मौलाना की मौत का मामला: 'तौसीफ को ट्रेन में पीटा, घसीटा और फिर...', पत्नी ने लगाए आरोप; हत्या की रिपोर्ट दर्ज
बिहार के मौलाना तौसीफ रजा की मौत के मामले में उनकी पत्नी तबस्सुम ने हत्या का आरोप लगाया है। बिहार से परिजनों के साथ बरेली पहुंचीं तबस्सुम ने यहां जीआरपी थाने में तहरीर दी। जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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बिहार के जिला किशनगंज के थाना पाठामारी ठाकुरगंज के गांव बाखोटोली निवासी मौलाना तौसीफ रजा की मौत के मामले में सोमवार को बरेली के जीआरपी थाने पहुंची पत्नी तबस्सुम खातून ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मौलाना का शव 27 अप्रैल को सुबह सात बजे कैंट थाना क्षेत्र में पालपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक पर मिला था।
तबस्सुम खातून भाई शमीम और देवर तौहीद समेत जमात रजा मुस्तफा, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन मदरसा मजहर-ए-इस्लाम, एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स से जुड़े लोगों के साथ जंक्शन स्थित जीआरपी थाने पहुंचीं। उन्होंने इंस्पेक्टर एसके वर्मा को बताया कि उनके पति 24 व 25 अप्रैल को उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने बरेली आए थे। 26 अप्रैल को वह 04314 योगनगरी ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर विशेष ट्रेन से घर लौट रहे थे।
तबस्सुम के मुताबिक रात 9:45 बजे पति की कॉल आई। उन्होंने बताया कि उनको ट्रेन के कोच में कुछ लोग बेवजह पीट रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने वीडियो कॉल शुरू कर दी। उन्होंने देखा कि कई लोग मौलाना तौसीफ को घसीटकर पीट रहे थे। इसके बाद उनका मोबाइल ऑफ हो गया। वह लगातार कॉल करती रहीं, लेकिन बात नहीं हो सकी।
आरोप: हत्या कर चलती ट्रेन से फेंका गया
अगले दिन सुबह कॉल करने पर पुलिस ने रिसीव की। बताया गया कि तौसीफ रजा की हालत ज्यादा खराब है। परिवार के अन्य लोगों ने पुलिस से बात की तो बताया गया कि उनकी मौत हो चुकी है। देवर तौहीद और भाई शमीम दिल्ली से बरेली पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव किशनगंज लाए। तबस्सुम का आरोप है कि उनके पति की बेरहमी से हत्या कर उसे हादसा का रूप देने के लिए शव चलती ट्रेन से फेंक दिया गया। इंस्पेक्टर जीआरपी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सिर की दो हड्डियां टूटी मिलीं, खंभे से लगा था मौलाना का सिर
मौलाना तौसीफ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उसके सिर की दो हड्डियां टूटी थीं। शरीर पर चोटों और रगड़ के पांच निशान भी मिले थे। मौत की वजह शॉक, कोमा और अत्यधिक रक्तस्राव रहा। डाउन लाइन पर पालपुर के पास जिस स्थान पर मौलाना का शव मिला, वहां पास ही एक खंभे पर खून के निशान और बाल भी लगे पाए गए। ऐसे में माना जा रहा है कि मौलाना की मौत सिर खंभे से लगने के कारण हुई होगी। हालांकि, यह जांच का विषय है कि उनका सिर खंभे से कैसे टकराया।
बैग में धार्मिक किताबें, आधार और पैनकार्ड मिला
इंस्पेक्टर कैंट संजय धीर ने बताया कि शव के पास मिले बैग में मौलाना का आधार, पैनकार्ड, कुछ धार्मिक किताबें, 2,540 रुपये, मोबाइल फोन व कपड़े मिले। आधार कार्ड के जरिये ही मौलाना की शिनाख्त की गई।
पत्नी बोलीं- किसी ने मदद नहीं की
तौसीफ रजा ने मदरसा दारुल उलूम मजहर-ए-इस्लाम से वर्ष 2018 में शिक्षा पूरी की थी। मदरसे के उस्ताद तौसीफ नूरानी ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव के थे। उनकी हत्या से मदरसा से जुड़े सभी लोग गमजदा हैं। पत्नी तबस्सुम ने बताया कि हमलावर जब उनके पति को पीट रहे थे तो कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। मदरसे से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती, लड़ाई जारी रहेगी। तबस्सुम ने मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की है।