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Bareilly News: बेसहारा पशुओं का आतंक, गोबर से भरी नालियां
Mon, 03 Aug 2026 01:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:04 AM IST
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बरेली। नगर निगम के वार्ड 13 शांति विहार के निवासी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में नालियों में गोबर, कूड़े के ढेर और बेसहारा पशुओं के आतंक जैसी शिकायतें साझा कीं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
वार्ड में लगभग आठ डेयरी हैं, जिनसे निकलने वाला गोबर सुबह-शाम नालियों में बहता है। इससे नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सफाई कर्मचारियों की कमी भी एक बड़ी समस्या है। 20 में से केवल 15 ही काम पर आते हैं। अभय प्रकाश सिंह ने बताया कि गन्ना मिल के पास बना कूड़ा घर में वार्ड 13 समेत अन्य वार्डों का कूड़ा भी डाला जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में बदबू और गंदगी फैलती है, जिसे हटाने की मांग की गई है। सड़कों पर पड़े कूड़े के कारण गायों का जमावड़ा लगा रहता है। प्रकाश सिंह ने कहा कि नालियों की सफाई न होने से बरसात का पानी घरों और खाली प्लॉटों में भर जाता है।
कई पुरानी पुलिया खस्ताहाल
अजय कुमार सिंह ने स्ट्रीट लाइटों की खराब स्थिति पर चिंता जताई, जिससे रात में अंधेरा रहता है और लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। वार्ड के गणेश नगर सहित कई इलाकों में गंदा पानी आता है क्योंकि पुरानी पाइपलाइनें अक्सर टूट जाती हैं। लोग मजबूरी में पानी खरीदकर पीते हैं। वार्ड में कई पुरानी पुलिया खस्ताहाल हैं, जिन्हें तुरंत बनाने की जरूरत है। इन पुलिया पर कई हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। वार्ड में कुत्तों और अन्य बेसहारा पशुओं की समस्या भी विकराल है। 25 हजार की आबादी वाले इस वार्ड में कुत्तों के झुंड कई मोहल्लों में घूमते रहते हैं। वहीं, घरों के बाहर बेसहारा पशुओं का डेरा रहता है। इन पशुओं के हमले से कई लोग घायल हो चुके हैं। पार्षद ने कई बार काऊ कैचर वाहन बुलवाया है, फिर भी समस्या बनी हुई है, खासकर कूड़ा घर के आसपास।
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वार्ड में ये हुए विकास के कार्य
- 3 करोड़ से सड़क, नाली आदि का निर्माण।
- 2.5 करोड़ के काम प्रस्तावित।
- 1.27 करोड़ अवस्थापना निधि से काम हुआ।
- विधायक निधि से एक करोड़ के विकास कार्य।
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बयान
सफाई, जर्जर पाइपलाइन सबसे बड़ी परेशानी
- वार्ड में सफाई की सबसे बड़ी समस्या है, निगम के कर्मचारी की संख्या बहुत कम है, जिससे वहां गंदगी रहती है। - राहुल
- वार्ड में पानी की लाइन पुरानी हो चुकी है, जो अक्सर टूट जाती है। निगम को इन लाइनों को ठीक कराना चाहिए। - अमित
- बरसात के बाद जो काम अधूरे पड़े है उन्हें जल्द पूरा किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिल सके। - मोहित गुप्ता
- वार्ड के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है। करोड़ो रुपये की लागत से काम कराए गए है, जो काम अधूरे है उन्हें भी पूरा कराया जाएगा। श्याम सिंह, पार्षद
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वार्ड में लगभग आठ डेयरी हैं, जिनसे निकलने वाला गोबर सुबह-शाम नालियों में बहता है। इससे नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सफाई कर्मचारियों की कमी भी एक बड़ी समस्या है। 20 में से केवल 15 ही काम पर आते हैं। अभय प्रकाश सिंह ने बताया कि गन्ना मिल के पास बना कूड़ा घर में वार्ड 13 समेत अन्य वार्डों का कूड़ा भी डाला जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में बदबू और गंदगी फैलती है, जिसे हटाने की मांग की गई है। सड़कों पर पड़े कूड़े के कारण गायों का जमावड़ा लगा रहता है। प्रकाश सिंह ने कहा कि नालियों की सफाई न होने से बरसात का पानी घरों और खाली प्लॉटों में भर जाता है।
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कई पुरानी पुलिया खस्ताहाल
अजय कुमार सिंह ने स्ट्रीट लाइटों की खराब स्थिति पर चिंता जताई, जिससे रात में अंधेरा रहता है और लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। वार्ड के गणेश नगर सहित कई इलाकों में गंदा पानी आता है क्योंकि पुरानी पाइपलाइनें अक्सर टूट जाती हैं। लोग मजबूरी में पानी खरीदकर पीते हैं। वार्ड में कई पुरानी पुलिया खस्ताहाल हैं, जिन्हें तुरंत बनाने की जरूरत है। इन पुलिया पर कई हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। वार्ड में कुत्तों और अन्य बेसहारा पशुओं की समस्या भी विकराल है। 25 हजार की आबादी वाले इस वार्ड में कुत्तों के झुंड कई मोहल्लों में घूमते रहते हैं। वहीं, घरों के बाहर बेसहारा पशुओं का डेरा रहता है। इन पशुओं के हमले से कई लोग घायल हो चुके हैं। पार्षद ने कई बार काऊ कैचर वाहन बुलवाया है, फिर भी समस्या बनी हुई है, खासकर कूड़ा घर के आसपास।
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वार्ड में ये हुए विकास के कार्य
- 3 करोड़ से सड़क, नाली आदि का निर्माण।
- 2.5 करोड़ के काम प्रस्तावित।
- 1.27 करोड़ अवस्थापना निधि से काम हुआ।
- विधायक निधि से एक करोड़ के विकास कार्य।
बयान
सफाई, जर्जर पाइपलाइन सबसे बड़ी परेशानी
- वार्ड में सफाई की सबसे बड़ी समस्या है, निगम के कर्मचारी की संख्या बहुत कम है, जिससे वहां गंदगी रहती है। - राहुल
- वार्ड में पानी की लाइन पुरानी हो चुकी है, जो अक्सर टूट जाती है। निगम को इन लाइनों को ठीक कराना चाहिए। - अमित
- बरसात के बाद जो काम अधूरे पड़े है उन्हें जल्द पूरा किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिल सके। - मोहित गुप्ता
- वार्ड के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है। करोड़ो रुपये की लागत से काम कराए गए है, जो काम अधूरे है उन्हें भी पूरा कराया जाएगा। श्याम सिंह, पार्षद