फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   mobile van delivery stuck due to scam

घोटाले की जांच में अटक गईं बरेली आ रही नौ मोबाइल वैन

Tue, 12 Jul 2022 02:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 02:33 AM IST
विज्ञापन
mobile van delivery stuck due to scam
बरेली। उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले ने बरेली को नौ मोबाइल वैन मिलने का रास्ता दो महीने के लिए बंद कर दिया है। चूंकि दवाओं की उपलब्धता के बगैर मोबाइल वैन का इस्तेमाल संभव नहीं है और दवाएं अधोमानक बताई जा रही हैं, इस कारण शासन ने इस पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने अप्रैल में पशुओं का इलाज घर-घर जाकर करने के लिए हर जनपद को मोबाइल वैन मुहैया कराने का फैसला लिया था। इस मोबाइल वैन के संचालन के लिए आउटसोर्सिंग के जरिए भर्तियां होनी थीं जिसमें एक चिकित्सक, एक कर्मचारी व एक चालक का स्टाफ शामिल था। यह प्रक्रिया शासन स्तर से पूरी हो गई थी। बरेली को नौ मोबाइल वैन जुलाई में मिलनी थी। यहां के अधिकारी वैन का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच राजकीय विश्लेषक की रिपोर्ट में करोड़ों के घोटाले की पुष्टि हो गई। दवाओं से लेकर मास्क, सिरिंज आदि के नाम पर घोटाला हुआ है। बताते हैं कि इसी कारण सरकार ने दो महीने के लिए मोबाइल वैन देने से मना कर दिया है।
विज्ञापन

आठ लाख से अधिक पशुओं के लिए आती हैं वैक्सीन व दवाएं
बरेली में आठ लाख से अधिक पशु हैं। 20 से अधिक पशुचिकित्सा केंद्र हैं। इन सभी में दवाएं से लेकर वैक्सीन, सिरिंज आदि शासन स्तर से ही सप्लाई की जाती हैं। हर माह बड़ी संख्या में दवाएं मांग के आधार पर यहां आती हैं। पशुओं के इलाज में प्रयोग होने वाली 40 से अधिक दवाएं विभाग के पास मौजूद हैं लेकिन कौनसी दवाएं अधोमानक की हैं इसके बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिली। विभाग का यहां अपना एक सेंट्रल दवा स्टोर है। वहीं से दवाएं पशुचिकित्सा केंद्रों पर जाती हैं। बताते हैं कि हर माह 10 से 15 लाख की दवाएं यहां भी आती हैं। स्थानीय पशुपालन विभाग में भी दो साल का ऑडिट मार्च में किया गया था लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुरपका, मुंहपका और गलघोंटू की वैक्सीन भी आती है शासन से
पशुपालन विभाग हर साल पशुओं का टीकाकरण करता है। खुरपका-मुंहपका व गलघोंटू रोग की रोकथाम के लिए वैक्सीन यहां आती हैं। यह वैक्सीन काफी महंगी होती हैं। वर्तमान में पशुपाल विभाग गलघोंटू के लिए वैक्सीन लगा रहा है। 94 हजार पशुओं का टीकाकरण किया गया है। अभियान धीमा चल रहा है। विभाग को अब तक पौने दो लाख वैक्सीन मिल चुकी हैं। यह वैक्सीन केंद्र से प्रदेश सरकार के जरिए विभाग तक पहुंचती हैं। घोटाले की जद में यह वैक्सीन आई हैं या नहीं, यह अभी तय नहीं है।

बरेली को नौ मोबाइल वैन मिलनी थी लेकिन इस पर दो महीने के लिए रोक लगा दी गई। इसका कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अधोमानक की दवाएं कौनसी हैं और उन्हें वापस करना है या नहीं, इस बारे में अभी शासन से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। - डॉ. ललित कुमार वर्मा, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed