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राहत : 579 दिन बाद बरेली हुआ कोरोना मुक्त
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Corona Vaccination
- फोटो : PTI
29 मार्च, 2020 को मिला था पहला कोरोना संक्रमित
बृहस्पतिवार को आखिरी सक्रिय संक्रमित हुआ स्वस्थ
बरेली। हजारों जिंदगियां तबाह करने वाले कोरोना वायरस के संक्रमण से बृहस्पतिवार को बरेली मुक्त हो गया। अब जिले में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं है। रात 12 बजे आखिरी कोरोना संक्रमित का होम आइसोलेशन समाप्त होने के बाद यूपी कोविड पोर्टल पर बरेली के केस शून्य हो गए हैं। हालांकि, सीएमओ ने लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार गाजियाबाद से वापस आए सुभाषनगर के एक युवक का सैंपल 27 मार्च, 2020 को लिया गया था। दो दिन बाद 29 मार्च को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली थी। परिवार के साथ पांच दिन गुजारने की वजह से एहतियातन पूरे परिवार का सैंपल लिया गया। दो दिन बाद 31 मार्च को पूरे परिवार की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद कोरोना संक्रमण के केस मिलने का शुरू हुआ सिलसिला 18 अक्तूबर 2021 तक जारी रहा। रिकॉर्ड के अनुसार बरेली में नवंबर 2020 में कोरोना की पहली लहर थमी थी और मार्च 2021 में दूसरी लहर हावी हुई।
करीब चार माह तक यानी 2020 के नवंबर, दिसंबर और 2021 के जनवरी और फरवरी माह में भी सक्रिय संक्रमित की तादाद शून्य नहीं हुई थी। हर पांच से सात दिन के भीतर कोई न कोई व्यक्ति संक्रमित मिल रहा था। अस्पताल में भर्ती रहे कुछ सक्रिय संक्रमित की रिपोर्ट 40 दिन तक निगेटिव नहीं मिली थी। लिहाजा, इस बीच नए संक्रमित मिलने से कोरोना मुक्त होने की उम्मीदें धूमिल होती रहीं।
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44028 मिले संक्रमित, 377 हुई मौतें
जिले में 579 दिनों तक हावी रही कोरोना महामारी के दौरान 44028 लोग संक्रमित मिले और 377 लोगों की मौत हुई। 28 अक्तूबर, 2021 तक 15.28 लाख कोरोना जांच र्हुइं। 7286 लोगों की हालत गंभीर रही और उन्हें अलग-अलग कोविड अस्पतालों मेें भर्ती कराया गया था। 36314 लोग होम आइसोलेशन में रहे थे। रिकॉर्ड के अनुसार गांवों में 886 और शहरी इलाकों में 542 कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे।
दूसरी लहर में हुई 212 लोगों की मौत
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 29 मार्च से 31 दिसंबर 2020 तक 165 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। वहीं, एक जनवरी से 28 अक्तूबर 2021 तक 212 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। हालांकि, मौतों के आंकड़ों को लेकर स्वास्थ्य विभाग हर बार सवालों के घेरे में रहा। वहीं, सैंपलिंग रिकॉर्ड पर भी सवाल उठते रहे। पिछले साल पांच लाख, इस साल दस लाख से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है।
16 निजी अस्पताल बने कोविड अस्पताल
पहली लहर में तीन मेडिकल कॉलेज समेत तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय और दो निजी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया गया था। पहली लहर में दस हजार लोग संक्रमित मिले थे। मगर दो माह तक हावी रही दूसरी लहर में 30 हजार से ज्यादा संक्रमित मिले। उनके इलाज के लिए पूर्व के सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों के अलावा 16 अन्य निजी अस्पतालों को भी कोविड अस्पताल बनाना पड़ा था।
इंसानियत का निभाया फर्ज, बने कोरोना योद्धा
कोरोना की दोनों लहर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के जिला क्षय रोग अधिकारी रहे डॉ. सुधीर गर्ग (वर्तमान में एडी हेल्थ), चिकित्सक डॉ. वागीश वैश, हेड नर्स सोनिया, आईडीएसपी डीडीएम संजय कुमार, एमएमयू प्रभारी अभिषेक त्यागी, सैंपलिंग इंचार्ज डॉ. सीपी सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने संक्रमित की सेवा में जुुटे थे। इन्हें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना योद्धा माना।
बरेली कोरोना मुक्त हो गया है। अब कोई सक्रिय संक्रमित नहीं है। मगर लोगों से अपील है कि वह कोरोना से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का सतत पालन करें। संदिग्ध लक्षण मिलने पर जांच कराएं। ताकि भविष्य में अगर कोई संक्रमित मिले तो तत्काल उसे आइसोलेट कर बेहतर इलाज के साथ ही संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। - डॉ. बलबीर सिंह, सीएमओ
