{"_id":"5a3eb63d4f1c1baa268b5912","slug":"many-new-landmarks-marked-with-colonizer-father-son","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉलोइनाजर बाप-बेटे समेत कई नए भूमाफिया चिह्नित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉलोइनाजर बाप-बेटे समेत कई नए भूमाफिया चिह्नित
बरेली
Updated Sun, 24 Dec 2017 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद भूमाफिया की सूची बनाने में खेल करने वाले अधिकारी नए सिरे से सूची बनाने में जुट गए हैं। इसी का नतीजा है कि पुलिस ने कॉलोनाइजर जगमोहन सिंह और उसके बेटे सचिन समेत कई नए नाम भूमाफिया की सूची में शामिल कर दिए हैं। नहर पर कब्जा करने वालों में से भी कुछ लोगों के नाम भूमाफिया की सूची में आने की संभावना है। जिले में कुल 50 भूमाफिया की सूची तैयार हो चुकी है। पुलिस ने 10 मीटर सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को तो भूमाफिया बना दिया है, जबकि करोड़ों की जमीन कब्जाने वाले भूमाफिया की सूची से बाहर हैं। उधर, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह के कड़े रूख पर पुलिस ने भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
शहर की आशुतोष सिटी निवासी पंकज मिश्रा, उसके भाई पीयूष मिश्रा, संजयनगर निवासी हरीश कनौजिया को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया गया है। इन लोगों पर जमीनों में हेराफेरी के कई मामले दर्ज हैं। पंकज ने एक सोसाइटी के सचिव की हैसियत से एक प्लाट को कई-कई बार बेच दिया। यही हरीश कनौजिया ने किया। छह महीने के लिए इसी सोसाइटी के सचिव का काम हरीश ने देखा। प्लाटों की बिक्री के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी होती रही। नतीजन पीड़ितों ने एफआईआर दर्ज करा दीं। ऑफिसर एन्क्लेव कर्मचारी नगर निवासी रमेश मौर्य, उसके भाई दिनेश मौर्य और सैदपुर हाकिंस निवासी हरीश कुमार तथा उसके भाई उमाशंकर का नाम भी भूमाफिया की सूची में शामिल किया गया है। नगर निगम ने तो भूमाफिया माफिया चिह्नित करने में सबसे बड़ा खेल किया है। किला थाने के रोठा गांव के रामेश्वर यादव, उनके बेटे पप्पू, रामवीर पुत्र नन्कू को 168 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा करने पर भूमाफिया बना दिया गया। थाना प्रेमनगर के ताजु, माधौबाड़ी हरिजन बस्ती की राजो का नाम भी नगर निगम की भूमाफिया की सूची में हैं। इन पर नगर निगम के र्क्वाटर और सड़क की 74 गज जमीन पर कब्जा करने का आरोप है, लेकिन करोड़ोें की जमीन पर कब्जा करने वाले ज्यादातर बड़े खिलाड़ी पुलिस से मिलकर खेल करने में लगे हैं।
टॉप-10 पर भी अभी नहीं हुई कार्रवाई
आंवला के रोहतापुर गांव के तीन भाइयों जरनैल सिंह, सतनाम सिंह, भगवान सिंह का नाम प्रशासन ने भूमाफिया के तौर पर चिह्नित करके शासन को भेजा है। तहसील मीरगंज के गोराहेमराजपुर मजरा गोरालोकनाथपुर के रहने वाले विजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम गुजराही, तहसील सदर, सत्यपाल निवासी राजपुर कलां, तहसील आंवला, छत्रपाल सिंह, निवासी मुड़िया चेतराम, तहसील सदर, विनोद कुमार सिंह, निवासी हैवतपुर, तहसील सदर, जमीर पुत्र अमीर अहमद, अब्दुल खालिक पुत्र अब्दुल हमीद, निवासी कस्बा और तहसील बहेड़ी, बाबू पुत्र सुखलाल, घासीराम पुत्र उमराय, मुकंदी पुत्र अल्लू, बाबूउद्दीन पुत्र ताजउद्दीन, श्रीकृष्ण पुत्र छेंदालाल, सुंदरलाल पुत्र कल्लू, पोथीराम पुत्र हीरालाल, मंगलीराम पुत्र हीरालाल, निवासी नौगंवा घाटमपुर, तहसील सदर, नारायण दास, निवासी ग्राम सूदनपुर, तहसील सदर का नाम टॉप-10 भूमाफिया की सूची में रखा गया है। इसके अलावा मुनीश कुमार, निवासी बहेड़ी का नाम भी प्रशासन ने भूमाफिया की सूची में शामिल किया है, लेकिन कार्रवाई अभी किसी पर नहीं हुई है।
