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UP: 'दाढ़ी और टोपी देख हिंसक हुई भीड़, तौसीफ को मार डाला, वीडियो कॉल...'; बीवी की कहानी को पुलिस ने किया खारिज

Tue, 05 May 2026 08:23 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 05 May 2026 08:23 AM IST
सार

मौलाना तौसीफ रजा की मौत मामले में पत्नी ने परिवार के साथ बरेली में पुलिस से शिकायत की। इस दौरान पत्नी ने दावा किया कि दाढ़ी और टोपी देख हमलावर हुई भीड़ ने तौसीफ की जान ले ली थी। हालांकि तबस्सुम की कहानी को पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया।
 

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Maulana Tausif Raza Murder case Wife says Mob incited by his beard and skullcap attacked and killed Tausif
Maulana Tausif Raza Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बिहार के जिला किशनगंज के थाना पाठामारी ठाकुरगंज के गांव बाखोटोली निवासी मौलाना तौसीफ रजा की पत्नी तबस्सुम खातून सोमवार को परिवार वालों के साथ बरेली आईं। उसने पुलिस की कहानी को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसके पति भीड़ हिंसा का शिकार हुए। 
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पति को जिम्मेदार इन्सान बताते हुए कहा कि वह लापरवाही से ट्रेन के गेट पर नहीं बैठ सकते थे। टोपी और दाढ़ी देखकर ट्रेन में अराजक तत्वों ने उनको निशाना बनाया। जीआरपी थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। मौलाना का शव 27 अप्रैल को कैंट थाना क्षेत्र में पालपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक पर मिला था।
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तबस्सुम का आरोप है कि उसके पति की मौत ट्रेन से गिरने के कारण नहीं हुई, बल्कि उन्हें मजहबी पहचान के कारण प्रताड़ित कर पीटने के बाद चलती ट्रेन से फेंका गया। घटना वाली रात उन्होंने वीडियो कॉल पर देखा था कि कुछ लोग उनके पति पर चोरी का आरोप लगाकर थप्पड़ मार रहे थे। 

 

इस दौरान अचानक स्क्रीन पर अंधेरा छा गया और उनके पति का फोन ऑफ हो गया। उनके पति के साथ जो हुआ, ऐसा कई और मौलवियों के साथ भी हो चुका है। उत्तर प्रदेश में मजहब के नाम पर खास पहचान रखने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
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भाई शमीम और देवर तौहीद व स्थानीय संगठनों के पदाधिकारियों के साथ जीआरपी थाने पहुंची तबस्सुम ने इंस्पेक्टर एसके वर्मा को बताया कि उनके पति 24 व 25 अप्रैल को उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने बरेली आए थे। 26 अप्रैल को वह 04314 योगनगरी ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर विशेष ट्रेन से घर लौट रहे थे। 
 

रात 9:45 बजे पति की कॉल आई। उन्होंने बताया कि उनको ट्रेन के कोच में कुछ लोग बेवजह पीट रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने वीडियो कॉल शुरू कर दी। उन्होंने देखा कि कई लोग मौलाना तौसीफ को घसीटकर पीट रहे थे। इसके बाद उनका मोबाइल ऑफ हो गया।
 

अगले दिन सुबह कॉल करने पर पुलिस ने रिसीव की। तब मामले की जानकारी हुई। देवर तौहीद और भाई शमीम दिल्ली से बरेली पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव किशनगंज लाए। इंस्पेक्टर जीआरपी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

 

सिर की दो हड्डियां टूटी मिलीं, खंभे से लगा था मौलाना का सिर
मौलाना तौसीफ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उसके सिर की दो हड्डियां टूटी थीं। शरीर पर चोटों और रगड़ के पांच निशान भी मिले थे। मौत की वजह शॉक, कोमा और अत्यधिक रक्तस्राव रहा। 
 

डाउन लाइन पर पालपुर के पास जिस स्थान पर मौलाना का शव मिला, वहां पास ही एक खंभे पर खून के निशान और बाल भी लगे पाए गए। ऐसे में माना जा रहा है कि मौलाना की मौत सिर खंभे से लगने के कारण हुई होगी। हालांकि, यह जांच का विषय है कि उनका सिर खंभे से कैसे टकराया।

 

बैग में धार्मिक किताबें, आधार और पैनकार्ड मिला
इंस्पेक्टर कैंट संजय धीर ने बताया कि शव के पास मिले बैग में मौलाना का आधार, पैनकार्ड, कुछ धार्मिक किताबें, 2,540 रुपये, मोबाइल फोन व कपड़े मिले। आधार कार्ड के जरिये ही मौलाना की शिनाख्त की गई।
 

पत्नी बोलीं-किसी ने मदद नहीं की
तौसीफ रजा ने मदरसा दारुल उलूम मजहर-ए-इस्लाम से वर्ष 2018 में शिक्षा पूरी की थी। मदरसे के उस्ताद तौसीफ नूरानी ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव के थे। उनकी हत्या से मदरसा से जुड़े सभी लोग गमजदा हैं। पत्नी तबस्सुम ने बताया कि हमलावर जब उनके पति को पीट रहे थे तो कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। मदरसे से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती, लड़ाई जारी रहेगी। तबस्सुम ने मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की है।
 

19 मई को है दूसरी सालगिरह
तबस्सुम ने बताया कि उनके निकाह को अभी दो साल भी नहीं हुए हैं। 19 मई को उनकी शादी की दूसरी सालगिरह है। इससे पहले ही उनके पति की हत्या कर दी गई। वह घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। वह पति के कातिलों को सजा दिलाकर ही दम लेंगी।
 

साथ रहे जमात के लोग
इस दौरान जमात रजा-ए-मुस्तफा की टीम पीड़ित परिवार के साथ मौजूद रही। मामले की जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। संगठन के सचिव डॉ. मेहंदी हसन ने कहा कि यह घटना कानून-व्यवस्था और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे व्यक्ति के साथ ट्रेन में मारपीट, लूटपाट और संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक है।
 

सीबीआई जांच की मांग
ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद के नेतृत्व में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री, रेलमंत्री, डीजीपी व जीआरपी बरेली को संबोधित ज्ञापन देकर घटना की सीबीआई जांच की मांग की। 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, विधवा को सरकारी नौकरी, बच्चों को मुफ्त शिक्षा, रेल मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की भी मांग की।
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