बरेली: शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने की कवायद, तैयार कराया जा रहा मास्टर प्लान, 37 प्वाइंट चिह्नित
नगर निगम ने शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए सीएंडडीएस को समग्र योजना बनाने की जिम्मेदारी दी है। अब तक 37 में से 14 इलाकों और पुराने नालों का सर्वे हो चुका है। दशहरे के बाद हेलीकॉप्टर से तस्वीरें ली जाएंगी।
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बरेली शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम की तरफ से सीएंडडीएस को मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस क्रम में एजेंसी के जरिये काम कराया जा रहा है। 37 इलाके चिह्नित कर अब तक 14 स्थलों का सर्वे किया जा चुका है। पुराने नालों का भी सर्वे पूरा हो चुका है। दशहरे के बाद अगले हफ्ते नगर आयुक्त की मौजूदगी में हेलिकॉप्टर से इन इलाकों की तस्वीर लेकर डिजिटल मैप तैयार किया जाएगा।
सीएंडडीएस ड्रेनेज सिस्टम का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड को जिम्मेदारी दी है। इसके लिए 7.25 करोड़ रुपये दिए जाने हैं, जिसमें 50 फीसदी भुगतान हो चुका है। इसके सापेक्ष अब तक 30 फीसदी काम ही हुआ है। इसको दिसंबर 2026 तक पूरा करना है। इसका माड्यूल तैयार कर नक्शा बनाया जा रहा है। इसमें बहाव को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
इन 14 इलाकों का हुआ सर्वे
कुरैशीनगर, चक महमूद, डेलापीर, कुर्मांचलनगर, रेजिडेंसी गॉर्डन, हजियापुर, कांकर टोला, पशुपतिनाथ टेंपल कॉलोनी, शांति विहार, श्यामगंज, गंगापुर, लाजपतनगर, सिठौरा, सुभाषनगर में सर्वे कर निचले इलाकों को चिह्नित किया गया है। यहां जल निकासी के लिए नाले बनाए जाएंगे।
इन नालों का हुआ सर्वे
भूड़ा मौलानगर, गांधीपुरम, परसाखेड़ा, जौहरपुर, सूफी टोला, सब्जी मंडी, छोटी विहार, इंद्रानगर, सुभाषनगर, जवाहर पैलेस बाकरगंज, फूल बाग, महेशपुरा, सनऊआ बिधौलिया, पीरबहोड़ा चौराहा, कर्मचारीनगर चौकी, सुरेश शर्मा नगर, नंदौसी नालों का सर्वे किया जा चुका है। जरूरत के मुताबिक, इन नालों की डिजाइन में बदलाव किया जाएगा।
सीएंडडीएस के सहायक अभियंता कुलदीप गौतम ने बताया कि सर्वे का मुख्य काम हो गया है। दशहरे के बाद हेलिकॉटर से शहर की तस्वीरें लेकर डिजिटल मैप तैयार किया जाएगा। इसके बाद ही मास्टर प्लान का काम पूरा हो सकेगा।