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बृहस्पतिवार को आखिरी सक्रिय संक्रमित हुआ स्वस्थ
बरेली। हजारों जिंदगियां तबाह करने वाले कोरोना वायरस के संक्रमण से बृहस्पतिवार को बरेली मुक्त हो गया। अब जिले में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं है। रात 12 बजे आखिरी कोरोना संक्रमित का होम आइसोलेशन समाप्त होने के बाद यूपी कोविड पोर्टल पर बरेली के केस शून्य हो गए हैं। हालांकि, सीएमओ ने लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार गाजियाबाद से वापस आए सुभाषनगर के एक युवक का सैंपल 27 मार्च, 2020 को लिया गया था। दो दिन बाद 29 मार्च को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली थी। परिवार के साथ पांच दिन गुजारने की वजह से एहतियातन पूरे परिवार का सैंपल लिया गया। दो दिन बाद 31 मार्च को पूरे परिवार की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद कोरोना संक्रमण के केस मिलने का शुरू हुआ सिलसिला 18 अक्तूबर 2021 तक जारी रहा। रिकॉर्ड के अनुसार बरेली में नवंबर 2020 में कोरोना की पहली लहर थमी थी और मार्च 2021 में दूसरी लहर हावी हुई।
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करीब चार माह तक यानी 2020 के नवंबर, दिसंबर और 2021 के जनवरी और फरवरी माह में भी सक्रिय संक्रमित की तादाद शून्य नहीं हुई थी। हर पांच से सात दिन के भीतर कोई न कोई व्यक्ति संक्रमित मिल रहा था। अस्पताल में भर्ती रहे कुछ सक्रिय संक्रमित की रिपोर्ट 40 दिन तक निगेटिव नहीं मिली थी। लिहाजा, इस बीच नए संक्रमित मिलने से कोरोना मुक्त होने की उम्मीदें धूमिल होती रहीं।
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44028 मिले संक्रमित, 377 हुई मौतें
जिले में 579 दिनों तक हावी रही कोरोना महामारी के दौरान 44028 लोग संक्रमित मिले और 377 लोगों की मौत हुई। 28 अक्तूबर, 2021 तक 15.28 लाख कोरोना जांच र्हुइं। 7286 लोगों की हालत गंभीर रही और उन्हें अलग-अलग कोविड अस्पतालों मेें भर्ती कराया गया था। 36314 लोग होम आइसोलेशन में रहे थे। रिकॉर्ड के अनुसार गांवों में 886 और शहरी इलाकों में 542 कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे।
दूसरी लहर में हुई 212 लोगों की मौत
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 29 मार्च से 31 दिसंबर 2020 तक 165 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। वहीं, एक जनवरी से 28 अक्तूबर 2021 तक 212 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। हालांकि, मौतों के आंकड़ों को लेकर स्वास्थ्य विभाग हर बार सवालों के घेरे में रहा। वहीं, सैंपलिंग रिकॉर्ड पर भी सवाल उठते रहे। पिछले साल पांच लाख, इस साल दस लाख से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है।
16 निजी अस्पताल बने कोविड अस्पताल
पहली लहर में तीन मेडिकल कॉलेज समेत तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय और दो निजी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया गया था। पहली लहर में दस हजार लोग संक्रमित मिले थे। मगर दो माह तक हावी रही दूसरी लहर में 30 हजार से ज्यादा संक्रमित मिले। उनके इलाज के लिए पूर्व के सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों के अलावा 16 अन्य निजी अस्पतालों को भी कोविड अस्पताल बनाना पड़ा था।
इंसानियत का निभाया फर्ज, बने कोरोना योद्धा
कोरोना की दोनों लहर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के जिला क्षय रोग अधिकारी रहे डॉ. सुधीर गर्ग (वर्तमान में एडी हेल्थ), चिकित्सक डॉ. वागीश वैश, हेड नर्स सोनिया, आईडीएसपी डीडीएम संजय कुमार, एमएमयू प्रभारी अभिषेक त्यागी, सैंपलिंग इंचार्ज डॉ. सीपी सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने संक्रमित की सेवा में जुुटे थे। इन्हें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना योद्धा माना।
बरेली कोरोना मुक्त हो गया है। अब कोई सक्रिय संक्रमित नहीं है। मगर लोगों से अपील है कि वह कोरोना से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का सतत पालन करें। संदिग्ध लक्षण मिलने पर जांच कराएं। ताकि भविष्य में अगर कोई संक्रमित मिले तो तत्काल उसे आइसोलेट कर बेहतर इलाज के साथ ही संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। - डॉ. बलबीर सिंह, सीएमओ