Bareilly News: कुंवरपुर बवाल का मास्टरमाइंड हिरासत में... अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
कुंवरपुर इलाके में आधी रात को दबंगों ने कुछ घरों पर धावा बोल दिया था। पथराव व हवाई फायरिंग की गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया, लेकिन अन्य आरोपी फरार हो गए। जो अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के थाना किला क्षेत्र के कुंवरपुर इलाके में रविवार रात हुए बवाल में पुलिस के हाथ 40 घंटे बाद भी खाली हैं। मास्टरमाइंड प्रदीप सक्सेना को पुलिस ने घटना के बाद मौके से ही पकड़ लिया था। उसके दामाद समेत बाकी आरोपी भूमिगत हो गए हैं और पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
रविवार आधी रात में कुंवरपुर में प्रवीन सक्सेना ने अपने दामाद छोटू के साथ मिलकर महेश यादव, भानू सक्सेना व राजकुमार कनौजिया के घर पर पथराव कर दिया था। जमकर ईंट पत्थर बरसाए गए थे। इसमें महेश यादव, और उनका बेटा गौरव यादव घायल हो गए थे। हवाई फायरिंग भी की गई थी। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। इस मामले में पुलिस ने लगभग 35 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
यह भी पढ़ें- Bareilly News: दबंगों ने घरों पर बोला धावा, पथराव... हवाई फायरिंग; लोगों ने पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
पुलिस ने प्रदीप को हिरासत में ले लिया। अन्य आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद भाग गए। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद से आरोपी नेताओं की शरण में बताए जा रहे हैं। एक नेता के जरिये समझौते का भी दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में सीओ टू अजय कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें बक्शा नहीं जाएगा।
मुखबिर ने धमकाया था- मेरी जेब में है पुलिस
राजेंद्र कन्नौजिया के मुताबिक मनीष कन्नौजिया से प्रवीन का विवाद है। प्रवीन को शक था कि वह बिरादरी की वजह से मनीष की मदद कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है। इसलिए प्रवीन के साथियों ने उनके घर पर भी हमला किया। महेश यादव ने बताया कि दिखावे को प्रवीन बिजली मीटर की रीडिंग करता है, लेकिन वह पुलिस का मुखबिर भी है। उसने जाते वक्त धमकी दी थी कि पुलिस उसकी जेब में रहती है। घटना के वक्त महिलाओं और बच्चों ने डर की वजह से खुद को घरों में बंद कर लिया था।