बरेली बवाल: मौलाना तौकीर रजा बोले- घर बेचकर चले जाना समस्या का हल नहीं; लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
मौलाना तौकीर रजा ने जोगी नवादा के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे शांति बनाए रखें। आपस में एक दूसरे से भाईचारा कायम करें। यह शहर हमारा है, यहां अमन शांति बनाए रखना हम सब की जिम्मेदारी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के जोगी नवादा में बवाल के बाद समुदाय विशेष के लोगों द्वारा घर बेचने को लगाए गए पोस्टर पर इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि यह समस्या का हल नहीं है। इस तरह के हालात कहीं और बने तो कब तक मकान बेचते रहोगे। मौलाना ने कहा कि हम इलाकाई लोगों के इस फैसले से सहमत नहीं हैं।
उन्होंने जोगी नवादा के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे शांति बनाए रखें। आपस में एक दूसरे से भाईचारा कायम करें। यह शहर हमारा है। अमन शांति बनाए रखना हम सब की जिम्मेदारी है। मौलाना ने कहा कि पिछले दिनों कावड़ यात्रा के नाम पर कुछ लोग नई परंपरा डालना चाहते थे, जिस पर अधिकारियों ने समय रहते निष्पक्ष फैसला लेते हुए शहर को दंगे की आग में जलने से बचा लिया। दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि पुलिस कप्तान प्रभाकर चौधरी को ट्रांसफर की शक्ल में इसकी कीमत चुकानी पड़ी।
ये भी पढ़ें- Bareilly News: कांवड़ यात्रा की अनुमति निरस्त, विरोध में चक महमूद का बाजार बंद; भाजपा विधायक से मिले लोग
तौकीर रजा ने कहा कि विधायक और मंत्री इलाके में जाकर जोर जबरदस्ती और प्रशासन पर दवाब बनाकर नई परंपरा डालने की बात करें, इससे ज्यादा चिंता की और क्या बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें। उम्मीद है कि आगामी सोमवार को कावड़ यात्रा अपने परंपरागत मार्ग से निकलेगी। पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बिना किसी दबाव के कोई नई परंपरा नही पड़ने दें। जो कोई भी नई परंपरा डालने की कोशिश करे उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
100 घरों पर लिखा गया था मकान बिकाऊ है
जोगी नवादा क्षेत्र में बवाल के बाद करीब सौ घरों के बाहर 'मकान बिकाऊ है' लिखा गया था। कई घरों के बाहर यह लिखकर पोस्टर लगाए गए थे तो कई जगह दीवार पर लिखा गया था। पुलिस ने जांच में पाया कि कुछ खुराफाती तत्वों ने लोगों को उकसाकर ऐसा किया था। ऐसे पांच लोगों को बुलाकर बुधवार को पूछताछ की गई और चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को अभियान चलाकर पोस्टर हटवा दिए। स्थानीय लोगों को भरोसे में लेकर यह कार्रवाई की गई।