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तीन सौ बेड हॉस्पिटल में बेड फुल, अभी भी जमीन पर ऑक्सीजन ले रहे मरीज
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बरेली। तीन सौ बेड कोविड हॉस्पिटल में बेड फुल हो गए हैं। यहां मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। तमाम मरीज तो अस्पताल के बरामदे में जमीन और बेंच पर ऑक्सीजन ले रहे हैं। गंभीर हालत में पहुंच रहे मरीज भर्ती न हो पाने से दम तोड़ रहे हैं।
कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और व्यवस्थाएं बेपटरी होती जा रही हैं। तीन दिनों से तीन सौ बेड हॉस्पिटल में कोविड मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। मरीज अस्पताल के फर्श, बेंच और कुर्सियों पर ऑक्सीजन ले रहे हैं। बुधवार को सौ फुटा रोड से एक मरीज तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचा, लेकिन बेड न मिलने पर करीब दो घंटे तक वह बरामदे में ही ऑक्सीजन लेता रहा। उसके परिजन काफी देर तक अस्पताल में चक्कर काटते रहे, लेकिन इलाज नहीं मिला। परिजन ने बताया कि हालत बिगड़ने पर संक्रमित को लेकर आए थे, अब वापस घर ले जा रहे हैं।
राजेंद्रनगर से एक महिला अपने पति को लेकर अस्पताल पहुंची। उनका ऑक्सीजन स्तर कम होने से हालत बिगड़ रही थी। पहले अस्पताल प्रशासन ने कहा कि उनकी जांच नहीं कराई गई है, इसलिए भर्ती नहीं कर सकते, लेकिन इसी बीच पत्नी ने उनकी जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। ग्रामीण इलाकों से भी कई मरीज पहुंचे लेकिन उन्हें बेड नहीं मिल सका। सीएमएस डॉ. वागीश वैश ने बताया कि अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए बेंच डलवा दी हैं।
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सरकारी अस्पताल में तो बेड नहीं हैं... प्राइवेट में चेक करता हूं
क्रासर
एक स्वास्थ्य अधिकारी के व्हाट्सएप मेसेज का स्क्रीन शॉट हो रहा वायरल
बरेली। स्वास्थ्य विभाग के कोविड से जुड़ी व्यवस्थाएं देख रहे एक अधिकारी का इन दिनों व्हाट्सएप मेसेज वायरल हो रहा है। इसमें वह किसी भी सरकारी अस्पताल में बेड न होने की बात कह रहे हैैं। हालांकि मीडिया को दिए बयानों में आज भी वह यही दावा करते हैं कि अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कोई कमी नहीं है। शहर में लोग बेड और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि प्रशासन की नजर में सब दुरुस्त है। अब एक स्वास्थ्य अधिकारी के व्हाट्सएप मेसेज का स्क्रीन शॉट वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि सरकारी अस्पतालों में तो बेड बचे नहीं है। वह प्राइवेट में दिखवाते हैं।
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कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और व्यवस्थाएं बेपटरी होती जा रही हैं। तीन दिनों से तीन सौ बेड हॉस्पिटल में कोविड मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। मरीज अस्पताल के फर्श, बेंच और कुर्सियों पर ऑक्सीजन ले रहे हैं। बुधवार को सौ फुटा रोड से एक मरीज तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचा, लेकिन बेड न मिलने पर करीब दो घंटे तक वह बरामदे में ही ऑक्सीजन लेता रहा। उसके परिजन काफी देर तक अस्पताल में चक्कर काटते रहे, लेकिन इलाज नहीं मिला। परिजन ने बताया कि हालत बिगड़ने पर संक्रमित को लेकर आए थे, अब वापस घर ले जा रहे हैं।
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राजेंद्रनगर से एक महिला अपने पति को लेकर अस्पताल पहुंची। उनका ऑक्सीजन स्तर कम होने से हालत बिगड़ रही थी। पहले अस्पताल प्रशासन ने कहा कि उनकी जांच नहीं कराई गई है, इसलिए भर्ती नहीं कर सकते, लेकिन इसी बीच पत्नी ने उनकी जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। ग्रामीण इलाकों से भी कई मरीज पहुंचे लेकिन उन्हें बेड नहीं मिल सका। सीएमएस डॉ. वागीश वैश ने बताया कि अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए बेंच डलवा दी हैं।
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सरकारी अस्पताल में तो बेड नहीं हैं... प्राइवेट में चेक करता हूं
क्रासर
एक स्वास्थ्य अधिकारी के व्हाट्सएप मेसेज का स्क्रीन शॉट हो रहा वायरल
बरेली। स्वास्थ्य विभाग के कोविड से जुड़ी व्यवस्थाएं देख रहे एक अधिकारी का इन दिनों व्हाट्सएप मेसेज वायरल हो रहा है। इसमें वह किसी भी सरकारी अस्पताल में बेड न होने की बात कह रहे हैैं। हालांकि मीडिया को दिए बयानों में आज भी वह यही दावा करते हैं कि अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कोई कमी नहीं है। शहर में लोग बेड और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि प्रशासन की नजर में सब दुरुस्त है। अब एक स्वास्थ्य अधिकारी के व्हाट्सएप मेसेज का स्क्रीन शॉट वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि सरकारी अस्पतालों में तो बेड बचे नहीं है। वह प्राइवेट में दिखवाते हैं।