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7.61 लाख मतदाता 18 प्रत्याशियों में से आज चुनेंगे मेयर
बरेली।
Updated Wed, 29 Nov 2017 01:53 AM IST
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मेयर पद के साथ नगर निगम के 80 वार्डों के पार्षद पद के चुनाव के लिए बुधवार को सुबह 7.30 बजे से मतदान शुरू होगा। शहर में 7.61 लाख से अधिक मतदाता 18 प्रत्याशियों में से अपना मेयर चुनने के लिए वोट डालेंगे। इनमें 4.11 लाख से अधिक पुरुष और 3.49 लाख से अधिक महिला मतदाता हैं। चुनाव मैदान में उतरे मेयर पद के प्रमुख दावेदारों में सपा से निवर्तमान मेयर डॉ. आईएस तोमर हैं जो तीसरी बार यह चुनाव लड़ रहे हैं। उनके मुकाबले में भाजपा ने इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. उमेश गौतम को मैदान में उतारा है। इसके अलावा बसपा से मोहम्मद यूसुफ, आम आदमी पार्टी से इंजीनियर नवनीत अग्रवाल और कांग्रेस से अजय शुक्ला किस्मत आजमा रहे हैं। इनके अलावा 13 निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
शहर के 80 वार्डों के पार्षद पदों के लिए 764 प्रत्याशी मैदान में हैं। नगर निगम चुनाव के लिए 157 मतदान केंद्र और 585 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 62 मतदान स्थलों को संवेदनशील और 56 मतदान स्थलों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। निर्वाचन आयोग ने 15 मतदान स्थलों की ऑनलाइन मानीटरिंग के निर्देश दिए हैं। मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा।
नगर निगम का चुनाव
निकाय कुल वार्ड मतदान स्थल पुरुष मतदाता महिला मतदाता कुल मतदाता
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नगर निगम 80 587 411619 349497 761116
ये हैं मेयर पद के प्रमुख दावेदार
सपा: डॉ. आईएस तोमर :
पेशे से चिकित्सक डॉ. आईएस तोमर ने मेयर का पहला चुनाव 2002 में समाजवादी पार्टी के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था। इस चुनाव में जीतकर वह पहली बार मेयर बने। इसके बाद वह 2012 में भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे और सपा के समर्थन से दोबारा मेयर चुने गए। निवर्तमान मेयर डॉ. आईएस तोमर को इस बार समाजवादी पार्टी ने अपना सिंबल देकर तीसरी बार मैदान में उतारा है।
भाजपा: डॉ. उमेश गौतम :
रिटायर्ड सीओ केके गौतम के बेटे डॉ. उमेश गौतम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए जनता के बीच पहचाने जाते हैं। गौतम इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं। मिशन अस्पताल का जीर्णोद्धार भी उन्हीं की देन है। उमेश गौतम ने वर्ष 2014 में बसपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। हाल ही में वह भाजपा में शामिल हो गए थे जिसके बाद उन्हें पार्टी ने मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस: अजय शुक्ला
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. रामस्वरूप शुक्ल के बेटे अजय शुक्ला ने एनएसयूआई से राजनीति की शुरूआत की। फिलहाल वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव होने के साथ इलाहाबाद बैंक के डायरेक्टर और भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष भी हैं। भारत सेवक समाज के यूपी के जनरल सेक्रेटरी जैसे अहम पदों पर रहने वाले अजय शुक्ला को कांग्रेस पहली बार मेयर का टिकट देकर चुनाव मैदान में आजमा रही है।
आप: इंजी. नवनीत अग्रवाल
आम आदमी पार्टी से मेयर पद के प्रत्याशी इंजीनियर नवनीत अग्रवाल पहली बार मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। पेशे से इंजीनियर नवनीत अग्रवाल कुछ समय पहले आम आदमी पार्टी की सदस्यता लेकर राजनीति में एंट्री की थी। इससे पहले वह मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर रहे थे, मगर फिर नौकरी अपना व्यवसाय शुरू किया। नवनीत आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए आंदोलनों में भी शामिल रहे हैं।
