Bareilly News: आंसू बनकर छलका दर्द, विधवाएं बोलीं- महीनों से काट रहे चक्कर, कोई कुछ बताता ही नहीं
बरेली में कई विधवाओं की पेंशन बंद कर दी गई। महिलाओं ने बताया कि पेंशन क्यों काटी गई, उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। वह दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उन्हें कोई कुछ बताता भी नहीं है।
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छह साल से मिल रही विधवा पेंशन फरवरी में अचानक रोक दी गई। तब से जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं। दोबारा फॉर्म भरा, पर पेंशन नहीं आई। प्रोबेशन कार्यालय पर मिलीं बरेली के मढ़ीनाथ की पूनम देवी इतना कहते-कहते फफक पड़ीं। यह दर्द सिर्फ उनका नहीं, बल्कि सुदामा देवी, राजरानी सहित सैकड़ों महिलाओं का है। सोमवार को पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। महिलाओं ने बताया कि वे महीनों से चक्कर लगा रहीं हैं। न तो कोई उनकी बात सुनने के लिए तैयार है, न ही कोई पेंशन कटने का कारण बता रहा है।
दोपहर एक बजे डीपीओ कार्यालय में 40-50 निराश्रित महिलाएं मौजूद मिलीं। सभी पेंशन कटने की वजह से परेशान थीं। महिलाओं ने बताया कि पेंशन क्यों काटी गई, उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। कार्यालय के लिपिक सीधे मुंह बात तक नहीं करते। इसी दौरान लिपिकों की सूचना पर जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा बाहर आईं। उन्होंने मीटिंग में व्यस्त होने का हवाला देकर कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।
सुहागिनें भी ले रहीं लाभ
वर्ष 2023 में आंवला तहसील में 34 सुहागिनों के विधवा पेंशन लेने की बात सामने आई थी। इस साल मई में 61 सुहागिनों के पांच-छह वर्षों से पेंशन लेने का खुलासा हुआ। इसमें आलमपुर जाफराबाद के भीमपुर की जेठानी-देवरानी भी छह साल से विधवा पेंशन लेती पाई गई हैं, जबकि ये दोनों सुहागिन हैं।
डीएम ने एसडीएम आंवला को मामले की जांच का निर्देश दिया था, पर वह आज तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने 56 अपात्रों के खातों में विधवा पेंशन के 1.23 करोड़ रुपये जाने का खुलासा किया। पुलिस ने कहा कि बिचौलियों ने खुद को भी मृत घोषित कर अपनी पत्नियों के खातों में विधवा पेंशन भिजवाई है।
32 विधवाओं को मृत दिखाकर बंद की पेंशन
भुता ब्लॉक के अहिरौला की विद्या देवी को मृत दिखाकर उनकी पेंशन रोक दी गई। डीएम के हस्तक्षेप पर जांच के बाद पंचायत सचिव सुमित गुप्ता को सत्यापन में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है। ऐसे ही डीएम के पास 32 और मामले हैं, जिनमें निराश्रित महिलाओं को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। ये महिलाएं डीएम के सामने पेश हो चुकी हैं। डीएम सभी मामलों की जांच करा रहे हैं।
इनको भी नहीं मिल रही पेंशन
कांशीराम कॉलोनी निवासी रुखसाना ने बताया कि वर्ष 2011 से मिल रही पेंशन मार्च में अचानक बंद हो गई। तब से डीपीओ कार्यालय के चक्कर लगा रही हूं। न तो किसी ने वजह बताई, न ही दोबारा पेंशन शुरू हो सकी। आजम नगर की शबाना कुरैशी ने बताया कि पेंशन कट गई तो 24 जुलाई को दोबारा आवेदन किया। कई बार चक्कर लगा चुकी हूं। लिपिकों ने वजह भी नहीं बताई। बोले- घर जाओ, जनवरी-फरवरी में पेंशन आएगी।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि जीवित लाभार्थियों की पेंशन रोकने से संबंधित मामलों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने दीजिए, जो भी जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई करेंगे।