UP News: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बोले- अखिलेश यादव की सरकार में हर महीने होता था दंगा, अब है कानून का राज
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि अखिलेश यादव के राज में हर महीना किसी न किसी शहर में दंगा होता था। कर्फ्यू लगाना पड़ता था। लेकिन अब कानून का राज है। महिलाएं सुरक्षित हैं।
विस्तार
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। मंगलवार को मौलाना ने कहा कि सपा सरकार में अराजकता का माहौल था। गुंडागर्दी होती थी। महिलाएं शाम सात बजे अकेले सड़क पर नहीं चल सकती थी। मगर मौजूदा सरकार में ऐसा कुछ भी नहीं है। महिलाएं शाम को नहीं बल्कि रात में एक बजे भी सड़क पर अकेले धूम सकती हैं।
शहाबुद्दीन ने कहा कि मौजूदा समय में कोई भी ताकतवर व्यक्ति किसी गरीब व कमजोर पर अत्याचार नहीं कर सकता और न ही गरीब आदमी की जमीन पर कब्जा कर सकता है। आज के दौर में कानून सबसे बड़ा है। कानून की हर तरफ पहरेदारी है। जबकि अखिलेश यादव के दौर में समाजवादी पार्टी का हर कार्यकर्ता ये कहता नजर आता था कि कानून हमारी जेब में है। मगर अब परिस्थितियां बदल चुकी है। हर तरफ कानून का राज है।
यह भी पढ़ें- UP: बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का विवादित बयान, कहा- धीरेंद्र शास्त्री हजरत-ए-आदम की औलाद
सभी पर्व शांति से संपन्न हुए- मौलाना
मौलाना ने कहा कि गत दिनों सभी संप्रदाय के त्योहार अमन व शांति के साथ संपन्न हुए। कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हुई। उसके बाद मोहर्रम के जुलूस फिर ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस शानदार तरीके से निकाले गए। इन सभी त्योहारों में लड़ाई झगड़ा व सांप्रदायिक विवाद तो छोड़िए, बल्कि किसी भी व्यक्ति को एक खरोंच तक नहीं लगी। जबकि अखिलेश यादव की सरकार में हर महीने किसी न किसी शहर में दंगा होता था। कंट्रोल करने के लिए कर्फ्यू लगाना पड़ता था। मुजफ्फरनगर का दंगा सभी ने देखा है। बीते आठ साल में किसी शहर में कर्फ्यू लगाने की नौबत नहीं आई है।
मौलाना ने आगे कहा कि अखिलेश यादव पूरे आठ साल से कानून व्यवस्था के चौपट होने का रोना रो रहे हैं। उनको अपने शासनकाल के दौरान चौपट कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। सपा सरकार में अखिलेश यादव नाम के मुख्यमंत्री थे। पर्दे के पीछे तीन मुख्यमंत्री और होते थे, जिनके आदेश पूरे राज्य में धूमा करते थे। मगर आज की सरकार में ऐसा कुछ भी नहीं है, कानून व्यवस्था चाक-चौबंद है।