Bareilly News: ‘बार-बार चले आते हैं रुपये लेने, इन्हें बंद करो कमरे में...’ चिकित्साधिकारी पर लगे गंभीर आरोप
बरेली के फरीदपुर सीएचसी के चिकित्साधिकारी पर एक लाख रुपये लेने का आरोप लगा है। इसे लेकर वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिसमें कुछ लोग स्वास्थ्य विभाग की टीम रुपये मांगने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि अफसरों ने आरोपों को निराधार बताया है।
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बरेली के स्वास्थ्य विभाग में बगैर अनुमति अल्ट्रासाउंड संचालन की अनुमति देने का पत्र और ऑडियो वायरल होने का मामला अभी थमा नहीं है। इस बीच एक वीडियो वायरल हुआ है, जो फरीदपुर के पचौमी का है। इसमें जांच को पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर रुपये मांगने का आरोप लगाकर आक्रोशित लोगों ने घेर लिया। हालांकि अफसर आरोपों को निराधार बता रहे हैं। सीएमओ ने प्रकरण का संज्ञान लिया है।
बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम फरीदपुर के पचौमी में एक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर की सूचना पर जांच को पहुंची थी। वायरल वीडियो के मुताबिक एसीएमओ प्रशासन डॉ. हरपाल सिंह, फरीदपुर सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम, चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक वर्मा पचौमी में पहुंचे तो लोग विरोध करने लगे। कह रहे हैं कि - डॉ. विवेक, अभी कुछ दिन पहले ही एक लाख रुपये लेकर गए थे और फिर मांगने चले आए... शर्म नहीं आती। जब देखो तब रुपये मांगने चले आते हो। इन्हें बंद करो कमरे में फिर बात होगी। डॉ. अनुराग लोगों को शांत कराते हुए गालीगलौज करने से मना कर रहे हैं।
एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह मामले को दिखवाने का आश्वासन देते रहे। लोग शांत नहीं हुए तो वे गाड़ी में जा बैठे। वीडियो में डॉ. विवेक बोल रहे हैं कि वह कभी नहीं आए झूठा आरोप लगा रहे हो। इसे सुनकर लोग और भी आक्रामक होने लगे। क्रमवार वायरल चार वीडियो में से तीन में नोकझोंक, हंगामा ही दिख रहा है। चौथे वीडियो में वे संबंधित आरोपी को एक ओर ले जाकर उससे बातचीत कर रहे हैं। बातचीत स्पष्ट नहीं है।
सूचना पर गए थे जांच करने, आरोप बेबुनियाद
डॉ. अनुराग गौतम का कहना है कि शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के बाद कुछ लोगों ने पचौमी में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होने की सूचना दी। एसीएमओ फतेहगंज पूर्वी जा रहे थे। उन्होंने शिकायत मौके पर ही निस्तारित किए जाने की बात कही और सभी उनके साथ पचौमी पहुंचे। मौके पर एक कमरा था। इसमें बीएमएस डॉ. रिजवान मिला। अल्ट्रासाउंड सेंटर जिस कमरे में बताया गया था, वहां सिर्फ एक टेबल थी कोई मेज नहीं थी। एसीएमओ के निर्देश पर कमरे को सील करने लगे तो कुछ लोग गालीगलौज करने लगे। जो आरोप लगा रहे थे, उसका कोई प्रमाण उनके पास नहीं था।
'कुएं में कूदकर आत्महत्या कर लूंगा, रुपये नहीं दूंगा'
वायरल वीडियो में डॉक्टर रिजवान कह रहा है कि वह हर महीने की वसूली से परेशान हो गया है। कितने रुपये दे यह समझ नहीं पा रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह पास के कु एं में कूदकर आत्महत्या कर लेगा। मगर अब रुपये नहीं देगा। आसपास महिलाएं उसे रोकती हैं तो वह डॉ. विवेक की ओर इशारा करके एसीएमओ से कहता है कि यही आता है बार-बार रुपये मांगने।
कमेटी करेगी अल्ट्रासाउंड सेंटर और निजी हॉस्पिटल की जांच
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो का प्रकरण संज्ञान में है। आरोपों के संबंध में कोई भी साक्ष्य नहीं है। टीम के साथ नोकझोंक और हंगामा का मामला बढ़ता जा रहा है। इसलिए अब कोई भी कभी भी और कहीं भी जांच को नहीं जाएगा। अब कमेटी जांच करेगी। इसमें एसडीएम, एसीएमओ या नोडल अधिकारी, सीओ या इंस्पेक्टर रहेंगे। जांच के बाद रिपोर्ट उसी दिन देनी होगी।एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने कहा कि फतेहगंज पूर्वी जा रहा था। रास्ते में ही पचौमी गांव पड़ता है। रुककर शिकायत की जांच करने लगे तभी कुछ लोग पहुंचे और हंगामा करने लगे। मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। फरीदपुर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक वर्मा ने कहा कि जांच को गए थे और जब कार्रवाई की बात आई तो आरोप लगाने लगे। किसी के पास कोई साक्ष्य नहीं था। अभद्रता कर रहे थे। आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं।
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