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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Minion caught in the road contractor

कृपापात्र ठेकेदार के चक्कर में फंस गई सड़क

Thu, 28 Apr 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Thu, 28 Apr 2016 12:46 AM IST
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 पिछले साल स्वीकृत फोरलेन सड़क के टेंडर खास फर्म को देने पर विवाद हो गया। इस फर्म के टेंडर स्वीकृत होने के बाद भी निरस्त कर फर्म को ब्लैक लिस्टेड किए जाने की अटकलें हैं। हालांकि भारी राजनीतिक दबाव में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। राजनीतिक दबाव के चलते परसाखेड़ा से चौपुला तक फोरलेन निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया। 
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पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने परसाखेड़ा से चौपुला तक 10 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने के लिए 7.45 करोड़ का प्रस्ताव वर्ष 2015 में भेजा था। इसी कड़ी में रजऊ परसपुर से सेटेलाइट तक 9.5 किलोमीटर लंबी सड़क के फोरलेन का प्रस्ताव भी भेजा गया था। इसकी लागत 13.97 करोड़ प्रस्तावित है। शासन ने दोनों मार्गोँ को फोरलेन निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति पिछले साल ही दे दी थी। इसके बाद परसाखेड़ा-चौपुला मार्ग के लिए बजट की प्रथम किस्त के रूप में 18 लाख और सेटेलाइट से रजऊ परसपुर मार्ग के लिए 25 लाख रुपये भी पिछले वित्तीय वर्ष में ही जारी हो गए। पीडब्ल्यूडी ने दोनों मार्गों को फोरलेन बनाने के लिए टेंडर भी आमंत्रित कर लिए। सूत्रों के मुताबिक सरकार के कद्दावर मंत्री तक पहुंच रखने वाली एक सपा नेत्री के राजनीतिक दखल से पीडब्ल्यूडी ने बाकी फर्मों को दरकिनार करते हुए शाहजहांपुर (तिलहर) की एक फर्म को टेंडर स्वीकृत कर दिए। चार अप्रैल को टेंडर की स्वीकृति हुई थी।  बताया जाता है हफ्ते भर पहले सपा नेत्री से पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ इंजीनियर की मोबाइल पर हॉट टॉक हो गई। इसके बाद चीफ इंजीनियर ने बंद कमरे में अपने एक्सईएन, एई और जेई की मीटिंग कर तिलहर की फर्म को काली सूची में डालकर टेंडर निरस्त करने के निर्देश दिए। इंजीनियरों ने अपने उच्चाधिकारी को टेंडर की फाइनेंशियल बिड पहले ही स्वीकृत होने की जानकारी देकर टेंडर निरस्त करने से हाथ खड़े कर दिए। तिलहर की फर्म को टेंडर देने के लिए लखनऊ से सपा के कद्दावर मंत्री का फोन आने की भी चर्चा है। फिलहाल, इस पूरे मामले के बाद महकमे के अफसर दबाव में है। टेंडर निरस्त किया गया है या नहीं। इस पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर कोई टिप्पणी करने को तैयार नहीं है।  
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‘चौपुला से परसाखेड़ा रोड के टेंडर पर कुछ विवाद था जो कि उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। इसी वजह से इस मार्ग पर काम थोड़ा लेट हो गया। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। इतना कह सकता हूं कि कोई भी टेंडर निरस्त नहीं किया गया है। ’
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- केके पाहुजा, एक्सईएन पीडब्लयूडी निर्माण खंड 
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