विज्ञापन
बिल्डर पर प्रेमनगर और कोतवाली में भी दर्ज है रिपोर्ट
बिल्डर जगमोहन के खिलाफ प्रेमनगर थाने में 2014 में दो एफआईआर और 2016 में एसपी सिटी के निर्देश पर एक और रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं कोतवाली में 2017 में आशीर्वाद अग्रवाल की तरफ से रामपुर गार्डन के पास वाटिका की जमीन पर कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इज्जतनगर थाने में आशुतोष सिटी के प्लाट के फर्जी बैनामा की रिपोर्ट भी दर्ज है।
विज्ञापन
शहर की आशुतोष सिटी निवासी पंकज मिश्रा, उसके भाई पीयूष मिश्रा, संजयनगर निवासी हरीश कनौजिया को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया गया है। इन लोगों पर जमीनों में हेराफेरी के कई मामले दर्ज हैं। पंकज ने एक सोसाइटी के सचिव की हैसियत से एक प्लाट को कई-कई बार बेच दिया। यही हरीश कनौजिया ने किया। छह महीने के लिए इसी सोसाइटी के सचिव का काम हरीश ने देखा। प्लाटों की बिक्री के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी होती रही। नतीजन पीड़ितों ने एफआईआर दर्ज करा दीं। ऑफिसर एन्क्लेव कर्मचारी नगर निवासी रमेश मौर्य, उसके भाई दिनेश मौर्य और सैदपुर हाकिंस निवासी हरीश कुमार तथा उसके भाई उमाशंकर का नाम भी भूमाफिया की सूची में शामिल किया गया है। नगर निगम ने तो भूमाफिया माफिया चिह्नित करने में सबसे बड़ा खेल किया है। किला थाने के रोठा गांव के रामेश्वर यादव, उनके बेटे पप्पू, रामवीर पुत्र नन्कू को 168 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा करने पर भूमाफिया बना दिया गया। थाना प्रेमनगर के ताजु, माधौबाड़ी हरिजन बस्ती की राजो का नाम भी नगर निगम की भूमाफिया की सूची में हैं। इन पर नगर निगम के र्क्वाटर और सड़क की 74 गज जमीन पर कब्जा करने का आरोप है, लेकिन करोड़ोें की जमीन पर कब्जा करने वाले ज्यादातर बड़े खिलाड़ी पुलिस से मिलकर खेल करने में लगे हैं।
विज्ञापन
टॉप-10 पर भी अभी नहीं हुई कार्रवाई
आंवला के रोहतापुर गांव के तीन भाइयों जरनैल सिंह, सतनाम सिंह, भगवान सिंह का नाम प्रशासन ने भूमाफिया के तौर पर चिह्नित करके शासन को भेजा है। तहसील मीरगंज के गोराहेमराजपुर मजरा गोरालोकनाथपुर के रहने वाले विजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम गुजराही, तहसील सदर, सत्यपाल निवासी राजपुर कलां, तहसील आंवला, छत्रपाल सिंह, निवासी मुड़िया चेतराम, तहसील सदर, विनोद कुमार सिंह, निवासी हैवतपुर, तहसील सदर, जमीर पुत्र अमीर अहमद, अब्दुल खालिक पुत्र अब्दुल हमीद, निवासी कस्बा और तहसील बहेड़ी, बाबू पुत्र सुखलाल, घासीराम पुत्र उमराय, मुकंदी पुत्र अल्लू, बाबूउद्दीन पुत्र ताजउद्दीन, श्रीकृष्ण पुत्र छेंदालाल, सुंदरलाल पुत्र कल्लू, पोथीराम पुत्र हीरालाल, मंगलीराम पुत्र हीरालाल, निवासी नौगंवा घाटमपुर, तहसील सदर, नारायण दास, निवासी ग्राम सूदनपुर, तहसील सदर का नाम टॉप-10 भूमाफिया की सूची में रखा गया है। इसके अलावा मुनीश कुमार, निवासी बहेड़ी का नाम भी प्रशासन ने भूमाफिया की सूची में शामिल किया है, लेकिन कार्रवाई अभी किसी पर नहीं हुई है।
विज्ञापन
बिल्डर पर प्रेमनगर और कोतवाली में भी दर्ज है रिपोर्ट
बिल्डर जगमोहन के खिलाफ प्रेमनगर थाने में 2014 में दो एफआईआर और 2016 में एसपी सिटी के निर्देश पर एक और रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं कोतवाली में 2017 में आशीर्वाद अग्रवाल की तरफ से रामपुर गार्डन के पास वाटिका की जमीन पर कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इज्जतनगर थाने में आशुतोष सिटी के प्लाट के फर्जी बैनामा की रिपोर्ट भी दर्ज है।