करवाचौथ 2026: बरेली में सजा करवों का बाजार, पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए पहुंच रहीं महिलाएं
करवाचौथ नजदीक आते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। महिलाएं पूजा सामग्री खरीदने के लिए उमड़ रही हैं। सिविल लाइन, बड़ा बाजार और कुतुबखाना जैसे प्रमुख बाजारों में सुबह से भीड़ उमड़ रही है।
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अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना का पर्व करवाचौथ नजदीक आते ही बरेली शहर के बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। सिविल लाइन, बड़ा बाजार, कुतुबखाना, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर और सुभाषनगर समेत शहर के प्रमुख बाजारों में सजी दुकानों पर सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। व्रत की तैयारियों में जुटी महिलाएं पूजा से जुड़ी हर आवश्यक सामग्री उत्साह के साथ खरीद रही हैं, जिससे पूरे बाजार का माहौल उत्सवमय हो गया है।
करवाचौथ की पूजा में मिट्टी के करवा का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है, जिसके चलते बाजारों में इनकी मांग सबसे अधिक है। दुकानों पर छोटे, बड़े आकार के करवा उपलब्ध हैं, जो महिलाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। कुतुबखाना के दुकानदार अमित ने बताया कि साधारण मिट्टी के करवा बाजार में 50 से 100 रुपये तक बिक रहे हैं, जबकि रंगीन करवा पचास से 200 रुपये की रेंज में उपलब्ध हैं।
इसके अलावा कलात्मक और डिजाइनदार करवा अपनी सजावट और आकार के हिसाब से डेढ़ सौ से पांच सौ रुपये तक में बेचे जा रहे हैं। पारंपरिक करवों के साथ-साथ इस बार बाजार में आधुनिकता का असर भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां रेडीमेड पैकिंग वाले संपूर्ण पूजन सेट महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
दुकानदारों के खिले चेहरे
दुकानदार अनमोल ने बताया कि इन सजे-धजे पूजन सेटों में खूबसूरती से सजाई गई थाली, छलनी, लोटा, सींक व व्रत में काम आने वाली अन्य सभी सामग्रियां एक साथ मिल रही हैं, जिनकी कीमत 150 से 800 रुपये तक है। सीख, चूड़े और शृंगार के अन्य सामानों की दुकानों पर भी खरीदार पहुंच रहे है। बाजार में ग्राहकों की भीड़ पहुंचने से दुकानदारों के चेहरे लिखे हुए है। सुबह से लेकर शाम तक बाजारों में खरीदारी का यह दौर लगातार चल रहा है, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। अंतिम दिन भी अच्छा काम होने का अनुमान है।