बसपा: यूसुफ जरीवाला
बसपा के मेयर पद के प्रत्याशी मोहम्मद यूसुफ मूल रूप से जरी कारोबारी हैं। बसपा का टिकट लेकर यूसुफ पहली बार मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। हालांकि मेयर चुनाव से पहले वह पीस पार्टी के टिकट पर शहर विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। जरी कारीगरों और कारोबारियों से लंबे समय से जुड़े रहने से इनकी पहचान बनी है। वह हस्तशिल्पियों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
शहर के 80 वार्डों के पार्षद पदों के लिए 764 प्रत्याशी मैदान में हैं। नगर निगम चुनाव के लिए 157 मतदान केंद्र और 585 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 62 मतदान स्थलों को संवेदनशील और 56 मतदान स्थलों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। निर्वाचन आयोग ने 15 मतदान स्थलों की ऑनलाइन मानीटरिंग के निर्देश दिए हैं। मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा।
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नगर निगम का चुनाव
निकाय कुल वार्ड मतदान स्थल पुरुष मतदाता महिला मतदाता कुल मतदाता
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ये हैं मेयर पद के प्रमुख दावेदार
सपा: डॉ. आईएस तोमर :
पेशे से चिकित्सक डॉ. आईएस तोमर ने मेयर का पहला चुनाव 2002 में समाजवादी पार्टी के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था। इस चुनाव में जीतकर वह पहली बार मेयर बने। इसके बाद वह 2012 में भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे और सपा के समर्थन से दोबारा मेयर चुने गए। निवर्तमान मेयर डॉ. आईएस तोमर को इस बार समाजवादी पार्टी ने अपना सिंबल देकर तीसरी बार मैदान में उतारा है।
भाजपा: डॉ. उमेश गौतम :
रिटायर्ड सीओ केके गौतम के बेटे डॉ. उमेश गौतम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए जनता के बीच पहचाने जाते हैं। गौतम इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं। मिशन अस्पताल का जीर्णोद्धार भी उन्हीं की देन है। उमेश गौतम ने वर्ष 2014 में बसपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। हाल ही में वह भाजपा में शामिल हो गए थे जिसके बाद उन्हें पार्टी ने मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस: अजय शुक्ला
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. रामस्वरूप शुक्ल के बेटे अजय शुक्ला ने एनएसयूआई से राजनीति की शुरूआत की। फिलहाल वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव होने के साथ इलाहाबाद बैंक के डायरेक्टर और भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष भी हैं। भारत सेवक समाज के यूपी के जनरल सेक्रेटरी जैसे अहम पदों पर रहने वाले अजय शुक्ला को कांग्रेस पहली बार मेयर का टिकट देकर चुनाव मैदान में आजमा रही है।
आप: इंजी. नवनीत अग्रवाल
आम आदमी पार्टी से मेयर पद के प्रत्याशी इंजीनियर नवनीत अग्रवाल पहली बार मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। पेशे से इंजीनियर नवनीत अग्रवाल कुछ समय पहले आम आदमी पार्टी की सदस्यता लेकर राजनीति में एंट्री की थी। इससे पहले वह मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर रहे थे, मगर फिर नौकरी अपना व्यवसाय शुरू किया। नवनीत आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए आंदोलनों में भी शामिल रहे हैं।
बसपा: यूसुफ जरीवाला
बसपा के मेयर पद के प्रत्याशी मोहम्मद यूसुफ मूल रूप से जरी कारोबारी हैं। बसपा का टिकट लेकर यूसुफ पहली बार मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। हालांकि मेयर चुनाव से पहले वह पीस पार्टी के टिकट पर शहर विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। जरी कारीगरों और कारोबारियों से लंबे समय से जुड़े रहने से इनकी पहचान बनी है। वह हस्तशिल्पियों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।