ज मिथलेश राना ने बताया कि खिलाड़ी इन तारीखों में मुफ्त पंजीकरण कराकर ट्रायल दे सकते हैं।
0 फिजिकल, खेल और स्किल के आधार चयन होगा। चयन में ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है जो राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिताओं में एक से चार स्थान तक लाए हों।
0 साईं के खिलाड़ी को हर साल नेशनल खेलना अनिवार्य है। वरना स्टेट लेवल में पहला या दूसरा स्थान होना चाहिए। इस आधार पर ही खिलाड़ी को अगले वर्ष के प्रवेश मिलता है।
0 13 से 17 वर्ष तक के लड़के ट्रायल दे सकते हैं। साई में 21 वर्ष की उम्र तक खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के आधार पर रहकर प्रशिक्षण पा सकता है।