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हॉटस्पॉट इलाके में सर्वे और चेहरों पर मास्क तक नहीं

Sun, 17 May 2020 01:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 01:46 AM IST
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Masks on surveys and faces in hotspot area
बिना मास्क के सर्वे करती आशाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

बिहारीपुर में चेहरों पर दुपट्टा लपेटकर लोगों की स्क्रीनिंग करने पहुंची 28 आशा वर्कर की टीम

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बरेली। कहीं भी कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद आशा वर्कर को ही सबसे ज्यादा खतरे से गुजरना पड़ता है। दरअसल, उन्हें ही उस इलाके में एक्टिव सर्विलांस के तहत सर्वे के लिए भेजा जाता है, उनकी सुरक्षा के प्रति अफसर कितने सजग हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें पीपीई किट तो दूर मास्क तक नहीं दिए जा रहे हैं। एक संक्रमित मिलने के बाद हॉटस्पॉट बने बिहारीपुर में सर्वे करने पहुंचीं ज्यादातर आशा वर्कर अपना चेहरे दुपट्टे से ढके थीं।
बिहारीपुर में शुक्रवार को मुंबई से लौटे एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद देर रात इस इलाके को हॉटस्पाट घोषित कर सील कर दिया गया। एक्टिव सर्विलांस के तहत 28 आशा वर्कर्स की टीम को इस इलाके में लोगों की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शनिवार को यह टीम सर्वे करने पहुंची तो उसके पास खुद की सुरक्षा का कोई नजर नहीं था। तीन-तीन सदस्यों की टीम बनाकर सर्वे कर रहीं ज्यादातर आशा वर्कर दुपट्टे से मुंह ढके नजर आईं। उनके पास मास्क तक नहीं थे। कोविड के सर्वे के लिए नए इलाके में काम करना उनके लिए खासा मुश्किल है, लेकिन फिर भी विभाग से कोई मदद नहीं मिल रही।
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अफसरों के यहां मास्क के ढेर लगा आए जरूरतमंदों का नहीं आया कोई ख्याल

कोरोना संकट का दौर शुरू होते ही तमाम समाजसेवियों ने अफसरों के दफ्तरों में जाकर मास्क और सैनिटाइजर बांटने की शुरुआत कर दी थी। कोरोना के बहाने इस तरह अफसरों के नजदीक जाने का मौका जो मिला था, ऊपर से फोटो खिंचाकर समाजसेवी के तौर पर शोहरत पाने के लिए मीडिया कार्यालयों में भी भिजवा दिए। आशाओं का कहना था कि शहर में इतने मास्क बंट गए, लेकिन जरूरतमंदों को नहीं मिल सके।
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सर्वे के दौरान झेलनी पड़ती है बदतमीजी भी

आशा वर्कर्स को सर्वे के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जान जोखिम में डालकर हॉटस्पॉट इलाकों में स्क्रीनिंग कर रहीं आशा वर्कर ने बताया अक्सर लोग उनसे बदतमीजी तक करते हैं। एक आशा वर्कर ने बताया कि कुछ ही लोग गंभीरता से सवालों के जवाब देते हैं। कुछ तो दरवाजा ही नहीं खोलते। परेशान तक करते हैं। सवाल पूछने पर चिढ़ जाते हैं। पहले सर्वे के दौरान बारादरी क्षेत्र में कई जगह आशाओं के साथ छेड़छाड़, मारपीट, रजिस्टर फाड़ने जैसी घटनाएं तक हो चुकी हैं। दो मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को जेल भी भेजा था।
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